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May 2026

जनगणना 2027 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) का कार्य 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। कलेक्टर ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य के कुशलतापूर्वक संपन्न होने पर अभूतपूर्व सहयोग के लिए जिले के समस्त नागरिकों को धन्यवाद दिया है। यह राष्ट्रीय अभियान भविष्य के भारत और राज्य के विकास की ठोस नींव तैयार करेगा।
जिले में प्रथम चरण के तहत 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक प्रगणकों ने सभी ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी एकत्रित की है। इस दौरान परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के उत्तर संकलित किए गए, जिनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी शामिल थी, जिसे अब भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रख लिया गया है। आम नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। संकलित किए गए इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा यथोचित समय पर इन्हें जारी किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में प्रथम चरण का यह कार्य व्यापक स्तर पर 12 तहसीलों के अंतर्गत 643 ग्रामों और 05 नगरीय निकायों में पूरा किया गया है। इसके लिए 12 ग्रामीण और 05 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनके अंतर्गत 1305 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक शामिल थे। इस कार्य को संपन्न करने हेतु जिले में कुल 1496 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें 3 जिला स्तरीय अधिकारी, 5 अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, 17 चार्ज अधिकारी, 19 तकनीकी सहायक, 2 मास्टर ट्रेनर, 31 फील्ड ट्रेनर, 1214 प्रगणक तथा 187 पर्यवेक्षक शामिल थे। इस दौरान प्रगणकों द्वारा जिले के सभी क्षेत्रों को पूर्ण रूप से कवर किया गया।
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का कार्य जो कि फरवरी 2027 से संपादित किया जाएगा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने उक्त कार्य के लिए भी नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

1314.53 लाख रुपये की लागत से होगा नहर विस्तार।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पिपरोल में किसानों के लिए बड़ी सौगात के रूप में काशीसोत व्यपवर्तन योजना के नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, जनपद अध्यक्ष बलरामपुर सुश्री सुमित्रा चेरवा, जनपद अध्यक्ष रामचंद्रपुर श्री मुंद्रिका सिंह, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर, जिला पंचायत सदस्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी   आनंद राम नेताम, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन अधिकारी एन पी डहरिया, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे।
इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के लिए शासन द्वारा 1314.53 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत मुख्य नहर का निर्माण एवं विस्तार 5920 मीटर तथा माइनर नहर का विस्तार 9910 मीटर लंबाई में किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को वर्षभर बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
योजना से खरीफ सीजन में 500 हेक्टेयर तथा रबी सीजन में 150 हेक्टेयर सहित कुल 650 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इससे लगभग 150 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नहर विस्तार से पिपरोल एवं सेंदुर क्षेत्र के किसानों को वर्षभर खेती का अवसर मिलेगा। उन्होंने किसानों को धान के साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती अपनाने, मिश्रित खेती को बढ़ावा देने तथा जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि नहर परियोजना से केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि नहर विस्तार कार्य से विशेष रूप से रबी फसलों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को इसका दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

किसानों के हित में प्रशासन सख्त,1150 बोरी अवैध यूरिया जब्त।

बलरामपुर, रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में जिले में उर्वरकों के अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जांच एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अपर कलेक्टर श्री चेतन बोरघरिया के नेतृत्व में संयुक्त टीम द्वारा विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम जरहाडीह स्थित आदर्श सेवा कृषि केंद्र का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान गोदाम में लगभग 1150 बोरी यूरिया अवैध रूप से भंडारित पाई गई। संबंधित संचालक से उर्वरक भंडारण संबंधी वैध दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने एवं प्राथमिक जांच में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया गया।
अपर कलेक्टर बोरघरिया ने कहा है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहगी।

