ग्रामीणों का आरोप—रोज कट रहे 20-30 एकड़ जंगल, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल; रेंजर ने कहा- 27 अगस्त को हटाया था अतिक्रमण, दोबारा कब्जा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के वन परिक्षेत्र रामानुजगंज अंतर्गत महावीरगंज सर्कल के गम्हरिया बीट में जंगल की अवैध कटाई और वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर वन भूमि को कृषि योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 200 से 300 एकड़ क्षेत्र में जंगल साफ किए जाने की स्थिति सामने आई है।
बताया जा रहा है कि ग्राम गम्हरिया के वन क्षेत्र में नारंगी वन भूमि एवं जंगल मद की जमीन पर साल, तेंदू, महुआ और सीधा सहित अन्य प्रजातियों के हजारों हरे पेड़ों की कटाई की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों को काटने के बाद वन भूमि पर खेती के लिए कब्जा किया जा रहा है और यह सिलसिला लगातार जारी है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय जागरूक ग्रामीणों का कहना है कि वन कटाई और अतिक्रमण की जानकारी वन विभाग के मैदानी अमले से लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय तक कई बार दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक बीट गार्ड तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी को फोन और मौखिक रूप से शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा तो लेती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण रोजाना नए क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर प्रतिदिन 20 से 30 एकड़ तक जंगल साफ किए जाने का दावा किया जा रहा है।
वन विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि 27 अगस्त को मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमणकारियों द्वारा दोबारा वन भूमि पर कब्जा किया गया है तो उनके विरुद्ध जल्द नोटिस जारी किया जाएगा तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि यदि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई जारी है तो विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। सैकड़ों एकड़ जंगल साफ किए जाने के ग्रामीणों के दावे की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह वन संरक्षण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर अवैध कटाई पर रोक लगाने, अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

