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April 2025

ढुलू राम ने कि 9 साल में 10 शादियां, आरोपी भेजा गया जेल।

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ढुलू राम ने बीते 9 वर्षों में 10 शादियां कीं और हाल ही में अपनी 10वीं पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी को मार डाला और फिर शव को जंगल में फेंक दिया

घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब गांव के कोटवार ने रोपा-क्यारी नाले के पास एक महिला का सड़ा-गला शव देखा। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की मौत सिर पर गंभीर वार के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी ढुलू राम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी बरामद कर लिया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि उसकी पिछली पत्नियों का क्या हुआ, क्योंकि 9 साल में 10 शादियों का यह सिलसिला सामान्य नहीं माना जा रहा। फिलहाल ढुलू राम की इस खौफनाक करतूत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

सजगता से करें कार्रवाई: बलरामपुर कलेक्टर श्री कटारा।

बलरामपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन की निगरानी को लेकर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने खनिज विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि चेक पोस्टों पर तैनात अमला पूरी सजगता से कार्य करें।

 

उन्होंने कहा कि अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिए चेक पोस्टों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए, वाहनों की नियमित जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी चेक पोस्ट पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए – डॉ गांगले।

प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी डॉ भीमराव आम्बेडकर जी की 134 वी जन्म जयंती कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मनाई गई जिसमें डॉ लखन गांगले ने बताया कि आम्बेडकर कोई व्यक्ति नही बल्कि एक विचारधारा हैं जिसे हम सब को समझना होगा आम्बेडकर जी ने सदैव सर्व हित के लिए कार्य किया वे किसी एक तबके या समाज के नेता नही बल्कि सभी वर्गों का विकास करने वाली शख्शियत थी। 

 

उन्होंने कहा कि किस प्रकार बाबा साहेब का जीवन विप्पतियों से गुजरा हैं जिन विपत्तियों को दूर करने का शिक्षा ही मात्र ऐसा उपाय हैं जो व्यक्ति के जीवन मे बदलाव लाता हैं ओर शिक्षित व्यक्ति समाज मे अपनी अलग जगह स्थापित करता हैं बाबा साहब कहते थे कि व्यक्ति का जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए अर्थात हम सभी को कर्म की प्रधानता रखनी चाहिए ताकि जीवन मे हमे लोग हमारे अच्छे कामो से याद कर सके,

 

सीएम हाउस का घेराव करने की तैयारी में कांग्रेसी ।

छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस 21 अप्रैल को सीएम हाउस का घेराव करने की तैयारी में है। मिली जानकारी के अनुसार इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में वरिष्ठ नेताओं, ब्लाक अध्यक्षों तथा रायपुर के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री निवास के घेराव को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई.पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जवाबदेही सौंपी गई है.

कानून व्यवस्था और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री निवास घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये सभी को पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया.

इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, प्रभारी महामंत्री मलकित सिंह गैदू, एआईसीसी पूर्व सचिव विकास उपाध्याय, पंकज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष महेन्द्र सिंह छाबड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद चौबे, मदन तालेड़ा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, कन्हैया अग्रवाल, शहर जिला अध्यक्ष गिरिश दुबे, पूर्व महापौर ऐजाज ढेबर, महामंत्री दीपक मिश्रा, सकलेन कमादार, शिव सिंह ठाकुर, श्री कुमार मेमन, सीमा वर्मा, शारिक रईस खान, अजय अग्रवाल, मो. सिद्दीक, प्रशांत ठेंगड़ी, नवीन चंद्राकर, उपस्थित रहे ।

जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते किसान परेशान ।

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर बह रहा है। लाखों लीटर पानी। जबकि हर वर्ष नहर रिपेयरिंग के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन नहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर की सफाई सही तरीके से कर दी जाए तो कई एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। मगर विभागीय उदासीनता के कारण आज भी किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। इस संबंध में जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से सवाल किया गया तो उन्होंने सफाई दी कि नहर के कुछ हिस्सों में पत्थर होने के कारण पूरी तरह सफाई संभव नहीं हो पा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब करोड़ों की लागत से जलाशय बनाया जा सकता है, तो लाखों रुपए की रिपेयरिंग राशि से पत्थर कटाई क्यों नहीं करवाई जा सकती।

ग्रामीणों का आरोप है कि भंवर माल जलाशय की नहर सफाई के नाम पर हर साल विभाग द्वारा फर्जी लाखों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन काम धरातल पर नहीं दिखता। यह भ्रष्टाचार की सीधी तस्वीर है और जांच का विषय भी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गड़बड़ी पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या नहीं। किसानों को न्याय के साथ पानी मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा।

 

 

जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते किसान परेशान हैं।

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त, किसान पानी के लिए त्रस्त।