बलरामपुर डीईओ पर कार्रवाई कब,विभागीय जांच के बावजूद पदस्थापना पर उठे सवाल ।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने के बावजूद पदोन्नति एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब यह मामला राज्यपाल सचिवालय तक पहुंच चुका है, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्यपाल सचिवालय लोक भवन रायपुर द्वारा पत्र क्रमांक 1/342624/2026/1898/शि.प्र. रायपुर दिनांक 17 मार्च 2026 को सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग नवा रायपुर को एक महत्वपूर्ण पत्र प्रेषित किया गया है। यह पत्र राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा ट्रस्ट भारत के प्रदेश संगठन सचिव जोन तिर्की की शिकायत के आधार पर भेजा गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्री मनीराम यादव के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित होने के बावजूद उन्हें पदोन्नति तथा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी का दायित्व सौंपा गया, जो शासन के नियमों और प्रशासनिक नैतिकता के विपरीत है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्री यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार, फर्जी बिल भुगतान तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। आरोप है कि विभागीय स्तर पर कई मामलों में संदिग्ध भुगतान किए गए, जिनकी जांच की मांग समय-समय पर उठती रही है। बावजूद इसके, उन पर अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
प्रदेश संगठन सचिव श्री जोन तिर्की ने राज्यपाल सचिवालय को भेजे गए ज्ञापन में मांग की है कि श्री यादव के खिलाफ लंबित जांच प्रतिवेदन एवं पालन प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाए तथा दोष सिद्ध होने की स्थिति में तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में प्रभावशाली अधिकारियों के संरक्षण के कारण जांच प्रक्रिया धीमी कर दी जाती है, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों को राहत मिलती रहती है।
इधर, राज्यपाल सचिवालय से पत्र जारी होने के बाद शिक्षा विभाग में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब निगाहें स्कूल शिक्षा सचिव पर टिकी हुई हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट में आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं, तो श्री यादव के खिलाफ निलंबन से लेकर पदावनति अथवा अन्य कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
बलरामपुर जिले के शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों के बीच भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। कई शिक्षकों का कहना है कि यदि किसी अधिकारी पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हों और उसके खिलाफ जांच जारी हो, तो उसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी देना गलत संदेश देता है। इससे विभाग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ लोग इसे राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का परिणाम भी मान रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राज्यपाल सचिवालय के हस्तक्षेप के बाद शिक्षा विभाग कोई ठोस कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। प्रदेशभर के शिक्षा विभाग के कर्मचारी और आमजन इस मामले पर शिक्षा सचिव के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल, श्री मनीराम यादव के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन राज्यपाल सचिवालय से जारी पत्र ने इस पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त पदों हेतु आवेदन आमंत्रित।

बलरामपुर, जिला शिक्षा अधिकारी सह सचिव, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति, द्वारा जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय पदों की पूर्ति हेतु संविदा भर्ती की जानी है। इच्छुक अभ्यर्थी 25 मई से 09 जून 2026 तक संयुक्त जिला कार्यालय के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
संविदा भर्ती हेतु जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों बलरामपुर, रामानुजगंज, वाड्रफनगर, सेमरा-कुसमी, राजपुर, शंकरगढ़, रघुनाथनगर, रामचंद्रपुर, डौरा एवं चलगली में रिक्त पदों पर संविदा भर्ती की जानी है। जिसमें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बलरामपुर में सहायक शिक्षक कला (अंग्रेजी) 01 पद, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय रामानुजगंज में व्याख्याता (अंग्रेजी) 01 पद एवं सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय वाड्रफनगर में व्याख्याता भौतिकी 01 पद, व्याख्याता वाणिज्य 01 पद एवं व्यायाम शिक्षक 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय कुसमी में सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय राजपुर में व्याख्यता हिन्दी 01 पद, सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद एवं सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय शंकरगढ़ में व्याख्याता जीव विज्ञान के 01 पद एवं शिक्षक संस्कृत के 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रघुनाथनगर में व्याख्याता सामाजिक विज्ञान 01 पद, शिक्षक सामाजिक विज्ञान 01 पद, शिक्षक अंग्रेजी 01 पद, सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रामचन्द्रपुर में व्याख्याता सामाजिक विज्ञान 01 पद, शिक्षक विज्ञान 01 पद, सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय चलगली में व्याख्याता 01 पद, सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय डौरा में सहायक शिक्षक कला समूह 01 पद की भर्ती की जानी है।
भर्ती हेतु अभ्यर्थियों के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त होना अनिवार्य रखा गया है। संबंधित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता के अनुसार आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिले के वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।

भीषण सड़क हादसे में पांच घायल, तीन की हालत गंभीर

रामानुजगंज-प्रतापपुर मार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में एक ही गांव के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। दुर्घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी लोग ग्राम पंचायत भवानीपुर निवासी थे जो किराए की वाहन से धार्मिक दर्शन के लिए बस राजकुंवर गए हुए थे। दर्शन कर वापस लौटने के दौरान रामानुजगंज-प्रतापपुर सड़क मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन चालक राजकुमार कथित रूप से शराब के नशे में था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में तेज रफ्तार वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, जिसके बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए चलगली अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने तीन लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जलदूत ऐप के माध्यम से भू-जल स्तर मापन हेतु ग्राम प्रशिक्षण आयोजित।

