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2025

निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह को मिल रहे समर्थन ने चुनावी माहौल को रोचक बना दिया है। फिर भी सवाल यह है कि क्या यह समर्थन चुनावी परिणामों में तब्दील हो पाएगा।

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में सत्ताधारी पार्टी और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के मुकाबले निर्दलीय उम्मीदवार की स्थिति काफी अलग होती है। राजनीतिक दलों के पास संसाधन, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी प्रचार-प्रसार की ताकत होती है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को इन सबकी कमी होती है। बावजूद इसके, राहुल जीत सिंह ने अपनी सहजता, पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

राहुल जीत सिंह को जो समर्थन मिल रहा है, वह मुख्यतः उन लोगों से आ रहा है जो पारंपरिक पार्टी राजनीति से निराश हैं। इन लोगों के लिए राहुल एक नया विकल्प प्रतीत हो रहे हैं, जिनकी छवि एक ईमानदार और निष्कलंक नेता की बन रही है। इन समर्थकों का कहना है कि राहुल को जनता का सच्चा प्रतिनिधि मानते हुए उन्होंने अपना समर्थन दिया है। साथ ही, वे यह भी मानते हैं कि राहुल जीत सिंह का नगर के विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी कार्यशैली उनकी लोकप्रियता में इजाफा कर रही है।

इसके बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह समर्थन वोटों में बदल पाएगा। अक्सर चुनावी माहौल में देखा जाता है कि लोग उम्मीदवारों के प्रति अपनी सहमति तो व्यक्त करते हैं, लेकिन मतदान के दिन कई अन्य कारणों से उनका रुख बदल जाता है। राजनीतिक दलों के दबाव, उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार की ताकत और पुराने राजनीतिक समीकरणों के कारण कई बार निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाते।

रामानुजगंज जैसे छोटे शहर में वोटरों की मानसिकता भी अहम भूमिका निभाती है। यहाँ के लोग पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं, और उनकी सोच में बदलाव लाना सरल नहीं होता। हालांकि, राहुल जीत सिंह की छवि एक युवा, ऊर्जावान और नई सोच वाले नेता के रूप में बन रही है, जो बदलाव की बात करता है, लेकिन यह जानना जरूरी होगा कि क्या यह नया जोश मतदान के दिन वोट में तब्दील हो पाएगा।

जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।

भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल द्वारा निकाले गए जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल ने जब अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज किया, तो उनका जुलूस स्थानीय जनसमर्थन का केन्द्र बन गया। इस जुलूस में भाजपा के साथ साथ अन्य समर्थक भी शामिल हुए, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देख कर प्रभावित हुए। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसे क्षेत्रीय राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।रमन अग्रवाल की चुनावी यात्रा के दौरान, उनका जुलूस पूरे शहर में फैल गया और सड़कों पर भारी संख्या में लोग एकजुट हो गए। उनके समर्थकों की संख्या देखकर यह साफ हो गया कि भाजपा के लिए चुनावी मैदान में जीत की संभावनाएं मजबूत हैं। हालांकि, जुलूस के दौरान एक दिलचस्प स्थिति सामने आई जब कई विरोधी भी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के समर्थन में थे।

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह घटना बड़ी अहमियत रखती है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय राजनीति में गुटबाजी और आपसी मतभेद आम बात हो, रमन अग्रवाल की अगुवाई में यह जुलूस एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बन गया। सभी भाजपा यों को इस जुलूस में शामिल होना यह संकेत देता है कि वे भी रमन अग्रवाल की नीतियों और उनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित हैं। इसके अलावा, यह रमन अग्रवाल के पक्ष में एक सशक्त संदेश भी देता है कि उनहों ने स्थानीय मुद्दों को समझते हुए जनहित के लिए कइ ठोस कदम उठाए हैं।

इस जुलूस में असंतुष्ट नेता रमन अग्रवाल के समर्थन में खुलकर सामने आए, जिन्होंने अपनी पार्टी की गुटबाजी और अंतर्कलह को छोड़ दिया। यह संकेत है कि रामानुजगंज में भाजपा की स्थिति अब सिर्फ एक पार्टी के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यापक जन समर्थन के रूप में मजबूत हो रही है।

