Fri. Oct 23rd, 2026

छत्तीसगढ़

नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को दिया गया प्रमाण पत्र

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में जनपद पंचायत राजपुर, कुसमी एवं शंकरगढ़ में 17 फरवरी को मतदान संपन्न हुआ। जिसके तहत जिला पंचायत सदस्य हेतु हुए मतदान के लिए आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ व  रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर की उपस्थिति में सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशानुसार रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के द्वारा नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
पहले चरण में हुए जिला पंचायत सदस्य के मतगणना में जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-09 से निर्वाचित सदस्य कुमारी संजीता, क्षेत्र क्रमांक-10 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती हिरामुनी निकुंज, क्षेत्र क्रमांक-11 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती गीता पैकरा, क्षेत्र क्रमांक-12 से निर्वाचित सदस्य श्री सिद्धनाथ पैकरा, क्षेत्र क्रमांक-13 से निर्वाचित सदस्य श्री रविप्रताप मरावी तथा क्षेत्र क्रमांक-14 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती अनार सिंह को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस अवसर पर रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती तोमर, ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी है।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय, उप संचालक पंचायत सुश्री स्टेला खलखो, मास्टर ट्रेनर व प्राचार्य शासकीय नवीन महाविद्यालय बलरामपुर प्रो. एन.के. देवांगन, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी-अधिकारी सहित सहित प्रत्याशी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही

बलरामपुर,महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि  विकासखंड रामचंद्रपुर के सनावल थाना क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रोके जाने का प्रयास किया गया था। किंतु जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नाबालिग वर एवं नाबालिग वधु का विवाह जानबूझकर विधि विरुद्ध संपन्न कराया गया है। समिति द्वारा दोनों पक्षों को बाल विवाह न करने के लिए समझाइश दी गई थी, बावजूद इसके, विवाह में उपस्थित लोगों ने उन्हें बाल विवाह हेतु प्रोत्साहित कर विवाह संपन्न करवाया।

उक्त कृत्य बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इस आधार  पर विवाह में शामिल संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत कठोर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ की गई है।

महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया है कि इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति बाल-विवाह करवाता है या इसको बढ़ावा देता है और या फिर बाल विवाह करवाने में सहायता करता है ,तो उसे दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा है कि उनके आस-पास किसी नाबालिग का विवाह करवाया जा रहा है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1098 पर तुरंत सूचना दें। ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

जिला एवं पुलिस प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जिससे बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें  ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।

जिले के नगरीय निकाय चुनाव  में 79.85 प्रतिशत मतदान

नगरीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुआ सम्पन्न

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2025 में नगर पालिक परिषद बलरामपुर एवं नगर पालिका रामानुजगंज तथा नगर पंचायत  वाड्रफनगर, राजपुर व कुसमी में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ। जिले के पांचों नगरीय निकाय चुनाव में कुल 79.85 प्रतिशत् मतदान हुआ जिसमें नगर पालिका परिषद् बलरामपुर में 80.16 प्रतिशत, नगर पालिका परिषद रामानुजगंज में 78.82 व नगर पंचायत वाड्रफनगर में 81.47, राजपुर में 83.95 व कुसमी में 77.72 प्रतिशत् मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।  नगरीय निकाय निर्वाचन में नये युवा मतदाताओं में अपने प्रतिनिधि चुनने तथा लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने हेतु गजब का उत्साह देखा गया। मतदान केन्द्रों में दिव्यांग, वयोवृद्ध एवं महिला मतदाताओं द्वारा भी उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया, साथ ही मतदाताओं ने सेल्फी वोटर जोन में फोटो भी खिंचवाई। सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेक्टर अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी तैनात थे तथा उन्होंने लगातार अपने क्षेत्रों में घूमकर शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराया।

निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह को मिल रहे समर्थन ने चुनावी माहौल को रोचक बना दिया है। फिर भी सवाल यह है कि क्या यह समर्थन चुनावी परिणामों में तब्दील हो पाएगा।

