Wed. May 6th, 2026

अतिथि शिक्षकों का डीईओ पर गंभीर आरोप—कलेक्टर से लगाई गुहार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अतिथि शिक्षकों की समस्याएं एक बार फिर सामने आई हैं। प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संघ, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वेतन भुगतान में हो रही देरी और प्रशासनिक बाधाओं को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि जिले में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का पिछले दो माह का वेतन अब तक लंबित है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संघ का आरोप है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाया जा रहा है। पुराने अभिलेखों और उपस्थिति पत्रकों की मांग कर भुगतान में देरी की जा रही है, जबकि यह प्रक्रिया पहले सरल थी।
संघ ने यह भी बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के नए आदेश के तहत वेतन भुगतान जिला स्तर से करने की बात कही गई है। इसके लिए सभी शिक्षकों को अपने-अपने विद्यालयों से वेतन पत्रक जिला कार्यालय में जमा करना अनिवार्य किया गया है। लेकिन वर्तमान में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते अधिकांश शिक्षक अपने गृह जिलों को लौट चुके हैं, जिससे यह प्रक्रिया और कठिन हो गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले पांच वर्षों के पुराने अभिलेखों की मांग अव्यावहारिक है और इससे शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। संघ ने आशंका जताई है कि इस प्रकार की प्रक्रिया के जरिए वेतन भुगतान को टालने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा, एक गंभीर आरोप वाड्रफनगर विकासखंड से सामने आया है, जहां एक अतिथि शिक्षक से जांच के दौरान 20 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।
संघ का कहना है कि जिले में कई अतिथि शिक्षक अन्य जिलों से आकर किराए पर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंत में संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि अतिथि शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करते हुए लंबित वेतन का भुगतान जल्द सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।

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