इस जुलूस ने स्थानीय राजनीति में नए समीकरण स्थापित किए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समर्थन का कितना असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा। रमन अग्रवाल के समर्थकों और स्थानीय जनता के बीच बढ़ती नजदीकी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के लिए नगरीय निकाय चुनावों में एक सकारात्मक संकेत है। इस जुलूस के बाद, उनकी जीत की संभावना और भी अधिक मजबूत नजर आ रही है।

इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि भाजपा की बढ़ती ताकत और विरोधी लोगो का उनके समर्थन में आना आगामी दिनों में कई और राजनीतिक घटनाओं को जन्म दे सकता है। रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में अब तक की स्थिति भाजपा के पक्ष में नजर आ रही है, लेकिन अंतिम परिणामों का निर्धारण आगामी जनसंपर्क और रणनीतियों पर निर्भर

करेगा।

 

भाजपा में गुटबाजी, कांग्रेस में नाराजगी, क्या निर्दलीय मारेगा बाजी?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव: भाजपा में गुटबाजी, कांग्रेस में नाराजगी, क्या निर्दलीय मारेगा बाजी?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव के साथ ही राजनीतिक माहौल में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों में गुटबाजी और नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे निर्दलीय प्रत्याशी के उभरने की संभावना प्रबल हो रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी के बीच खींचतान के बीच नगरवासी आशंकित हैं कि कहीं निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह बाजी न मार लें।

भा.ज.पा. के प्रत्याशी रमन अग्रवाल के चुनावी मैदान में उतरने के बाद से ही भाजपा में गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है। कुछ नेता रमन अग्रवाल को अपना समर्थन दे रहे हैं, वहीं कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि उन्हें मौका नहीं दिया गया और वे असंतुष्ट हैं। पार्टी के भीतर की यह गुटबाजी चुनावी रणनीति पर असर डाल सकती है, क्योंकि एकजुट पार्टी की जगह कई गुटों का होना चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

वहीं कांग्रेस में भी स्थिति ठीक नहीं है। कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी के रूप में मधु गुप्ता को नामित किया गया है, लेकिन उनके चयन को लेकर पार्टी में अंदर ही अंदर नाराजगी फैल रही है। कुछ कार्यकर्ता और नेता इसे अनुचित मानते हैं और उनका कहना है कि उनकी स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया है। इस नाराजगी का असर पार्टी के चुनावी अभियान पर पड़ सकता है और यदि यह असंतोष बढ़ता है तो कांग्रेस के लिए जीत मुश्किल हो सकती है।

राजनीतिक दलों के बीच गुटबाजी और नाराजगी के चलते अब नगरवासी यह सोचने लगे हैं कि क्या किसी निर्दलीय प्रत्याशी को इस चुनाव में जीतने का मौका मिलेगा।

निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह का नाम तेजी से चर्चा में आ रहा है। उन्होंने चुनाव प्रचार में सक्रियता दिखाते हुए लोगों से सीधा संपर्क किया है और अपनी जनहित की योजनाओं को सामने रखा है। उनका सरल और निष्पक्ष छवि नगरवासियों को आकर्षित कर रही है।

निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह का कहना है कि वे न किसी पार्टी के दबाव में हैं, न ही गुटबाजी का हिस्सा। उनका उद्देश्य केवल नगरवासियों की सेवा करना है। उनका यह दृष्टिकोण उन लोगों के लिए आकर्षक बन गया है जो पार्टी राजनीति से ऊब चुके हैं और बदलाव की चाहत रखते हैं।अंततः, रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच गुटबाजी और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। इसके चलते निर्दलीय उम्मीदवार राहुल जीत सिंह की स्थिति मजबूत होती जा रही है। यदि यह स्थिति बनी रही, तो निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मुकाबला जीतने में सफल हो सकते हैं। चुनाव परिणाम तो केवल समय ही बताएगा, लेकिन अब यह साफ है कि रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में एक नया मोड़आ सकता है।

 

क्या भाजपा के जमीन पर चुनावी फसल काटना चाहते है कांग्रेसी ?

क्या भाजपा के जमीन पर चुनावी फसल काटना चाहते है कांग्रेसी ?