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में सत्ताधारी पार्टी और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के मुकाबले निर्दलीय उम्मीदवार की स्थिति काफी अलग होती है। राजनीतिक दलों के पास संसाधन, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी प्रचार-प्रसार की ताकत होती है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को इन सबकी कमी होती है। बावजूद इसके, राहुल जीत सिंह ने अपनी सहजता, पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

राहुल जीत सिंह को जो समर्थन मिल रहा है, वह मुख्यतः उन लोगों से आ रहा है जो पारंपरिक पार्टी राजनीति से निराश हैं। इन लोगों के लिए राहुल एक नया विकल्प प्रतीत हो रहे हैं, जिनकी छवि एक ईमानदार और निष्कलंक नेता की बन रही है। इन समर्थकों का कहना है कि राहुल को जनता का सच्चा प्रतिनिधि मानते हुए उन्होंने अपना समर्थन दिया है। साथ ही, वे यह भी मानते हैं कि राहुल जीत सिंह का नगर के विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी कार्यशैली उनकी लोकप्रियता में इजाफा कर रही है।

इसके बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह समर्थन वोटों में बदल पाएगा। अक्सर चुनावी माहौल में देखा जाता है कि लोग उम्मीदवारों के प्रति अपनी सहमति तो व्यक्त करते हैं, लेकिन मतदान के दिन कई अन्य कारणों से उनका रुख बदल जाता है। राजनीतिक दलों के दबाव, उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार की ताकत और पुराने राजनीतिक समीकरणों के कारण कई बार निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाते।

रामानुजगंज जैसे छोटे शहर में वोटरों की मानसिकता भी अहम भूमिका निभाती है। यहाँ के लोग पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं, और उनकी सोच में बदलाव लाना सरल नहीं होता। हालांकि, राहुल जीत सिंह की छवि एक युवा, ऊर्जावान और नई सोच वाले नेता के रूप में बन रही है, जो बदलाव की बात करता है, लेकिन यह जानना जरूरी होगा कि क्या यह नया जोश मतदान के दिन वोट में तब्दील हो पाएगा।

जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।

भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल द्वारा निकाले गए जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल ने जब अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज किया, तो उनका जुलूस स्थानीय जनसमर्थन का केन्द्र बन गया। इस जुलूस में भाजपा के साथ साथ अन्य समर्थक भी शामिल हुए, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देख कर प्रभावित हुए। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसे क्षेत्रीय राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।रमन अग्रवाल की चुनावी यात्रा के दौरान, उनका जुलूस पूरे शहर में फैल गया और सड़कों पर भारी संख्या में लोग एकजुट हो गए। उनके समर्थकों की संख्या देखकर यह साफ हो गया कि भाजपा के लिए चुनावी मैदान में जीत की संभावनाएं मजबूत हैं। हालांकि, जुलूस के दौरान एक दिलचस्प स्थिति सामने आई जब कई विरोधी भी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के समर्थन में थे।

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह घटना बड़ी अहमियत रखती है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय राजनीति में गुटबाजी और आपसी मतभेद आम बात हो, रमन अग्रवाल की अगुवाई में यह जुलूस एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बन गया। सभी भाजपा यों को इस जुलूस में शामिल होना यह संकेत देता है कि वे भी रमन अग्रवाल की नीतियों और उनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित हैं। इसके अलावा, यह रमन अग्रवाल के पक्ष में एक सशक्त संदेश भी देता है कि उनहों ने स्थानीय मुद्दों को समझते हुए जनहित के लिए कइ ठोस कदम उठाए हैं।

इस जुलूस में असंतुष्ट नेता रमन अग्रवाल के समर्थन में खुलकर सामने आए, जिन्होंने अपनी पार्टी की गुटबाजी और अंतर्कलह को छोड़ दिया। यह संकेत है कि रामानुजगंज में भाजपा की स्थिति अब सिर्फ एक पार्टी के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यापक जन समर्थन के रूप में मजबूत हो रही है।

