किसानों के हित में प्रशासन सख्त,1150 बोरी अवैध यूरिया जब्त।
बलरामपुर, रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में जिले में उर्वरकों के अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जांच एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अपर कलेक्टर श्री चेतन बोरघरिया के नेतृत्व में संयुक्त टीम द्वारा विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम जरहाडीह स्थित आदर्श सेवा कृषि केंद्र का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान गोदाम में लगभग 1150 बोरी यूरिया अवैध रूप से भंडारित पाई गई। संबंधित संचालक से उर्वरक भंडारण संबंधी वैध दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने एवं प्राथमिक जांच में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया गया।
अपर कलेक्टर बोरघरिया ने कहा है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहगी।




मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राम प्रसाद नाग ने अपने छोटे भाई राजाराम नाग की तीन वर्षीय बेटी खुशी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास में इतना अंधा हो गया था कि उसने मासूम बच्ची को बलि चढ़ाने जैसा जघन्य अपराध कर डाला।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चाचा राम प्रसाद नाग को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गांववालों का कहना है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में इस तरह की घटनाएं पहले भी सुनने में आई हैं, लेकिन इतनी निर्दयता से किसी मासूम की बलि चढ़ाने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस व प्रशासन लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने और जागरूक होने की अपील कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
मोहम्मद बख्श पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री राम विचार नेताम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा समर्थकों ने थाना रामानुजगंज में उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, 23 मार्च को हुए पंचायत चुनाव में उनके खिलाफ धांधली के आरोप लगाते हुए। पीठासीन अधिकारी द्वारा भी कई दिनों के बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, सवाल यह उठता है कि पीठासीन महोदय को इतने दिनों बाद याद क्यों आई जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
वहीं गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हथकड़ी लगाकर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल तक पैदल ले जाना क्या मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं है? क्या यह एक जनप्रतिनिधि के साथ न्यायोचित व्यवहार था, या फिर उनके प्रति बदले की भावना से किया गया कृत्य?
उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त फर्मों एवं लोगों के विरूद्ध आवश्यक रूप से कार्यवाही करें। उन्होंने जांच कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर क्रेशर प्लांट सील करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने जांच में सभी वाहनों में बिना पीटपास के खनिज परिवहन करने के कारण अवैध खनिज परिवहन पर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।