Sun. Oct 25th, 2026

नगर सैनिक के रिक्त पदों के भर्ती लिए लिखित परीक्षा का आयोजन।

बलरामपुर जिला सेनानी नगर सेना बलरामपुर ने जानकारी दी है कि होमगार्ड विभाग के अंतर्गत 1715 महिला नगर सैनिक (छात्रावास ड्यूटी) एवं 500 नगर सैनिक जनरल ड्यूटी के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु शारीरिक नाप जोख एवं दक्षता परीक्षा चार संभागीय केन्द्रों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर में आयोजित की गई थी। जिसमें 20137 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए चयन किया गया है। परीक्षा के लिए चयनित सभी अभ्यर्थियों की सूची होमगार्ड के विभागीय वेबसाइट एफआईआरईएनओसी डॉट सीजी डॉट जीवोव्ही डॉट ईन पर उपलब्ध है। लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए अभ्यर्थियों को व्यावसायिक परीक्षा मण्डल के वेबसाइट के लिंक में जाकर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्म तिथि डालकर अभ्यर्थी लिखित परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते हैं। व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा पंजीयन नम्बर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जो अभ्यर्थी व्यावसायिक परीक्षा मण्डल के वेबसाइट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं करेंगे वे लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थियों की होगी। ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने की तिथि 16 अप्रैल से 30 मई तक निर्धारित की गई है। परीक्षा की संभावित तिथि 22 जून 2025 है। जिसके लिए परीक्षा केन्द्र रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर को बनाया गया है।

सुरक्षा में चुक संप्रेक्षण गृह से अपचारी बच्चे फरार।

अंबिकापुर के गंगापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से शनिवार दोपहर तीन बजे के आसपास छह अपचारी बालकों ने सुरक्षा में तैनात गार्ड के आंखों में मिर्ची झोंककर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार यह तीन माह में दूसरी घटना है। इससे बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना के बाद हड़कंप मच गया। गार्ड ने इसकी सूचना अपने उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद बाल संप्रेक्षण के प्रभारी ने इसकी सूचना अधीक्षक को दी। अधीक्षक और अन्य गार्डों ने आसपास के इलाकों में फरार बालकों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद शनिवार देर शाम घटना की सूचना गांधीनगर पुलिस को दी गई। बताया जा रहा है कि, फरार अपचारी बालकों में से एक सरगुजा, एक जांजगीर और अन्य सूरजपुर जिले के हैं।

सूत्र सरगुजा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने आज रविवार को बताया कि शनिवार दोपहर में अपचारी बालक के भागने की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस अपचारी बालकों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। उनके ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन अभी तक फरार अपचारी बालकों का पता नहीं चल सका है। क्या पुलिस जल्द ही सभी अपचारी बालकों को तलाश कर हिरासत में ले लेगी यह देखने वाली बात होगी।

मंत्री रामविचार नेताम ने किया लाभार्थियों को कार्ड का वितरण।

 समाधान शिविर के दौरान कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने पेंशन स्वीकृति, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, राशन कार्ड, स्व-सहायता समूह को चेक, बीज वितरण, पक्के आवास की चाबी सौंपी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, आधार पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, पेंशन राजस्व प्रकरण, कृषि तकनीक, उन्नत बीज, फसल बीमा योजना, मिट्टी परीक्षण और जल संरक्षण, स्वास्थ्य संबंधी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आमनागरिकों ने स्टॉलों का भ्रमण किया और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी सहित क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे

राज्य शासन द्वारा रजिस्ट्री में 10 क्रांतियों का शुभारंभ।

बलरामपुर  समाधान शिविर लुरघुट्टा में कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत इसका मुख्य उद्देश्य पंजीयन संबंधि सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं नागरिकों की सुविधा के अनुरूप बनाना है।

 

 योजना से आमनागरिकों को पंजीयन से जुड़े कार्यों हेतु कार्यालयों का बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और साथ ही संपत्ति पंजीयन में होने वाली फर्जीवाडे की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण होगा। योजना के शुभारंभ होने से फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन जिससे फर्जी रजिस्ट्री की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड इससे क्रेताओं को विवादित या बंधक जमीन की जानकारी पहले से ही प्राप्त हो जाएगी, ऑनलाईन भारमुक्त प्रमाण पत्र, स्टांप एवं रजिस्ट्री शुल्कों का कैशलेश भुगतान, व्हाट्सअप सेवाएं, डिजीलॉकर सेवाएं जिसमें पंजीकृत दस्तावेज अब डिजिलॉकर में डिजिटल रूप में संरक्षित रहेंगे जिन्हें आवश्यकता अनुसार कभी भी डाउनलोड किया जा सकेगा इसके साथ ही रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण, घर बैठे स्टांप सहित दस्तावेज निर्माण, घर बैठे रजिस्ट्री एवं रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की सुविधाएं प्राप्त होंगी।

