Fri. Oct 23rd, 2026

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100 बिस्तरीय अस्पताल उन्नयन हेतु 1.65 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत।

बलरामपुर,रामानुजगंज। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में नगर पालिका रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के अंतर्गत 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इस राशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के सतत प्रयासों से प्राप्त इस स्वीकृति के तहत अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रायपुर अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

स्वीकृत राशि से अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद भी की जाएगी। इनमें ऑटोमेटिक ऑटोक्लेव मशीन, आधुनिक ओटी लाइट, मल्टी पैरा मॉनिटर, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, वेंटिलेटर, इलेक्ट्रिक ऑपरेशन टेबल, सक्शन मशीन, डायलिसिस मशीन, आरओ प्लांट, ट्रूनेट मशीन, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीजर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों से अस्पताल की उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट की स्थापना से किडनी रोगियों को राहत मिलेगी, जिन्हें सप्ताह में कई बार लंबी दूरी तय कर उपचार कराना पड़ता है। वहीं ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से दुर्घटना, प्रसव और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक सुविधाओं और उन्नत उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा तथा बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ जनकल्याण के लक्ष्य को और अधिक मजबूत करेगी।

100 बिस्तरीय अस्पताल उन्नयन हेतु 1.65 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत।

बलरामपुर,रामानुजगंज। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में नगर पालिका रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन हेतु मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के अंतर्गत 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इस राशि से अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के सतत प्रयासों से प्राप्त इस स्वीकृति के तहत अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अंबिकापुर, रायपुर अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

 

स्वीकृत राशि से अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद भी की जाएगी। इनमें ऑटोमेटिक ऑटोक्लेव मशीन, आधुनिक ओटी लाइट, मल्टी पैरा मॉनिटर, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, वेंटिलेटर, इलेक्ट्रिक ऑपरेशन टेबल, सक्शन मशीन, डायलिसिस मशीन, आरओ प्लांट, ट्रूनेट मशीन, ब्लड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर, डीप फ्रीजर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों से अस्पताल की उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

 

विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट की स्थापना से किडनी रोगियों को राहत मिलेगी, जिन्हें सप्ताह में कई बार लंबी दूरी तय कर उपचार कराना पड़ता है। वहीं ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से दुर्घटना, प्रसव और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

 

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक सुविधाओं और उन्नत उपकरणों की उपलब्धता से मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा तथा बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ जनकल्याण के लक्ष्य को और अधिक मजबूत करेगी।

सर्व नाई सेन समाज की बैठक संपन्न, राजेन्द्र श्रीवास बने कार्यवाही जिलाध्यक्ष।

बलरामपुर। जिला मुख्यालय स्थित जनपद पंचायत के सभा कक्ष में सर्व नाई सेन समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में संगठनात्मक एकता स्थापित करना तथा लंबे समय से चली आ रही नेतृत्व संबंधी स्थिति का समाधान निकालना था।

बैठक में समाज के सदस्यों ने वर्तमान में जिले में दो-दो जिलाध्यक्ष होने की स्थिति पर गंभीर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि इस कारण समय-समय पर समाज के भीतर भ्रम एवं विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं, जिससे संगठनात्मक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। इस विषय पर सभी उपस्थित जनों ने अपने विचार रखे और समाज की एकता को सर्वोपरि बताते हुए एकमत से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश ठाकुर की विशेष उपस्थिति रही। विचार-विमर्श के बाद तत्कालीन जिलाध्यक्ष मंटू ठाकुर ने समाजहित में सहमति जताते हुए कार्यकारिणी भंग करने का प्रस्ताव रखा, जिसका उपस्थित समाजजनों ने समर्थन किया। इसके पश्चात सभी स्वजातीय बंधुओं की राय जानने पर एक स्वर में राजेन्द्र श्रीवास का नाम सामने आया। उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से राजेन्द्र श्रीवास को सर्व नाई सेन समाज, बलरामपुर-रामानुजगंज का कार्यवाही जिलाध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया।

बैठक में समाज की एकता, संगठन के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास एवं भावी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।  महेन्द्र ठाकुर ने समाज को संगठित रखते हुए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर सत्रुधन ठाकुर, महेन्द्र ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, राजा ठाकुर, उदय ठाकुर, संजय ठाकुर, अशोक ठाकुर, महेन्द्र श्रीवास, भूपेन्द्र ठाकुर, दिनेश ठाकुर, कामेश्वर ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, जितेन्द्र ठाकुर, हरिहर ठाकुर एवं आशीष ठाकुर सहित जिले के अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वीरेन्द्र ठाकुर ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा समाज की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया गया।

शिक्षा विभाग, डीईओ कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय से जिला कलेक्टर के लेटरहेड पर जारी दो अलग-अलग आदेशों के मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले के मीडिया में प्रमुखता से सामने आने के बाद शिक्षा विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है। विभाग ने अपनी ओर से जारी स्पष्टीकरण में इसे “लिपिकीय त्रुटि” बताया है, लेकिन इस सफाई ने विवाद को समाप्त करने के बजाय कई नए प्रश्नों को जन्म दे दिया है।