रामानुजगंज नगर परिषद चुनाव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो चुका है। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों पर नगर वासी तीखे आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी पर परिवारवाद और व्यापारी होने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी पर भ्रष्टाचार और तानाशाही जैसे गंभीर आरोप हैं। इस राजनीतिक संघर्ष में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता और नेता अपनी-अपनी प्रत्याशियों का पक्ष लेने में जुटे हुए हैं, और यह मामला हर दिन नए मोड़ पर पहुंचता जा रहा है।
भाजपा समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहते हैं और हर समाज की जरूरतों को समझते हुए काम करते हैं। और कांग्रेसी सिर्फ चुनावी फसल काटना चाहते हैं। भाजपा का दावा है कि उनकी पार्टी को जनता का विश्वास प्राप्त है, क्योंकि पार्टी के जनप्रतिनिधि जनता से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। भाजपा समर्थकों के मुताबिक, उनके नेताओं की यह कड़ी मेहनत और जमीन पर काम करने की शैली ही उन्हें चुनावी जीत दिलवाती है।
इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप यह हैं कि उनके जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही जनता के बीच आते हैं और बाकी समय में उनका कहीं कोई पता नहीं चलता। कांग्रेस के नेताओं पर यह भी आरोप है कि वे पार्टी में अपने परिवार के लोगों को ही प्रमुख पदों पर बैठाते हैं और बाक़ी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करते हैं। इस कारण पार्टी के भीतर ही असंतोष की स्थिति बनती है और उनके जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी सवालों के घेरे में रहती है।
कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में यह भी कहा जा रहा है कि जब चुनाव का समय आता है, तब ही पार्टी के नेता जनता को याद करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी सक्रियता में कमी आ जाती है। साथ ही यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि कांग्रेस में पार्टी के कई उम्मीदवारों को इस आधार पर चुना जाता है कि वे पार्टी के करीबी और परिवार से संबंधित होते हैं, न कि उनकी कार्यक्षमता के आधार पर।
इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प बनता जा रहा है, और यह तय करना मुश्किल है कि इस बार रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में जीत किसकी होगी।

रामानुजगंज नगर में कुत्तों का आतंक: जिम्मेदार कौन?

रामानुजगंज नगर में कुत्तों का आतंक: जिम्मेदार कौन?

रामानुजगंज नगर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। शहर के विभिन्न इलाकों में आवारा कुत्तों का फैलाव बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिकों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। आज भारत माता चौक पर एक कुत्ते के झुंड ने एक सूअर पर हमला कर दिया, जिससे यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। इस घटना से यह सवाल उठता है कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है?

कुत्तों के हमलों का सिलसिला सिर्फ पशुओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों पर भी बढ़ता जा रहा है। कई बार बच्चों पर कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया है, जिससे न सिर्फ शारीरिक चोटें आईं, बल्कि मानसिक आघात भी हो चुके है। इससे स्थानीय लोग इस समस्या से परेशान हैं
कई बार ये कुत्ते बेमहसूस तरीके से समूह में भी इकट्ठे होते हैं, जिससे उनकी आक्रामकता बढ़ जाती है।
वहीं नगर पालिका या स्थानीय प्रशासन का इस पर कोई ठोस कदम न उठाना भी इस समस्या को बढ़ावा दे रहा है।

 

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अवैध रेत भण्डारण पर एसडीएम ने की कार्यवाही

बलरामपुर जिले में रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देश पर राजस्व एवं खनिज विभाग के द्वारा कार्यवाही की जा रही है तथा मैदानी अमला भी सक्रियता व गंभीरता के साथ अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्यवाही में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर श्री राजीव जेम्स कुजूर ने अवैध रेत भंडारण की सूचना के बाद ग्राम सिंगचौरा में छापेमारी की कार्यवाही करते हुए एक जेसीबी, हाईवा व अवैध रूप से भण्डारित 10200 घन फीट रेत जप्त कर अवैध रेत भण्डारण का प्रकरण दर्ज किया है।
गौरतलब है कि ग्रामीणों के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री राजीव जेम्स कुजूर को रेत के अवैध भण्डारण की सूचना मिली थी और सूचना प्राप्त होने के बाद वे मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से अवैध रेत के सम्बंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री पंकज गुप्ता के द्वारा अवैध रेत उत्खनन कर गांव सिंगचौरा में रेत का अवैध भण्डारण किया गया था, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने रेत, जेसीबी व हाईवा को जब्त कर आवश्यक कार्यवाही की गई है।

