तातापानी के मेला पिया’ पर झूमे दर्शक।
बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव 2026 में क्षेत्रीय लोक कलाकार पवन पाण्डेय ने अपनी धमाकेदार और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जहां उनके लोकप्रिय गीत ‘तातापानी के मेला पिया’ पर हजारों दर्शक झूमते नजर आए। पूरे परिसर में तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों की उत्साही आवाजें गूंजती रहीं, जिससे माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया।
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने पवन पाण्डेय की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। कई दर्शकों ने कहा कि उनकी गायकी में क्षेत्र की मिट्टी की खुशबू और स्थानीय संस्कृति की जीवंत झलक साफ दिखाई देती है, जो सीधे लोगों के दिलों को छू जाती है। लोगों ने इसे इस वर्ष के तातापानी महोत्सव की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में से एक बताया।
इस अवसर पर पवन पाण्डेय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यदि उन्हें पर्याप्त समय और मंच मिले, तो वे तातापानी महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में और भी बेहतर, रचनात्मक एवं विशिष्ट प्रस्तुति दे सकते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिले और क्षेत्र के कलाकारों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता सिर्फ उन्हें उचित अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देने की है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि अक्सर स्थानीय कलाकारों को पर्याप्त समय नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा बाहरी नामचीन ग्रुपों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि क्षेत्रीय कलाकारों को हाशिए पर रखा जाता है। उन्होंने इसे स्थानीय कला और संस्कृति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी इसका कारण बनती है। अंत में पवन पाण्डेय ने जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में तातापानी महोत्सव और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर और प्रोत्साहन मिलेगा, ताकि वे अपनी कला के माध्यम से जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