इस जुलूस ने स्थानीय राजनीति में नए समीकरण स्थापित किए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समर्थन का कितना असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा। रमन अग्रवाल के समर्थकों और स्थानीय जनता के बीच बढ़ती नजदीकी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के लिए नगरीय निकाय चुनावों में एक सकारात्मक संकेत है। इस जुलूस के बाद, उनकी जीत की संभावना और भी अधिक मजबूत नजर आ रही है।

इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि भाजपा की बढ़ती ताकत और विरोधी लोगो का उनके समर्थन में आना आगामी दिनों में कई और राजनीतिक घटनाओं को जन्म दे सकता है। रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में अब तक की स्थिति भाजपा के पक्ष में नजर आ रही है, लेकिन अंतिम परिणामों का निर्धारण आगामी जनसंपर्क और रणनीतियों पर निर्भर

करेगा।

 

भाजपा में गुटबाजी, कांग्रेस में नाराजगी, क्या निर्दलीय मारेगा बाजी?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव: भाजपा में गुटबाजी, कांग्रेस में नाराजगी, क्या निर्दलीय मारेगा बाजी?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव के साथ ही राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों में गुटबाजी और नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे निर्दलीय प्रत्याशी के उभरने की संभावना प्रबल हो रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी के बीच खींचतान के बीच नगरवासी आशंकित हैं कि कहीं निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह बाजी न मार लें।

भा.ज.पा. के प्रत्याशी रमन अग्रवाल के चुनावी मैदान में उतरने के बाद से ही भाजपा में गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है। कुछ नेता रमन अग्रवाल को अपना समर्थन दे रहे हैं, वहीं कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि उन्हें मौका नहीं दिया गया और वे असंतुष्ट हैं। पार्टी के भीतर की यह गुटबाजी चुनावी रणनीति पर असर डाल सकती है, क्योंकि एकजुट पार्टी की जगह कई गुटों का होना चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

वहीं कांग्रेस में भी स्थिति ठीक नहीं है। कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी के रूप में मधु गुप्ता को नामित किया गया है, लेकिन उनके चयन को लेकर पार्टी में अंदर ही अंदर नाराजगी फैल रही है। कुछ कार्यकर्ता और नेता इसे अनुचित मानते हैं और उनका कहना है कि उनकी स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया है। इस नाराजगी का असर पार्टी के चुनावी अभियान पर पड़ सकता है और यदि यह असंतोष बढ़ता है तो कांग्रेस के लिए जीत मुश्किल हो सकती है।

राजनीतिक दलों के बीच गुटबाजी और नाराजगी के चलते अब नगरवासी यह सोचने लगे हैं कि क्या किसी निर्दलीय प्रत्याशी को इस चुनाव में जीतने का मौका मिलेगा।

निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह का नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है। उन्होंने चुनाव प्रचार में सक्रियता दिखाते हुए लोगों से सीधा संपर्क किया है और अपनी जनहित की योजनाओं को सामने रखा है। उनका सरल और निष्पक्ष छवि नगरवासियों को आकर्षित कर रही है।

निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह का कहना है कि वे न किसी पार्टी के दबाव में हैं, न ही गुटबाजी का हिस्सा। उनका उद्देश्य केवल नगरवासियों की सेवा करना है। उनका यह दृष्टिकोण उन लोगों के लिए आकर्षक बन गया है जो पार्टी राजनीति से ऊब चुके हैं और बदलाव की चाहत रखते हैं।अंततः, रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच गुटबाजी और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। इसके चलते निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह की स्थिति मजबूत होती जा रही है। यदि यह स्थिति बनी रही, तो निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मुकाबला जीतने में सफल हो सकते हैं। चुनाव परिणाम तो केवल समय ही बताएगा, लेकिन अब यह साफ है कि रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में एक नया मोड़आ सकता है।

 

क्या भाजपा के जमीन पर चुनावी फसल काटना चाहते है कांग्रेसी ?

क्या भाजपा के जमीन पर चुनावी फसल काटना चाहते है कांग्रेसी ?

