Fri. Oct 23rd, 2026

April 2026

फाउंडेशन द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती सह सम्मान समारोह का आयोजन।

रामानुजगंज के गांधी मैदान में माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन द्वारा समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य महात्मा फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में शिक्षा और समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ व्यापारी सुभाष जायसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मधु गुप्ता, अजय प्रजापति, मुकेश गुप्ता सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को समाज के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कस्तूरबा स्कूल और प्राथमिक शाला कोईरी टोला के छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक एवं शिक्षक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण बन गया।

फाउंडेशन के डायरेक्टर प्रकाश मालाकार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि महात्मा फुले की प्रेरणा से उनकी पत्नी माता सावित्रीबाई फुले ने देश में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलकर एक नई दिशा दी, जिससे समाज में जागरूकता और परिवर्तन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महात्मा फुले के विचारों को अपनाने और समाज में समानता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा का वातावरण बना रहा, जिसने उपस्थित लोगों को समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश प्रारंभ,

बलरामपुर। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बलरामपुर में शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इच्छुक अभिभावक एवं विद्यार्थी 10 अप्रैल से 05 मई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए राज्य शासन की आधिकारिक वेबसाइट cgschool.in के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
विद्यालय प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा 1ली से लेकर कक्षा 12वीं तक विभिन्न कक्षाओं में सीमित सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 1ली में 50 सीट, कक्षा 2री में 21 सीट, कक्षा 3री में 17 सीट, कक्षा 4थी में 10 सीट, कक्षा 5वीं में 08 सीट, कक्षा 6वीं में 05 सीट, कक्षा 7वीं में 05 सीट, कक्षा 8वीं में 05 सीट, कक्षा 9वीं में 03 सीट तथा कक्षा 10वीं में 04 सीट निर्धारित की गई हैं।
वहीं कक्षा 11वीं में जीव विज्ञान, गणित एवं वाणिज्य संकाय के लिए 50-50 सीटों पर प्रवेश हेतु आवेदन मंगाए गए हैं। विद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।

आबकारी विभाग की कार्रवाई में अवैध विदेशी मदिरा जब्त।

बलरामपुर,कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन पर जिला आबकारी अधिकारी एस.एन. साहू के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के भंडारण एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब जब्त किया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया है कि आबकारी जांच चौकी धनवार में संजय प्रसाद के द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य के बिक्री के बियर 12 बल्क लीटर विदेशी मदिरा के साथ 1 दो पहिया वाहन जब्त किया गया। उक्त आरोपी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के तहत अपराध प्रकरण कायम कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस दौरान विवेचना अधिकारी अभिषेक कुमार राजवाड़े, आबकारी उपनिरीक्षक चन्द्रदीप भगत, आबकारी मुख्य आरक्षक गिरजा शंकर शुक्ला सहित टीम मौजूद रही। जिला आबकारी अधिकारी साहू ने बताया है अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन तथा सार्वजनिक जगहों पर मदिरापान और राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों के किनारे संचालित होटल, ढाबा में शराब रखने, पीने एवं पिलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। साथ ही आबकारी अधिकारी ने बताया है कि अवैध मदिरा के संबंध में आबकारी नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 07831-299241 एवं टोल फ्री नम्बर 14405 पर सूचित किया जा सकता है।

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एबीवीपी का हल्ला बोल।

अंबिकापुर में निजी स्कूलों की मनमानी, बढ़ती फीस, अभिभावकों के शोषण और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में कई निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों और विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन बने हुए हैं। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बीच मिलीभगत के कारण स्कूल प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। परिषद ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि, ड्रेस, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि यदि निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो परिषद आंदोलन को और उग्र करेगी। वहीं नगर मंत्री रोनी मिश्रा, सह मंत्री मयंक और महाविद्यालय अध्यक्ष रितेश ने भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस प्रदर्शन में एबीवीपी के कई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना, अनिवार्य खरीद व्यवस्था और अन्य अनियमितताओं की तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिल सके।

मानवता शर्मसार सड़क किनारे मिली लावारिस नवजात बालिका,

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात नवजात बालिका सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05 अप्रैल 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन बलरामपुर की टीम को सूचना मिली कि वाड्रफनगर क्षेत्र अंतर्गत चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर के बलंगी रोड किनारे एक नवजात शिशु पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बताया गया है कि नवजात बालिका को फिलहाल “रचना” नाम दिया गया है, जो एक काल्पनिक नाम है। प्राथमिक सुरक्षा एवं उपचार के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उसका संरक्षण किया जा रहा है। बालिका की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर-रामानुजगंज ने जानकारी देते हुए जिलेवासियों से अपील की है कि यदि इस नवजात बालिका के संबंध में किसी व्यक्ति, परिवार या अभिभावक को कोई जानकारी हो अथवा किसी प्रकार का दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना हो, तो वे 07 दिवस के भीतर अपना आवेदन कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में दावा-आपत्ति प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक है।

यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी मासूम बच्चों के साथ ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा बालिका की सुरक्षा और भविष्य को लेकर आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

मानवता शर्मसार सड़क किनारे मिली लावारिस नवजात बालिका,

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात नवजात बालिका सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05 अप्रैल 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन बलरामपुर की टीम को सूचना मिली कि वाड्रफनगर क्षेत्र अंतर्गत चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर के बलंगी रोड किनारे एक नवजात शिशु पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
बताया गया है कि नवजात बालिका को फिलहाल “रचना” नाम दिया गया है, जो एक काल्पनिक नाम है। प्राथमिक सुरक्षा एवं उपचार के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उसका संरक्षण किया जा रहा है। बालिका की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर-रामानुजगंज ने जानकारी देते हुए जिलेवासियों से अपील की है कि यदि इस नवजात बालिका के संबंध में किसी व्यक्ति, परिवार या अभिभावक को कोई जानकारी हो अथवा किसी प्रकार का दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना हो, तो वे 07 दिवस के भीतर अपना आवेदन कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में दावा-आपत्ति प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक है।
यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी मासूम बच्चों के साथ ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा बालिका की सुरक्षा और भविष्य को लेकर आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

महुआ चुनने गई बालिका की हाथियों के हमले में मौत।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महावीरगंज में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें महुआ चुनने गई एक बालिका की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महावीरगंज की एक बालिका सुबह जंगल किनारे महुआ चुनने गई थी। इसी दौरान वहां विचरण कर रहे जंगली हाथियों के झुंड से उसका सामना हो गया। अचानक हुए हमले में बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक बालिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता एवं नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज भेज दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार घूम रहे हाथियों पर निगरानी बढ़ाने तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार गांवों और जंगल किनारे के इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों का खेतों, जंगलों और दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे ज्यादा भयभीत हैं। महुआ सीजन के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल की ओर जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

महुआ चुनने गई बालिका की हाथियों के हमले में मौत।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महावीरगंज में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें महुआ चुनने गई एक बालिका की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महावीरगंज की एक बालिका सुबह जंगल किनारे महुआ चुनने गई थी। इसी दौरान वहां विचरण कर रहे जंगली हाथियों के झुंड से उसका सामना हो गया। अचानक हुए हमले में बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल फैल गया।घटना की सूचना मिलते ही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक बालिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता एवं नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज भेज दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार घूम रहे हाथियों पर निगरानी बढ़ाने तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार गांवों और जंगल किनारे के इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों का खेतों, जंगलों और दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे ज्यादा भयभीत हैं। महुआ सीजन के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल की ओर जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।