बलरामपुर,बनाए गए चार परीक्षा केन्द्र 1134 परीक्षार्थी होंगे शामिल।

राज्य लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 के लिए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में जिला मुख्यालय के चार परीक्षा केन्द्रों पर सम्पन्न होगी, जिसमें कुल 1134 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। उक्त परीक्षा शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम उ. मा. वि. बलरामपुर, शासकीय कन्या उ. मा. वि. बलरामपुर एवं शासकीय एकलव्य वि. भेलवाडीह में दो पालियों मे (प्रथम पाली, प्रातः 10ः00 बजे से 12ः00 एवं द्वितीय पाली, दोपहर 03ः00 बजे से 05ः00 बजे तक) आयोजित होगी।

शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एन. के. देवांगन द्वारा बताया गया कि आयोग द्वारा परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में परीक्षा केन्द्र का नाम शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर केन्द्र क्रमांक 1801 है। परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र में शासकीय महाविद्यालय, रामानुजगंज रोड लेंजुआपारा जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (छ0ग0) एवं परीक्षा केन्द्र कोड 1801 अंकित है, जिसे शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर पढ़ा जाये।

उक्त परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए जिला स्तर पर डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा को नोडल अधिकारी एवं नायब तहसीलदार राजपुर श्री नरेन्द्र कुमार कंवर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

रामानुजगंज कृषि विस्तार अधिकारी जगलाल एक्वा द्वारा किए जा रहे हैं।

रामानुजगंज कृषि विस्तार अधिकारी, जगलाल एक्वा द्वारा उन्नत किस्म टमाटर की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उनका यह प्रयास किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने और उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से है। जगलाल एक्वा ने किसानों के लिए उन्नत किस्म के टमाटर की खेती के महत्व को समझाते हुए इसे क्षेत्रीय किसानों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनाने का कार्य किया है।

कृषि विस्तार अधिकारी ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर के बीजों से एक प्रयोगात्मक खेती शुरू की। इस खेती का उद्देश्य केवल किसानों को उन्नत तकनीकों से परिचित कराना नहीं था, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना था कि ये तकनीकें कृषि क्षेत्र में अच्छे परिणाम दें। उन्होंने लगभग 15 डिसमिल क्षेत्र में इस उन्नत किस्म के टमाटर की खेती की शुरुआत की, ताकि किसानों को इसके फायदों का वास्तविक अनुभव हो सके।जगलाल एक्वा ने बताया कि यह प्रयोगात्मक खेती काफी सफल रही है और किसानों को अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की खेती में टमाटर की किस्में अधिक पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जिससे उपज का गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ती हैं। इसके अलावा, इन टमाटरों की बाजार में मांग भी अधिक रहती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।

कृषि विस्तार अधिकारी ने आगे बताया कि उन्होंने इस खेती के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग किया, जैसे कि उन्नत सिंचाई प्रणाली, जैविक खाद का प्रयोग, और रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन। इन सभी उपायों ने टमाटर की खेती को और भी प्रभावी बना दिया और किसानों को यह समझ में आया कि कैसे वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके अपनी कृषि उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं। जगलाल एक्वा के इस प्रयास ने किसानों में एक नई उम्मीद जगाई है और उन्हें यह विश्वास दिलाया है कि उन्नत कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करने से वे न केवल अपनी कृषि उत्पादन बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपने जीवन स्तर को भी बेहतर बना सकते हैं। अब किसानों के बीच उन्नत किस्म की खेती को लेकर जागरूकता और रुचि बढ़ी है, और वे इसे अपनाने के लिए तैयार हैं।

कृषि विस्तार अधिकारी जगलाल एक्वा का यह प्रयास कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है। उनका उद्देश्य केवल किसानों की कृषि क्षमता को बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी है, ताकि वे अपने कड़ी मेहनत से अपने जीवन को बेहतर बना सकें। उनके द्वारा शुरू की गई इस उन्नत किस्म टमाटर की खेती की परियोजना निश्चित रूप से भविष्य में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

 