रामानुजगंज नगर परिषद चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो चुका है। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों पर नगर वासी तीखे आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी पर परिवारवाद और व्यापारी होने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी पर भ्रष्टाचार और तानाशाही जैसे गंभीर आरोप हैं। इस राजनीतिक संघर्ष में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता और नेता अपनी-अपनी प्रत्याशियों का पक्ष लेने में जुटे हुए हैं, और यह मामला हर दिन नए मोड़ पर पहुंचता जा रहा है।
भाजपा समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहते हैं और हर समाज की जरूरतों को समझते हुए काम करते हैं। और कांग्रेसी सिर्फ चुनावी फसल काटना चाहते हैं। भाजपा का दावा है कि उनकी पार्टी को जनता का विश्वास प्राप्त है, क्योंकि पार्टी के जनप्रतिनिधि जनता से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। भाजपा समर्थकों के मुताबिक, उनके नेताओं की यह कड़ी मेहनत और जमीन पर काम करने की शैली ही उन्हें चुनावी जीत दिलवाती है।
इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप यह हैं कि उनके जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही जनता के बीच आते हैं और बाकी समय में उनका कहीं कोई पता नहीं चलता। कांग्रेस के नेताओं पर यह भी आरोप है कि वे पार्टी में अपने परिवार के लोगों को ही प्रमुख पदों पर बैठाते हैं और बाक़ी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हैं। इस कारण पार्टी के भीतर ही असंतोष की स्थिति बनती है और उनके जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी सवालों के घेरे में रहती है।
कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में यह भी कहा जा रहा है कि जब चुनाव का समय आता है, तब ही पार्टी के नेता जनता को याद करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी सक्रियता में कमी आ जाती है। साथ ही यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि कांग्रेस में पार्टी के कई उम्मीदवारों को इस आधार पर चुना जाता है कि वे पार्टी के करीबी और परिवार से संबंधित होते हैं, न कि उनकी कार्यक्षमता के आधार पर।
इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प बनता जा रहा है, और यह तय करना मुश्किल है कि इस बार रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में जीत किसकी होगी।

अवैध रेत भण्डारण पर एसडीएम ने की कार्यवाही

बलरामपुर जिले में रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देश पर राजस्व एवं खनिज विभाग के द्वारा कार्यवाही की जा रही है तथा मैदानी अमला भी सक्रियता व गंभीरता के साथ अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्यवाही में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर श्री राजीव जेम्स कुजूर ने अवैध रेत भंडारण की सूचना के बाद ग्राम सिंगचौरा में छापेमारी की कार्यवाही करते हुए एक जेसीबी, हाईवा व अवैध रूप से भण्डारित 10200 घन फीट रेत जप्त कर अवैध रेत भण्डारण का प्रकरण दर्ज किया है।
गौरतलब है कि ग्रामीणों के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री राजीव जेम्स कुजूर को रेत के अवैध भण्डारण की सूचना मिली थी और सूचना प्राप्त होने के बाद वे मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से अवैध रेत के सम्बंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री पंकज गुप्ता के द्वारा अवैध रेत उत्खनन कर गांव सिंगचौरा में रेत का अवैध भण्डारण किया गया था, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने रेत, जेसीबी व हाईवा को जब्त कर आवश्यक कार्यवाही की गई है।

रामानुजगंज कृषि विस्तार अधिकारी जगलाल एक्वा द्वारा किए जा रहे हैं।

रामानुजगंज कृषि विस्तार अधिकारी, जगलाल एक्वा द्वारा उन्नत किस्म टमाटर की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उनका यह प्रयास किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने और उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से है। जगलाल एक्वा ने किसानों के लिए उन्नत किस्म के टमाटर की खेती के महत्व को समझाते हुए इसे क्षेत्रीय किसानों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनाने का कार्य किया है।

