रामानुजगंज। केंद्र सरकार की नीतियों एवं प्रमुख मांगों को लेकर बुधवार को जिलेभर में औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर दवा दुकानें बंद रहीं। देशव्यापी बंद का बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में व्यापक असर देखने को मिला। जिले के अधिकांश केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया। औषधि विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि संघ द्वारा प्रशासन के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषयों की ओर आकर्षित किया गया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, एनआरएक्स दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति पर नियंत्रण करने तथा जीएसआर 817(E) एवं जीएसआर 220(E) जैसी अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग की। संघ का कहना है कि ऑनलाइन माध्यमों से नकली दवाओं की आपूर्ति होने की आशंका बढ़ रही है, वहीं छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। औषधि विक्रेताओं ने कहा कि यह केवल व्यापार का विषय नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कोविड महामारी के दौरान दवा व्यापारियों ने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।ज्ञापन सौंपने के दौरान अजय गुप्ता, डॉ. विजय सोनी, उल्लास सोनी, हिमांशु गुप्ता, अश्विनी गुप्ता, दिव्यांशु, कृष्णा ठाकुर, गणेश मिस्त्री, इम्तियाज आलम, अफरोज आलम, मिथलेश गुप्ता, रेयाजुदिन आलम एवं आफताब सहित कई दवा व्यापारी उपस्थित रहे।

