नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को दिया गया प्रमाण पत्र
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में जनपद पंचायत राजपुर, कुसमी एवं शंकरगढ़ में 17 फरवरी को मतदान संपन्न हुआ।
जिसके तहत जिला पंचायत सदस्य हेतु हुए मतदान के लिए आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला पंचायत सीईओ व रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर की उपस्थिति में सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा की गई। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशानुसार रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के द्वारा नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
पहले चरण में हुए जिला पंचायत सदस्य के मतगणना में जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-09 से निर्वाचित सदस्य कुमारी संजीता, क्षेत्र क्रमांक-10 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती हिरामुनी निकुंज, क्षेत्र क्रमांक-11 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती गीता पैकरा, क्षेत्र क्रमांक-12 से निर्वाचित सदस्य श्री सिद्धनाथ पैकरा, क्षेत्र क्रमांक-13 से निर्वाचित सदस्य श्री रविप्रताप मरावी तथा क्षेत्र क्रमांक-14 से निर्वाचित सदस्य श्रीमती अनार सिंह को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। इस अवसर पर रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती तोमर, ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी है।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय, उप संचालक पंचायत सुश्री स्टेला खलखो, मास्टर ट्रेनर व प्राचार्य शासकीय नवीन महाविद्यालय बलरामपुर प्रो. एन.के. देवांगन, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी-अधिकारी सहित सहित प्रत्याशी एवं जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

उक्त कृत्य बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इस आधार पर विवाह में शामिल संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत कठोर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ की गई है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2025 में नगर पालिक परिषद बलरामपुर एवं नगर पालिका रामानुजगंज तथा नगर पंचायत वाड्रफनगर, राजपुर व कुसमी में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ। जिले के पांचों नगरीय निकाय चुनाव में कुल 79.85 प्रतिशत् मतदान हुआ जिसमें नगर पालिका परिषद् बलरामपुर में 80.16 प्रतिशत, नगर पालिका परिषद रामानुजगंज में 78.82 व नगर पंचायत वाड्रफनगर में 81.47, राजपुर में 83.95 व कुसमी में 77.72 प्रतिशत् मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। नगरीय निकाय निर्वाचन में नये युवा मतदाताओं में अपने प्रतिनिधि चुनने तथा लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने हेतु गजब का उत्साह देखा गया। मतदान केन्द्रों में दिव्यांग, वयोवृद्ध एवं महिला
मतदाताओं द्वारा भी उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया, साथ ही मतदाताओं ने सेल्फी वोटर जोन में फोटो भी खिंचवाई। सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेक्टर अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी तैनात थे तथा उन्होंने लगातार अपने क्षेत्रों में घूमकर शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराया।
रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में सत्ताधारी पार्टी और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के मुकाबले निर्दलीय उम्मीदवार की स्थिति काफी अलग होती है। राजनीतिक दलों के पास संसाधन, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी प्रचार-प्रसार की ताकत होती है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को इन सबकी कमी होती है। बावजूद इसके, राहुल जीत सिंह ने अपनी सहजता, पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
इसके बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह समर्थन वोटों में बदल पाएगा। अक्सर चुनावी माहौल में देखा जाता है कि लोग उम्मीदवारों के प्रति अपनी सहमति तो व्यक्त करते हैं, लेकिन मतदान के दिन कई अन्य कारणों से उनका रुख बदल जाता है। राजनीतिक दलों के दबाव, उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार की ताकत और पुराने राजनीतिक समीकरणों के कारण कई बार निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाते।
