Fri. Oct 23rd, 2026

बड़ी खबर

किसानों के हित में प्रशासन सख्त,1150 बोरी अवैध यूरिया जब्त।

बलरामपुर, रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में जिले में उर्वरकों के अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार जांच एवं निरीक्षण किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अपर कलेक्टर श्री चेतन बोरघरिया के नेतृत्व में संयुक्त टीम द्वारा विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम जरहाडीह स्थित आदर्श सेवा कृषि केंद्र का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान गोदाम में लगभग 1150 बोरी यूरिया अवैध रूप से भंडारित पाई गई। संबंधित संचालक से उर्वरक भंडारण संबंधी वैध दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने एवं प्राथमिक जांच में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया गया।
अपर कलेक्टर बोरघरिया ने कहा है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहगी।

भीषण सड़क हादसे में पांच घायल, तीन की हालत गंभीर

रामानुजगंज-प्रतापपुर मार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में एक ही गांव के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। दुर्घटना की खबर मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी लोग ग्राम पंचायत भवानीपुर निवासी थे जो किराए की वाहन से धार्मिक दर्शन के लिए बस राजकुंवर गए हुए थे। दर्शन कर वापस लौटने के दौरान रामानुजगंज-प्रतापपुर सड़क मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन चालक राजकुमार कथित रूप से शराब के नशे में था। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में तेज रफ्तार वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्काल 102 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, जिसके बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए चलगली अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने तीन लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रामानुजगंज वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, वाहन चालक फरार।

रामानुजगंज। वन विभाग द्वारा अवैध लकड़ी तस्करी पर कड़ी निगरानी रखते हुए आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन तथा उपवनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज निखिल सक्सेना के नेतृत्व में टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रिंग रोड, रामानुजगंज स्थित संतोष कुमार गुप्ता गाड़ी गैरेज के पास एक संदिग्ध ट्रक कई घंटों से खड़ा है।

सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान वहां खड़े वाहन ट्रक क्रमांक CG 15 AC/5057 की तलाशी ली गई, जिसमें साल प्रजाति के 21 नग लट्ठे अवैध रूप से लोड पाए गए। ट्रक चालक की तलाश की गई, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं मिला और फरार हो गया। वन विभाग ने मौके पर ही पूरे माल सहित वाहन को कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई को भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 (1) ड व 52, तथा छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5 (1) एवं छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 की धारा 41 नियम (3) के तहत अंजाम दिया जा रहा है।जप्ती प्रक्रिया के दौरान विभागीय अमला विजय सिंह (उपवनक्षेत्रपाल), दयाशंकर सिंह, श्रीमती सुसन्ना भगत (वनपाल) तथा राजनाथ सिंह एवं  पिन्टू मालाकार (वनरक्षक)—मौजूद रहे और नियमानुसार संपूर्ण प्रक्रिया पूरी की गई। वन विभाग ने बताया कि अवैध लकड़ी तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में फरार चालक की तलाश जारी है। यह कार्रवाई वन विभाग की सजगता और क्षेत्र में बढ़ती अवैध कटाई पर रोक लगाने के लिए उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त,किसान पानी के लिए त्रस्त।

रामानुजगंज के भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने से सड़क पर बह रहा है लाखों लीटर पानी. जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की देन मानी जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, यदि नहर की सफाई सही ढंग से कर दी जाए, तो हजारों एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और क्षेत्र के कई किसान लाभान्वित हो सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में नहर रिपेयरिंग के नाम पर विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन नहर की स्थिति आज भी जस की तस है, जिससे यह साफ होता है कि कार्य सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। नहर की सफाई के अभाव में जलाशय से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

इस विषय पर जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से पूछा गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नहर के कुछ हिस्सों में धारी पत्थर होने के कारण पूरी तरह से सफाई नहीं हो पा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि जब करोड़ों की लागत से भंवर माल जलाशय का निर्माण किया जा सकता है, तो क्या लाखों रुपये खर्च करके पत्थरों की कटाई नहीं की जा सकती थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है और लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं। यह संपूर्ण मामला जांच का विषय है। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचारियों पर कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य कई मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, किसान पानी के लिए तरस रहे हैं और जल संसाधन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

 

जल संसाधन विभाग भ्रष्टाचार में मस्त, किसान पानी के लिए त्रस्त।

रामानुजगंज के भंवर माल जलाशय की नहर की सफाई नहीं होने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जल संसाधन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की देन मानी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि नहर की सफाई सही ढंग से कर दी जाए, तो हजारों एकड़ भूमि सिंचित हो सकती है और क्षेत्र के कई किसान लाभान्वित हो सकते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्षों में नहर रिपेयरिंग के नाम पर विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए गए। लेकिन नहर की स्थिति आज भी जस की तस है, जिससे यह साफ होता है कि कार्य सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। नहर की सफाई के अभाव में जलाशय से छोड़ा गया पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