वनमण्डलाधिकारी ने किया रामानुजगंज वन परिक्षेत्र का निरीक्षण।

बलरामपुर। वनमंडलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेयी के द्वारा वन परिक्षेत्र रामानुजगंज अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने वन वाटिका रामानुजगंज, कन्हर बैरियर तथा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।


वन परिक्षेत्र रामानुजगंज भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम वनमंडलाधिकारी श्री बाजपेयी ने वन वाटिका नर्सरी रामानुजगंज का निरीक्षण किया। उन्होंने वन वाटिका में सुधार कार्य, पौधों की ग्रेडिंग एवं शिफ्टिंग, ग्रीन हाउस एवं पॉली हाउस में मरम्मत करने हेतु आवश्यक निर्देश दिये। तत्पश्चात उन्होंने सुशासन तिहार 2025 में प्राप्त आवेदन का निराकरण करते हुये विश्वास महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं से मिलकर उनकी मांग अनुसार वन वाटिका में बोटिंग, कैंटीन संचालन, गेट पास के प्रस्ताव पारित करते हुए उनकी मांगों का निराकरण किया गया। उक्त संबंध में कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

वनमंडलाधिकारी श्री वाजपेयी ने अन्तर्राज्यीय कन्हर बेरियर(झारखण्ड-छत्तीसगढ़ सीमा) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित वनोपज जांच नाका के कर्मचारियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पंजी का भी अवलोकन किया और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वनोपज से संबंधित वाहनों का सघन जांच किया जावे, ताकि अवैध परिवहन न हो सके यदि कोई लापरवाही होती है तो कड़ी कार्यवाही की जावेगी।

उसके पश्चात उन्होंने हाथी प्रभावित क्षेत्र  एवं दूरस्थ ग्राम फुलवार का भ्रमण कर ग्रामीणों से बातचीत किया एवं उनकी समस्याओं को सुना एवं त्वरित निराकरण हेतु आश्वस्त किया। वनमंडलाधिकारी ने हाल में हुई हाथी द्वारा जनहानि प्रकरण में मृतिका के परिजन को मुआवजा राशि 06 लाख रूपये चेक के माध्यम से भुगतान किया। 

 

इस दौरान उप वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर संतोष कुमार पाण्डेय एवं वन परिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज निखिल सक्सेना सहित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

सड़क हादसे में दंपति की दर्दनाक मौत।

 

बलरामपुर जिले के प्रेम नगर के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब दंपति बाइक से वाटफ नगर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर दूर जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

वहीं, टक्कर से वाहन को भी नुकसान पहुंचा है और उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घटनास्थल पर बिखरे पड़े बाइक के पुर्जे और खून के धब्बे इस भयावह हादसे की गवाही दे रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों की भरती के लिए आवेदन आमंत्रित।

बलरामपुर ,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बलरामपुर के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न पदों की पूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

जिसके अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी पुरुष, फिजियोथेरापिस्ट, प्रोग्राम एसोसिएट, डेंटल सर्जन, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट रेडियोग्राफर, लैब सुपरवाईजर, एसटीएस, फार्मासिस्ट, टेक्निकल असिस्टेंट हियरिंग इंपेयर्ड चिलर्डन, लैब टेक्नीशियन एनएचएम, लैब टेक्नीशियन बीपीएचयू, सचिविक सहायक, कनिष्ठ सचिविक सहायक, फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर, काउंसलर एवं अटेंडेंट के नवीन एवं बैकलॉग पदों पर संविदा भर्ती की जानी है। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में 21 मई 2025 शाम 05 बजे तक स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जमा कर सकते हैं। उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले के वेबसाइट एवं कार्यालय के सूचना पटल का अवलोकन किया जा सकता है।

वन मंडलाधिकारी पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाया गंभीर आरोप।

मामला गोंडवाना फॉसिल पार्क में अनाधिकृत निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के एमसीबी जिलाध्यक्ष ने वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि “बजट खर्च करने के उद्देश्य से समुद्री जीवाश्म जैसे दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व के संरचनाओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही है।”

 

जिलाध्यक्ष ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा बिना किसी वैज्ञानिक सलाह और वैधानिक अनुमति के फॉसिल पार्क में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन कार्यों से न केवल पार्क की ऐतिहासिकता को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह अत्यंत आपत्तिजनक है।