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने के कारण सड़क पर बह रहा है। लाखों लीटर पानी। जबकि हर वर्ष नहर रिपेयरिंग के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन नहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर की सफाई सही तरीके से कर दी जाए तो कई एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। मगर विभागीय उदासीनता के कारण आज भी किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। इस संबंध में जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से सवाल किया गया तो उन्होंने सफाई दी कि नहर के कुछ हिस्सों में पत्थर होने के कारण पूरी तरह सफाई संभव नहीं हो पा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब करोड़ों की लागत से जलाशय बनाया जा सकता है, तो लाखों रुपए की रिपेयरिंग राशि से पत्थर कटाई क्यों नहीं करवाई जा सकती।
ग्रामीणों का आरोप है कि भंवर माल जलाशय की नहर सफाई के नाम पर हर साल विभाग द्वारा फर्जी लाखों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन काम धरातल पर नहीं दिखता।
यह भ्रष्टाचार की सीधी तस्वीर है और जांच का विषय भी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गड़बड़ी पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या नहीं। किसानों को न्याय के साथ पानी मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा।

पूर्व एल्डरमेन सोमू चेक बाउंस मामले में गिरफ्तार।

मनेन्द्रगढ़ जिले के एमसीबी थाना झगराखांड क्षेत्र से एक पुराने चेक बाउंस मामले में पूर्व एल्डरमेन सोमू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था, जिसमें मुकेश अग्रवाल नामक व्यक्ति ने सोमू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, आरोपी सोमू ने मुकेश अग्रवाल को एक चेक दिया था। जब मुकेश ने उक्त चेक को बैंक में जमा किया, तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने झगराखांड थाने में चेक बाउंस के तहत मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि मामला काफी समय से लंबित था, लेकिन हाल ही में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए गिरफ्तारी की। चेक बाउंस जैसी आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की यह कार्रवाई आम नागरिकों के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही है।

इस गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि कानून से बचना आसान नहीं है और आर्थिक मामलों में पारदर्शिता व ज़िम्मेदारी ज़रूरी है। पुलिस की तत्परता और न्याय व्यवस्था की सक्रियता से भविष्य में ऐसे मामलों में कमी आने की उम्मीद की जा रही है।

 

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त, किसान पानी के लिए त्रस्त।

रामानुजगंज: जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते किसान परेशान हैं। भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने के कारण लाखों लीटर पानी सड़क पर बह रहा है। जबकि हर वर्ष नहर रिपेयरिंग के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन नहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नहर की सफाई सही तरीके से कर दी जाए तो कई एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। मगर विभागीय उदासीनता के कारण आज भी किसान पानी के लिए तरस रहे हैं।

इस संबंध में जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से सवाल किया गया तो उन्होंने सफाई दी कि नहर के कुछ हिस्सों में धारी पत्थर होने के कारण पूरी तरह सफाई संभव नहीं हो पा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जब करोड़ों की लागत से जलाशय बनाया जा सकता है, तो लाखों रुपए की रिपेयरिंग राशि से पत्थर कटाई क्यों नहीं करवाई जा सकती?

ग्रामीणों का आरोप है कि भंवर माल जलाशय की नहर सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन काम धरातल पर नहीं दिखता। यह भ्रष्टाचार की सीधी तस्वीर है और जांच का विषय भी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गड़बड़ी पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करता है या नहीं। किसानों को न्याय मिलेगा या नहीं, यह आने वाला समय बताए गा।

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त,किसान पानी के लिए त्रस्त।

रामानुजगंज के भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने से सड़क पर बह रहा है लाखों लीटर पानी. जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की देन मानी जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, यदि नहर की सफाई सही ढंग से कर दी जाए, तो हजारों एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और क्षेत्र के कई किसान लाभान्वित हो सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में नहर रिपेयरिंग के नाम पर विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन नहर की स्थिति आज भी जस की तस है, जिससे यह साफ होता है कि कार्य सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। नहर की सफाई के अभाव में जलाशय से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

इस विषय पर जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से पूछा गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नहर के कुछ हिस्सों में धारी पत्थर होने के कारण पूरी तरह से सफाई नहीं हो पा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि जब करोड़ों की लागत से भंवर माल जलाशय का निर्माण किया जा सकता है, तो क्या लाखों रुपये खर्च करके पत्थरों की कटाई नहीं की जा सकती थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है और लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं। यह संपूर्ण मामला जांच का विषय है। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचारियों पर कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य कई मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, किसान पानी के लिए तरस रहे हैं और जल संसाधन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

 

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त, किसान पानी के लिए त्रस्त।

रामानुजगंज के भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की देन मानी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि नहर की सफाई सही ढंग से कर दी जाए, तो हजारों एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और क्षेत्र के कई किसान लाभान्वित हो सकते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में नहर रिपेयरिंग के नाम पर विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन नहर की स्थिति आज भी जस की तस है, जिससे यह साफ होता है कि कार्य सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। नहर की सफाई के अभाव में जलाशय से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

इस विषय पर जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से पूछा गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नहर के कुछ हिस्सों में धारी पत्थर होने के कारण पूरी तरह से सफाई नहीं हो पा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि जब करोड़ों की लागत से भंवर माल जलाशय का निर्माण किया जा सकता है, तो क्या लाखों रुपये खर्च करके पत्थरों की कटाई नहीं की जा सकती थी।स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है और लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं। यह संपूर्ण मामला जांच का विषय है। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचारियों पर कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य कई मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, किसान पानी के लिए तरस रहे हैं और जल संसाधन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।