इस विषय पर जब विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता से पूछा गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नहर के कुछ हिस्सों में धारी पत्थर होने के कारण पूरी तरह से सफाई नहीं हो पा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का तर्क है कि जब करोड़ों की लागत से भंवर माल जलाशय का निर्माण किया जा सकता है, तो क्या लाखों रुपये खर्च करके पत्थरों की कटाई नहीं की जा सकती थी।स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ है और लाखों रुपये हड़प लिए गए हैं। यह संपूर्ण मामला जांच का विषय है। लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचारियों पर कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य कई मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, किसान पानी के लिए तरस रहे हैं और जल संसाधन विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

अंधविश्वास के चलते चाचा ने की भतीजी की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार

जशपुर जिले के बागबहार थाना क्षेत्र के छातासराई पंचायत में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के कारण एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अंधविश्वास के चक्कर में अपनी ही भतीजी की निर्मम हत्या कर दी।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राम प्रसाद नाग ने अपने छोटे भाई राजाराम नाग की तीन वर्षीय बेटी खुशी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास में इतना अंधा हो गया था कि उसने मासूम बच्ची को बलि चढ़ाने जैसा जघन्य अपराध कर डाला।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चाचा राम प्रसाद नाग को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गांववालों का कहना है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में इस तरह की घटनाएं पहले भी सुनने में आई हैं, लेकिन इतनी निर्दयता से किसी मासूम की बलि चढ़ाने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस व प्रशासन लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने और जागरूक होने की अपील कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

 

मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी: राजनीतिक दबाव या न्यायिक प्रक्रिया।

रामचंद्रपुर के नव निर्वाचित जनपद सदस्य मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी भाजपा समर्थकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और पंचायत चुनाव में धांधली के आरोपों के बाद हुई। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या यह कार्रवाई कानून के दायरे में की गई, या फिर राजनीतिक दबाव का नतीजा है?
मोहम्मद बख्श पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री राम विचार नेताम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा समर्थकों ने थाना रामानुजगंज में उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, 23 मार्च को हुए पंचायत चुनाव में उनके खिलाफ धांधली के आरोप लगाते हुए। पीठासीन अधिकारी द्वारा भी कई दिनों के बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, सवाल यह उठता है कि पीठासीन महोदय को इतने दिनों बाद याद क्यों आई जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी केवल शिकायतों के आधार पर हुई या फिर इसके पीछे कोई और वजह है, यह स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन पर लगाए गए आरोप और फिर प्रशासन की तेजी से की गई कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या यह मामला केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, या फिर इसमें राजनीतिक प्रभाव भी शामिल है?

वहीं गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हथकड़ी लगाकर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल तक पैदल ले जाना क्या मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं है? क्या यह एक जनप्रतिनिधि के साथ न्यायोचित व्यवहार था, या फिर उनके प्रति बदले की भावना से किया गया कृत्य?

मोहम्मद बख्श की गिरफ्तारी पर राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच संतुलन की जरूरत है। अगर उनके खिलाफ आरोप सही हैं, तो कानून को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए, लेकिन अगर यह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है, तो यह लोकतंत्र के लिए एक चिंताजनक संकेत है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्यायिक प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे।

 

क्या अब होगी अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई कलेक्टर

बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने अवैध खनन पर लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त फर्मों एवं लोगों के विरूद्ध आवश्यक रूप से कार्यवाही करें। उन्होंने जांच कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर क्रेशर प्लांट सील करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने जांच में सभी वाहनों में बिना पीटपास के खनिज परिवहन करने के कारण अवैध खनिज परिवहन पर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, संयुक्त कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय, श्री प्रमोद गुप्ता, सर्व अनुविभागीय अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

रामानुजगंज उपाध्यक्ष पद के लिए कयासों का दौर तेज।

रामानुजगंज नगर पालिका चुनाव संपन्न होने के बाद अब नगर में उपाध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। विभिन्न राजनीतिक समीकरणों और गुटबाज़ी के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पद पर कौन काबिज होगा। हालाँकि, उपाध्यक्ष पद की दौड़ में कई प्रत्याशियों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार, नवनिर्वाचित पार्षद शीला जायसवाल इस रेस में सबसे आगे मानी जा रही हैं।

जानकारों का कहना है कि शीला जायसवाल के उपाध्यक्ष बनने की संभावना इसलिए भी प्रबल मानी जा रही है क्योंकि उनके पति मुकेश जायसवाल का नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल के साथ घनिष्ठ संबंध है। यह समीकरण उनके पक्ष में मजबूत आधार बना सकता है। नगर की राजनीति पर नज़र रखने वालों का मानना है कि इस गठजोड़ से शीला जायसवाल को अन्य दावेदारों की तुलना में बढ़त मिल सकती है।

हालांकि, इस पद के लिए अन्य दावेदार भी जोर-आजमाइश कर रहे हैं और यह देखना रोचक होगा कि अंतिम निर्णय किसके पक्ष में जाता है। नगरवासियों की भी इस चुनाव पर पैनी नजर है, क्योंकि उपाध्यक्ष पद नगर के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि रामानुजगंज नगर परिषद का अगला उपाध्यक्ष कौन होगा।