Sat. Oct 24th, 2026

NEWS DESK

लोक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर होगी कड़ी निगरानी।

बलरामपुर,जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर राजेन्द्र कटारा एवं पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त बैठक ली। बैठक में आगामी त्यौहारों, सीमावर्ती चेकपोस्टों की निगरानी, अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बैठक में कहा कि जिले की कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी असामाजिक गतिविधि पर सतत निगरानी बनाएं रखे। उन्होंने सभी को समन्वय के साथ सजगता और सतर्कता से कार्य करने को कहा। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में अन्य विषयों पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, श्री अभिषेक गुप्ता सहित राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मानवता का मिसाल बने पूर्व उपाध्यक्ष बी डी लाल गुप्ता।

बलरामपुर जिले के नगर रामानुजगंज में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली, जब एक गंभीर रूप से घायल अज्ञात महिला की समय रहते मदद कर उसकी जान बचाने का प्रयास किया गया। यह सराहनीय कार्य वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता एवं पूर्व उपाध्यक्ष बी डी लाल गुप्ता द्वारा किया गया, जिनकी तत्परता और मानवीय संवेदना की स्थानीय लोगों ने खूब प्रशंसा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामानुजगंज स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप सड़क पर एक महिला खून से लथपथ अवस्था में पड़ी हुई थी। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिससे उसके सिर में गहरी चोट आई थी। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र तो हो गए थे, लेकिन घायल महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई तत्काल पहल नहीं कर पा रहा था।
इसी दौरान बी डी लाल गुप्ता अपने पुत्र के साथ रामचंद्रपुर से रामानुजगंज लौट रहे थे। रास्ते में भीड़ देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रोकी और स्थिति का जायजा लिया। जैसे ही उन्हें महिला की गंभीर हालत का पता चला, उन्होंने बिना देर किए इंसानियत का परिचय देते हुए महिला को अपनी डस्टर कार में बैठाया और तत्काल रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचकर उन्होंने चिकित्सकों से महिला के त्वरित उपचार का आग्रह किया, जिसके बाद डॉ. प्रजापति ने तुरंत इलाज प्रारंभ किया। समय पर मिली सहायता से महिला को प्राथमिक उपचार मिल सका।
स्थानीय लोगों ने बी डी लाल गुप्ता की इस मानवीय पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उनकी संवेदनशीलता समाज के लिए एक प्रेरणा है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची मानवता वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंद की मदद के लिए आगे बढ़े।

जन्मदिन की बधाई या चापलूसी की मिठाई भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मनाया गया जन्म दिवस।

रामानुजगंज स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्म दिवस के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह और हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केक काटकर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और एकजुटता का प्रदर्शन किया।
हालांकि समारोह के दौरान कुछ ऐसे दृश्य भी सामने आए, जिन्होंने चर्चा को जन्म दे दिया। कुछ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के फोटो पर तिलक लगाकर और प्रतीकात्मक रूप से केक खिलाते हुए दिखाई दिए। इस तरह की गतिविधियों को लेकर उपस्थित लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे पार्टी के प्रति निष्ठा और सम्मान का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इसे फोटो में आने की होड़ या अत्यधिक चापलूसी का प्रदर्शन माना।

वहीं दूसरी ओर, कुछ वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं ने जन्म दिवस को सेवा और सादगी के साथ मनाने का संदेश दिया। उन्होंने रामानुजगंज के 100 स्तरीय अस्पताल पहुंचकर मरीजों और परिजनों के बीच फल वितरण किया तथा उनके स्वास्थ्य की कामना की। इस पहल को कई लोगों ने सकारात्मक और जनसेवा से जुड़ा कदम बताया। जन्म दिवस के इस आयोजन ने पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को लेकर भी चर्चा को जन्म दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी संगठन ऐसे आयोजनों में किस प्रकार के कार्यकर्ताओं को अधिक महत्व देता है—प्रदर्शन आधारित उत्साह दिखाने वालों को या सेवा आधारित सादगी को अपनाने वालों को। कुल मिलाकर, यह आयोजन उत्सव के साथ-साथ विचार और मूल्य दोनों की चर्चा का कारण बन गया।