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह घटना बड़ी अहमियत रखती है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय राजनीति में गुटबाजी और आपसी मतभेद आम बात हो, रमन अग्रवाल की अगुवाई में यह जुलूस एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बन गया। सभी भाजपा यों को इस जुलूस में शामिल होना यह संकेत देता है कि वे भी रमन अग्रवाल की नीतियों और उनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित हैं। इसके अलावा, यह रमन अग्रवाल के पक्ष में एक सशक्त संदेश भी देता है कि उनहों ने स्थानीय मुद्दों को समझते हुए जनहित के लिए कइ ठोस कदम उठाए हैं।
इस जुलूस ने स्थानीय राजनीति में नए समीकरण स्थापित किए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समर्थन का कितना असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा। रमन अग्रवाल के समर्थकों और स्थानीय जनता के बीच बढ़ती नजदीकी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के लिए नगरीय निकाय चुनावों में एक सकारात्मक संकेत है। इस जुलूस के बाद, उनकी जीत की संभावना और भी अधिक मजबूत नजर आ रही है।
रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव के साथ ही राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों में गुटबाजी और नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे निर्दलीय प्रत्याशी के उभरने की संभावना प्रबल हो रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी के बीच खींचतान के बीच नगरवासी आशंकित हैं कि कहीं निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह बाजी न मार लें।
भा.ज.पा. के प्रत्याशी रमन अग्रवाल के चुनावी मैदान में उतरने के बाद से ही भाजपा में गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है। कुछ नेता रमन अग्रवाल को अपना समर्थन दे रहे हैं, वहीं कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि उन्हें मौका नहीं दिया गया और वे असंतुष्ट हैं। पार्टी के भीतर की यह गुटबाजी चुनावी रणनीति पर असर डाल सकती है, क्योंकि एकजुट पार्टी की जगह कई गुटों का होना चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
वहीं कांग्रेस में भी स्थिति ठीक नहीं है। कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी के रूप में मधु गुप्ता को नामित किया गया है, लेकिन उनके चयन को लेकर पार्टी में अंदर ही अंदर नाराजगी फैल रही है। कुछ कार्यकर्ता और नेता इसे अनुचित मानते हैं और उनका कहना है कि उनकी स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया है। इस नाराजगी का असर पार्टी के चुनावी अभियान पर पड़ सकता है और यदि यह असंतोष बढ़ता है तो कांग्रेस के लिए जीत मुश्किल हो सकती है।
निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह का कहना है कि वे न किसी पार्टी के दबाव में हैं, न ही गुटबाजी का हिस्सा। उनका उद्देश्य केवल नगरवासियों की सेवा करना है। उनका यह दृष्टिकोण उन लोगों के लिए आकर्षक बन गया है जो पार्टी राजनीति से ऊब चुके हैं और बदलाव की चाहत रखते हैं।अंततः, रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच गुटबाजी और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। इसके चलते निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह की स्थिति मजबूत होती जा रही है। यदि यह स्थिति बनी रही, तो निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मुकाबला जीतने में सफल हो सकते हैं। चुनाव परिणाम तो केवल समय ही बताएगा, लेकिन अब यह साफ है कि रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में एक नया मोड़आ सकता है।
भाजपा समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहते हैं और हर समाज की जरूरतों को समझते हुए काम करते हैं। और कांग्रेसी सिर्फ चुनावी फसल काटना चाहते हैं। भाजपा का दावा है कि उनकी पार्टी को जनता का विश्वास प्राप्त है, क्योंकि पार्टी के जनप्रतिनिधि जनता से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। भाजपा समर्थकों के मुताबिक, उनके नेताओं की यह कड़ी मेहनत और जमीन पर काम करने की शैली ही उन्हें चुनावी जीत दिलवाती है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर श्री राजीव जेम्स कुजूर ने अवैध रेत भंडारण की सूचना के बाद ग्राम सिंगचौरा में छापेमारी की कार्यवाही करते हुए एक जेसीबी, हाईवा व अवैध रूप से भण्डारित 10200 घन फीट रेत जप्त कर अवैध रेत भण्डारण का प्रकरण दर्ज किया है।

उसे दस्तगीर नामक व्यक्ति ने फर्जी राजस्व बोर्ड आदेश तैयार कर 25 लाख रुपये में गैर-आदिवासी व्यक्तियों (सलीम जावेद,बिजेंद्र गुप्ता) को बेच दिया गया था।
न्यायालय कलेक्टर ने नायब तहसीलदार रघुनाथपुर को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।