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल के लिए मांगे वोट, मंत्री रामविचार नेताम ने की सराहना।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नगर पालिका रामानुजगंज में भारत माता चौक पर आयोजित एक जनसभा में,पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल के कार्यकाल को सराहा और उनके लिए वोट की अपील की। मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि रमन अग्रवाल का पिछले 10 वर्षों का कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा है। इनके कार्यों ने नगर पालिका क्षेत्र के विकास में अहम योगदान दिया है, और इस कारण पार्टी ने इन्हें एक बार फिर नगर पालिका अध्यक्ष के पद के लिए मौका दिया है।

मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि रमन अग्रवाल ने हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी,और नगर पालिका क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया। उन्होंने कहा कि रमन अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में शहर के विकास के लिए जो कदम उठाए, वह आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इनकी नीतियां और कार्यशैली क्षेत्र के हर व्यक्ति को लाभ पहुंचाने वाली रही हैं।”

मंत्री नेताम ने आगे कहा कि रमन अग्रवाल के नेतृत्व में नगर पालिका ने कई सुविधाओं का विस्तार किया और शहर को सुदृढ़ बनाया। जिनका लाभ जनता को मिला। इनकी निष्ठा और ईमानदारी के कारण लोग इन्हें फिर से नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते हैं।

इस दौरान, मंत्री ने उपस्थित जनता से अपील करते हुए कहा कि रमन अग्रवाल को पुनः नगर पालिका अध्यक्ष बनाने के लिए सभी को मिलकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “यह चुनाव केवल एक व्यक्ति का चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारे शहर के भविष्य का चुनाव है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे शहर में और भी विकास हो, और इसके लिए रमन अग्रवाल जैसे सक्षम और समर्पित नेता की आवश्यकता है।”उन्होंने यह विश्वास जताया कि रमन अग्रवाल को नगर पालिका अध्यक्ष बनाने से शहर के विकास की गति और भी तेज होगी और हर नागरिक को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

साथ ही, मंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से भी अपील की कि वे इस चुनाव में बढ़-चढ़कर भाग लें और रमन अग्रवाल को पुनः नगर पालिका अध्यक्ष बनाने के लिए अपना बहुमूल्य वोट दें। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी और रमन अग्रवाल की नीतियां आपके भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए हैं। हम सब मिलकर अपने शहर को और बेहतर बनाएंगे।”

उन्होंने कहा यह चुनाव केवल स्थानीय चुनाव नहीं है, यह आपके शहर के भविष्य का चुनाव है। रमन अग्रवाल के नेतृत्व में हम और अधिक विकास की ओर बढ़ेंगे।”सभा में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, और मंत्री की बातों का समर्थन करते हुए वहां मौजूद जनता ने रमन अग्रवाल के लिए जोरदार तालियां बजाईं। इस मौके पर मुख्य रूप से कन्हैया लाल अग्रवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष आर के पटेल, वीडि लाल गुप्ता, शर्मिला गुप्ता, मंडल अध्यक्ष सीताराम गुप्ता, पूर्व पार्षद राजेश सोनी, कमाल अहमद, जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ भारी संख्या में नगर वासी भी मौजूद थे ।

जिला पंचायत के 14 सदस्य पद के लिए 121 नाम निर्देशन पत्र हुए जमा

बलरामपुर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य के 14 पद के लिए 121 नाम निर्देशन पत्र जमा हुए। जिला पंचायत सदस्य हेतु निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक-01 कोगवार के लिए 18 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र जमा किया है। इसी तरह क्षेत्र क्रमांक-02 सरना के लिए 14 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-03 सुलसुली के लिए 06 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-04 सनावल के लिए 07 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-05 नवाडीह के लिए 08 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-06 विजयनगर के लिए 12 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-07 खोभी (कपिलदेवपुर) के लिए 06 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-08 तातापानी के लिए 07 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-09 चांदो के लिए 07 क्षेत्र क्रमांक-10 नटवरनगर के लिए 03 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-11 शंकरगढ़ के लिए 07, क्षेत्र क्रमांक-12 शंकरगढ़-02 के लिए 07 अभ्यर्थी, क्षेत्र क्रमांक-13 कोदौरा के लिए 15 अभ्यर्थी तथा क्षेत्र क्रमांक 14 चौरा के लिए 04 नाम निर्देशन पत्र जमा हुए है। इस प्रकार आज जिला पंचायत सदस्य के लिए नाम निर्देशन की प्रक्रिया पूरी हुई।