वार्षिक परीक्षा से पहले निरीक्षण की माँग, यात्रा फाउंडेशन ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्था यात्रा फाउंडेशन ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिला के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कराने की माँग की है। संस्था का कहना है कि वार्षिक परीक्षा से पूर्व विद्यालयों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जिले में आयोजित होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी विद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण कराया गया है या नहीं तथा विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय की समुचित पढ़ाई मिल रही है या नहीं। संस्था ने प्रशासन से निष्पक्ष जाँच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की अपील की है।

यात्रा फाउंडेशन ने यह भी माँग की कि जिन विद्यालयों में पाठ्यक्रम अधूरा है, वहाँ अतिरिक्त कक्षाएँ संचालित कराई जाएँ और परीक्षा से पहले आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। इसके साथ ही सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिकायत पेटी लगाने की भी माँग की गई है, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याएँ सीधे दर्ज करा सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो सके।

संस्था के आशीष गुप्ता और पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों के शिक्षा सुधार के संकल्प, विशेषकर माननीय विधायक एवं कृषि मंत्री रामविचार नेतम की मंशा के अनुरूप प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करेगा।

संस्था ने विश्वास जताया कि समय रहते निरीक्षण और सुधारात्मक कदम उठाए जाने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और परीक्षा परिणामों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान यात्रा फाउंडेशन से आशीष गुप्ता, अंकित गुप्ता, अभय जायसवाल, कृष्णा पासवान, निखिल गुप्ता, आयुष गुप्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

जिले के 16 हजार 157 परीक्षार्थी होंगे शामिल 59 परीक्षा केन्द्रों में होगी परीक्षा DEO।

बलरामपुर रामानुजगंज जिला शिक्षा अधिकारी एम आर यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि बलरामपुर जिले में , छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 20 फरवरी से प्रारंभ होगा और यह परीक्षा 18 मार्च 2026 तक चलेगा। इसी प्रकार हाईस्कूल मुख्य परीक्षा 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक होगी। इन परीक्षाओं के लिए प्रातः 09 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिले में 59 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, जानकारी के अनुसार जहां 10वीं के 9235 एवं 12वीं के 6922 कुल 16 हजार 157 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों में सतत निगरानी, निरीक्षण एवं अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने हेतु जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय निरीक्षण दल का गठन भी किया गया है। जो सतत रूप से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

बोर्ड परीक्षा के दृष्टिगत ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्णतः प्रतिबंध।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी 2026 से प्रारम्भ हो रही है। प्रायः यह देखा जाता है कि विभिन्न दलों, संगठनों तथा आम जनता द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जाता है, जिसकी ऊंची आवाज से विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न होता है। उपरोक्त वर्णित तथ्यों पर विचार करते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राजेन्द्र कटारा द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-5 अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्र(लाउडस्पीकर) को चलाया या चलवाया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

विशेष परिस्थितियों में क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी/तहसीलदार/नायब तहसीलदार से अनुमति उपरान्त ही मध्यम आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकेगा, किंतु रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे के बीच ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा की समाप्ति तक सम्पूर्ण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रभावशील रहेगी।

अब प्रत्येक सोमवार को होगी समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक।

बलरामपुर सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार बलरामपुर रामानुजगंज जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने तथा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए साप्ताहिक समय-सीमा बैठक के आयोजन में परिवर्तन किया गया है। जारी निर्देशानुसार अब संयुक्त जिला कार्यालय भवन, बलरामपुर के सभाकक्ष में आयोजित होने वाली समय-सीमा की बैठक प्रत्येक मंगलवार के स्थान पर प्रत्येक सोमवार को प्रातः 10ः00 बजे आयोजित की जाएगी।

इस संबंध में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने सभी विभाग प्रमुखों एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभाग की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट एवं आवश्यक जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।

समय-सीमा बैठक के पश्चात कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनदर्शन कार्यक्रम में भी सभी जिला अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