बलरामपुर,भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में जिले में सभी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायक, सचिव के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में जलदूत ऐप के माध्यम से ग्राम पंचायतों के प्रत्येक ग्राम में स्थित खुले कुओं के जल स्तर का प्री-मानसून 2026 अवधि का वास्तविक डाटा अपलोड करने संबंधी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जलदूत ऐप के माध्यम से प्रतिवर्ष मानसून वर्षा प्रारंभ होने से पहले एवं बाद की स्थिति का डाटा कैप्चर किया जाता है, जिससे भू-जल स्तर में होने वाले परिवर्तन का आकलन किया जा सके। प्रशिक्षण में भू-जल स्तर को जमीन की सतह से मापने, प्रत्येक मापन के समय एक ही माप बिंदु से जल स्तर की गहराई दर्ज करने तथा मापन के लिए मेजरिंग टेप का उपयोग करने की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही फोटो अपलोड करने, मोबाइल नंबर सही-सही दर्ज करने तथा ऐप में तकनीकी जानकारी सावधानीपूर्वक भरने के संबंध में भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सही एवं वास्तविक डाटा अपलोड होने से भू-जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर वन विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान।

बलरामपुर। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा जिले में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वनमण्डलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन में “हमारी जैव विविधता, हमारा भविष्य” एवं “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य” थीम पर किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करना रहा, जिनका सकारात्मक प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे। इस अवसर पर बलरामपुर जिले की समृद्ध जैव विविधता, वन्य जीवों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के संबंध में विद्यार्थियों और आमजन को जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों द्वारा जैव विविधता के महत्व, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वन विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल बलरामपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्लोगन, निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन से जुड़े प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर उप वनमण्डलाधिकारी अनिल सिंह पैकरा, मो. अकीफ, सहायक वन संरक्षक आलोक जायसवाल सहित वन परिक्षेत्राधिकारी बलरामपुर, राजपुर एवं चांदो तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रामानुजगंज में मिली 96 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि।

बलरामपुर-रामानुजगंज के जिले में पहला पांडुलिपि रामानुजगंज मध्य बाजार निवासी श्री रामेश्वर प्रसाद गुप्ता के घर से 96 वर्ष पुरानी एक अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपि प्राप्त हुई है।

ज्ञानभारतम अभियान की जिला स्तरीय समिति के नोडल अधिकारी रामपथ यादव, सहायक नोडल संजय कुमार गुप्ता और जिला ग्रंथपाल राजकुमार शर्मा ने रामेश्वर गुप्ता परिवार के निवास पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक पांडुलिपि का सूक्ष्म अवलोकन किया।

पांडुलिपि के संरक्षक रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि यह अमूल्य धरोहर उनके दादाजी श्री लक्ष्मी प्रसाद रौनियार द्वारा आज से 96 वर्ष पूर्व हस्तलिखित की गई थी, जिसे परिवार ने आज तक बेहद सहेज कर रखा है। इसमें रामानुजगंज की जीवनदायिनी कन्हर नदी में आई ऐतिहासिक बाढ़ का सजीव वर्णन है। मां शारदा की भक्ति स्तुति, भैरवी, द्रौपदी का विनय, गजल, दोहा, चौगोला और दादरा जैसी विविध विधाओं का समावेश है। पांडुलिपि में अत्यंत कलात्मक ढंग से एक वंश-वृक्ष को भी चित्रित किया गया है।

अवलोकन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पांडुलिपि की हस्तलिपि और लेखन शैली की सुंदरता अत्यंत विशिष्ट और विस्मयकारी है। मौके पर मौजूद एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जगदलपुर) से आए प्रभारी अधिकारी हरनेक सिंह ने इस दुर्लभ पांडुलिपि के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर इसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया।

प्रशासन ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके पास कोई प्राचीन ग्रंथ, पांडुलिपि या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे इसकी सूचना जिला स्तरीय समिति को दें ताकि हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जा सके।

अवैध खाद भंडारण पर राजस्व एवं कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई।

बलरामपुर। जिले में अवैध खाद भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 बोरी डीएपी खाद जप्त की है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान के निर्देशन में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम नरसिंहपुर में की गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने गांव में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया, जहां भारी मात्रा में डीएपी खाद का अवैध भंडारण पाया गया। जांच के दौरान बसंत जायसवाल, छत्रपाल तथा कमलावती जायसवाल के मकानों में 100-100 बोरी डीएपी खाद सहित कुल 300 बोरी खाद भंडारित मिली। अधिकारियों द्वारा खाद से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

पूछताछ में सभी ने बताया कि उक्त खाद ग्राम खुखरी निवासी खाद विक्रेता संदीप जायसवाल की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे संदीप जायसवाल ने खाद अपना होना स्वीकार किया, लेकिन वे भी खाद भंडारण एवं परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

दस्तावेजों के अभाव में संयुक्त टीम ने समस्त 300 बोरी डीएपी खाद को जप्त कर आवश्यक कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राजपुर नरेंद्र कंवर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आशीष सिंहा राजपुर सहित राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम उपस्थित रही।