अपने पत्र में उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक राज्यस्तरीय समिति गठित की जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या जांच के आदेश दिए जाते हैं।

 

राजस्व एवं वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की गई बड़ी कार्यवाही।

बलरामपुर  कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में जिले में लगातार अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बलरामपुर श्री आनन्द राम नेताम के मार्गदर्शन में राजस्व, वन तथ पुलिस विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा नगरपालिका परिषद् बलरामपुर के वार्ड क्रमांक 03, खुठनपारा जिला ग्रंथालय के पीछे वन विभाग की शासकीय भूमि तथा तहसील डौरा-कोचली ग्राम कोचली (लालमाटी) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। नगरपालिका परिषद् बलरामपुर वार्ड क्रमांक 03 में लगभग 1.5 एकड़ शासकीय भूमि पर लोगों द्वारा घर बनाकर अतिक्रमण किया गया था।

प्रशासन द्वारा उन्हें उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने हेतु नोटिस भी जारी किया गया था। परंतु अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाने पर बलरामपुर एसडीएम श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग के द्वारा जमीन पर बनाए गए 22 घरोें को तोड़ कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसी प्रकार खुठनपारा जिला ग्रंथालय के पीछे भी वन विभाग की शासकीय जमीन को लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। जिसे बलरामपुर वन परिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में 10 मकानों को तोड़ कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया। तहसील डौरा-कोचली में भी एसडीएम बलरामपुर श्री नेताम के मार्गदर्शन एवं तहसीलदार रॉकी एक्का के नेतृत्व राजस्व एवं पुलिस विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा ग्राम कोचली (लालमाटी) में स्थित शासकीय भूमि तथा ग्राम डूमरखोला में भी शासकीय भूमि कुल 5 व्यक्तियों 0.06 हेक्टेयर द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जिसे अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।

गांव में होने वाले प्रत्येक विवाह कराना होगा पंजीबद्ध।

बलरामपुर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश जारी किया गया है।

राज्य शासन द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधान अनुसार बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की संख्या में वृद्धि कर जिला स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की अधिसूचना जारी की गई है। जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त कर बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र जारी किया जाना है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम हेतु बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को अवगत कराया है कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नही अपितु कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक कि विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इसके अतिरिक्त यदि वर या कन्या बाल विवाह पश्चात विवाह को स्वीकार नहीं करते है तो बालिग होने के पश्चात विवाह को शून्य घोषित करने हेतु आवेदन कर सकते हैं। बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ-मृत्यु दर के साथ घरेलू हिंसा में भी वृद्धि होती है। समाज में व्याप्त इस बुराई के पूर्णतः उन्मूलन हेतु जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकाय/पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, महिला स्व सहायता समूहों, किशोर एवं किशोरी बालिकाओं तथा आमजनों से सहयोग प्राप्त कर इस प्रथा के उन्मूलन हेतु परिणाम मूलक कार्यवाही की जानी है।

ग्राम पंचायत सचिव सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी संधारित की जानी है, जिससे ग्राम पंचायत क्षेत्र में आयोजित होने वाले समस्त विवाहों को विवाह पूर्व पंजीबद्ध किया जावे। इस पंजी के संधारण से ग्राम पंचायतों में होने वाले समस्त विवाहों का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे बाल विवाह की जानकारी समय पूर्व प्राप्त हो सकेगी। पंजी के द्वारा प्रत्येक विवाह में वर-वधु की उम्र की का सत्यापन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाना है। प्रत्येक विवाह का पंजीयन अनिवार्य कराना चाहिए। इस संबंध में ग्राम पंचायत/नगरीय निकाय व राजस्व विभाग के समन्वय से शत प्रतिशत विवाह पंजीयन हेतु कार्यवाही की जावेगी। ग्राम पंचायत के कोटवार द्वारा बाल विवाह नही करने, बाल विवाह के कानूनन अपराध होने के संबंध में मुनादी कराई जाए, जिससे सभी ग्रामीण जनों को पता चले कि बाल विवाह करना अपराध है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सूचना तंत्र का प्रभावी होना अत्यंत आवश्यक है। जिले में कहीं पर भी बाल विवाह तय होने की सूचना मिलते ही प्रशासन को संबंधित परिवार को समझाइश देकर बाल विवाह रोकना है। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 व पुलिस हेल्पलाइन 112 में किये जाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सीईओ श्रीमती तोमर ने समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को उक्त सुझावों को अमल में लाते हुए बाल विवाह रोकथाम के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।