जनचौपाल में प्राप्त शिकायत पर पंचायत सचिव निलंबित।

जनचौपाल में बलरामपुर जिला पंचायत सीईओ के समक्ष रिखू राम पिता भाको द्वारा ग्राम चैनपुर के पंचायत सचिव स्पात राम के विरूद्ध प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत स्वीकृत आवास हेतु प्राप्त प्रथम एवं द्वितीय किश्त की कुल राशि 01 लाख रुपये आवास बनवाये जाने हेतु लिये जाने एवं उसके पश्चात भी आवास नहीं बनाये जाने के संबंध में शिकायत किया गया।

प्राप्त शिकायत के संबंध में मौके पर उपस्थित सरपंच ग्राम पंचायत चैनपुर एवं उपस्थित ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा तैयार कराया गया। जिसमें पंचायत सचिव के द्वारा राशि लिये जाने के संबंध में लेख है। मौके पर उपस्थित पंचायत सचिव से भी उपरोक्त शिकायत के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण लिया गया। पंचायत सचिव द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया कि हितग्राही रिखू राम का आवास उनके द्वारा बनाया जा रहा है। जिसका कार्य प्लिंथ लेवल तक हुआ है। साथ ही हितग्राही से 01 लाख रूपये लेना स्वीकार किया गया। इस प्रकार प्राप्त शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। स्पात राम, पंचायत सचिव का उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम तीन (1) (2) (3) के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है।
उनके उक्त कृत्य के लिए स्पात राम को पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत् जिला पंचायत सीईओ के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कुसमी में संलग्न किया गया है।निलंबन अवधि में श्री स्पात राम को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

रामानुजगंज सुशासन के प्रतीक अटल परिसर का भव्य लोकार्पण।

रामानुजगंज के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए, कैबिनेट मंत्री  रामविचार नेताम ने रामानुजगंज में नवनिर्मित श्अटल परिसरश् का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में स्थापित भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम विशेष रूप से उपस्थित रहीं। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर स्वागत गीत ष्सांसों की सरगम गाए… सुस्वागतमष् के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  नेताम ने रामानुजगंज को एक श्मॉडल नगरश् के रूप में विकसित करने की बात कही। ’उन्होंने पूर्व में हुए कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वे समय में’ तय किए गए मॉडल के अनुरूप ही आज नगर में सड़कों का जाल बिछा है और बड़े पैमाने पर रिनोवेशन व नाली निर्माण के कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि वार्डों में पेयजल, बिजली और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी और विकास कार्यों में आने वाली किसी भी बाधा का समन्वय कर समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से जनसेवा करने और क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर एवं विकसित बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष राम अग्रवाल ने श्अटल परिसरश् के लोकार्पण को सुशासन का संदेश बताया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के प्रयासों से रामानुजगंज विकास की नई इबारत लिख रहा है, जहाँ शिक्षा, चिकित्सा, और बुनियादी सुविधाएँ हर घर तक पहुँचाई जा रही हैं। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री नेताम के द्वारा 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार सहित समस्त पार्षद गण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नगरवासी उपस्थित थे।

विधानसभा के दृष्टिगत अवकाश पर प्रतिबंध जिला कलेक्टर।

बलरामपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम विधानसभा का अष्टम सत्र सोमवार 23 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर शुक्रवार 20 मार्च 2026 तक आहुत किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा उक्त विधानसभा सत्र के सफल संचालन एवं आवश्यक शासकीय कार्यों के निर्वहन को दृष्टिगत रखते हुए आदेश जारी होने की तिथि से 20 मार्च 2026 तक जिले में पदस्थ समस्त शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

विधानसभा सत्र की अवधि में समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने कार्यालय/मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे। अत्यावश्यक कार्य अथवा अपरिहार्य परिस्थितियों में अवकाश पर जाना अथवा मुख्यालय छोड़ना आवश्यक होने की स्थिति में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के अवकाश की स्वीकृति संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख द्वारा दी जाएगी तथा जिला स्तरीय अधिकारियों के अवकाश की स्वीकृति कलेक्टर से पूर्व में लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्धारित अनुमति प्राप्त किए बिना कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।