कृषि विस्तार अधिकारी ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर के बीजों से एक प्रयोगात्मक खेती शुरू की। इस खेती का उद्देश्य केवल किसानों को उन्नत तकनीकों से परिचित कराना नहीं था, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना था कि ये तकनीकें कृषि क्षेत्र में अच्छे परिणाम दें। उन्होंने लगभग 15 डिसमिल क्षेत्र में इस उन्नत किस्म के टमाटर की खेती की शुरुआत की, ताकि किसानों को इसके फायदों का वास्तविक अनुभव हो सके।जगलाल एक्वा ने बताया कि यह प्रयोगात्मक खेती काफी सफल रही है और किसानों को अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की खेती में टमाटर की किस्में अधिक पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जिससे उपज का गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ती हैं। इसके अलावा, इन टमाटरों की बाजार में मांग भी अधिक रहती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।

कृषि विस्तार अधिकारी ने आगे बताया कि उन्होंने इस खेती के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग किया, जैसे कि उन्नत सिंचाई प्रणाली, जैविक खाद का प्रयोग, और रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन। इन सभी उपायों ने टमाटर की खेती को और भी प्रभावी बना दिया और किसानों को यह समझ में आया कि कैसे वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके अपनी कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं। जगलाल एक्वा के इस प्रयास ने किसानों में एक नई उम्मीद जगाई है और उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि उन्नत कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करने से वे न केवल अपनी कृषि उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपने जीवन स्तर को भी बेहतर बना सकते हैं। अब किसानों के बीच उन्नत किस्म की खेती को लेकर जागरूकता और रुचि बढ़ी है, और वे इसे अपनाने के लिए तैयार हैं।

कृषि विस्तार अधिकारी जगलाल एक्वा का यह प्रयास कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है। उनका उद्देश्य केवल किसानों की कृषि क्षमता को बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी है, ताकि वे अपने कड़ी मेहनत से अपने जीवन को बेहतर बना सकें। उनके द्वारा शुरू की गई इस उन्नत किस्म टमाटर की खेती की परियोजना निश्चित रूप से भविष्य में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

 

फर्जी दस्तावेज से भूमि बिक्री का मामला,न्यायालय का आदेश

सरगुजा जिले के ग्राम दर्रीडीह तहसील लुण्ड्रा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासीभूमि को गैर-आदिवासियों को बेचने का मामला सामने आया है।

 

न्यायालय कलेक्टर द्वारा सख्त आदेश जारी किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार मामले में नायब तहसीलदार रघुनाथपुर को FIR दर्ज कराने आदेशित किया गया है। नगर पालिक निगम अंबिकापुर के महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद आलोक दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत सुमेरपुर के ग्राम दर्रीडीह में स्थित खसरा नंबर 48/2, रकबा 0.210 हेक्टेयर की भूमि, जो एक आदिवासी की थी,

उसे दस्तगीर नामक व्यक्ति ने फर्जी राजस्व बोर्ड आदेश तैयार कर 25 लाख रुपये में गैर-आदिवासी व्यक्तियों (सलीम जावेद,बिजेंद्र गुप्ता) को बेच दिया गया था।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य।शिकायत की जांच नायब तहसीलदार रघुनाथपुर और अनुविभागीय अधिकारी  धौरपुर द्वारा की गई।

जांच में पुष्टि हुई कि उक्त भूमि गैर-मजरूआ शासकीय परती भूमि थी और इसे संहिता की धारा 165 (7) (ख) के तहत कलेक्टर की अनुमति के बिना बेचा गया। साथ ही, सलीम जावेद पिता अब्दुल सत्तार द्वारा कूटरचित आदेश प्रस्तुत कर आदिवासी भूमि को गैर-आदिवासी के नाम स्थानांतरित करा लिया गया,जो पूरी तरह अवैध है।

भूमि शासकीय मद में होगी दर्ज होगी सख्तकार्रवाई:

कलेक्टर 30 जनवरी 2025 को न्यायालय कलेक्टर ने आदेश पारित कर भूमि के समस्त अंतरण को संहिता की धारा 165 (10) के तहत शून्य एवं अमान्य घोषित कर दिया। इसके साथ ही, भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज करने और आरोपी सलीम जावेदके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने का आदेश दिया गया।

न्यायालय कलेक्टर ने नायब तहसीलदार रघुनाथपुर को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।