जानकारों का कहना है कि जिला कलेक्टर के लेटरहेड का उपयोग एक संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे में एक ही विषय से संबंधित दो अलग-अलग आदेश जारी होना और बाद में उसे मात्र लिपिकीय त्रुटि बताना पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा करता है। सामान्यतः किसी भी कार्यालय से जारी होने वाले आदेश कई स्तरों की प्रशासनिक प्रक्रिया और परीक्षण से गुजरते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतनी बड़ी त्रुटि अधिकारियों की नजर से कैसे ओझल रही।

मामले में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि आदेश वास्तव में त्रुटिपूर्ण थे, तो विभाग को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई। कई दिनों तक आदेश प्रभावी बने रहे, लेकिन किसी अधिकारी द्वारा उनकी समीक्षा अथवा सुधार की आवश्यकता महसूस नहीं की गई। जैसे ही मामला मीडिया की सुर्खियों में आया, विभाग सक्रिय हुआ और डीईओ मनीराम यादव की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया।

विवादित आदेश से प्रभावित कर्मचारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि आदेश त्रुटिवश जारी हुए थे, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रभावित कर्मचारियों के हित में कोई संशोधित आदेश जारी किया जाएगा या नहीं। इससे कर्मचारियों में भ्रम और नाराजगी देखी जा रही है।

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू जवाबदेही का है। यदि यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों अथवा कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी? या फिर पूरे मामले को केवल “लिपिकीय त्रुटि” बताकर फाइलों में दबा दिया जाएगा, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस संबंध में पत्रकारों द्वारा दूरभाष पर चर्चा किए जाने पर बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी का पद अत्यंत जिम्मेदारी वाला पद है। उनके कार्यालय से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पत्र और आदेश जारी होते हैं, जिन पर जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। ऐसे में संबंधित लेटरहेड पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ी, यह गंभीर विषय है। कलेक्टर ने बताया कि इस मामले में डीईओ को फटकार लगाई गई है तथा उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की एक बड़ी परीक्षा बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग केवल स्पष्टीकरण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मानता है या फिर दोषियों पर कार्रवाई कर यह संदेश देता है कि सरकारी आदेशों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पेट्रोल-डीजल जब्त बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर तहसील शंकरगढ़ क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाते हुए प्रशासनिक टीम ने अवैध रूप से संग्रहित एवं परिवहन किए जा रहे पेट्रोल और डीजल को जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शंकरगढ़ श्री अनमोल विवेक टोप्पो के नेतृत्व में तहसीलदार शंकरगढ़ तथा खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से विभिन्न स्थानों पर जांच की। जांच के दौरान कुल पांच मामलों में पेट्रोल एवं डीजल के अवैध भंडारण और परिवहन की पुष्टि होने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 52 लीटर पेट्रोल एवं 105 लीटर डीजल जब्त किया। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से ईंधन का भंडारण और परिवहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे जनसुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं के सुचारु एवं नियमबद्ध वितरण को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध भंडारण, कालाबाजारी, परिवहन और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण या परिवहन किया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने तथा जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में अवैध ईंधन भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर तहसील शंकरगढ़ क्षेत्र में संयुक्त जांच अभियान चलाते हुए प्रशासनिक टीम ने अवैध रूप से संग्रहित एवं परिवहन किए जा रहे पेट्रोल और डीजल को जब्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शंकरगढ़ श्री अनमोल विवेक टोप्पो के नेतृत्व में तहसीलदार शंकरगढ़ तथा खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से विभिन्न स्थानों पर जांच की। जांच के दौरान कुल पांच मामलों में पेट्रोल एवं डीजल के अवैध भंडारण और परिवहन की पुष्टि होने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 52 लीटर पेट्रोल एवं 105 लीटर डीजल जब्त किया। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से ईंधन का भंडारण और परिवहन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे जनसुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं के सुचारु एवं नियमबद्ध वितरण को सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध भंडारण, कालाबाजारी, परिवहन और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं अवैध रूप से पेट्रोल, डीजल अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण या परिवहन किया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने तथा जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

फाउंडेशन के बैनर तले लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन।

माली-मालाकार समाज में वैवाहिक संबंधों को सरल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से माली-मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन के बैनर तले पहली बार दो दिवसीय अंतरराज्यीय लड़का-लड़की परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन आगामी 25 एवं 26 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित होगा।
फाउंडेशन के संस्थापक एवं डायरेक्टर प्रकाश मालाकार ने बताया कि वर्तमान समय में समाज के युवाओं के विवाह में अनेक प्रकार की कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर इस परिचय सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य योग्य युवक-युवतियों एवं उनके परिवारों को एक मंच पर लाकर वैवाहिक संबंधों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद भगत ने समाज के सभी माली, मालाकार, भगत एवं सैनी समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी अपने पुत्र-पुत्रियों का बायोडाटा एवं नवीनतम फोटो साथ लेकर आएं। यदि संभव हो तो युवक-युवती को भी साथ लाना बेहतर रहेगा, जिससे आपसी परिचय एवं संवाद में सुविधा होगी। एक परिवार से अधिकतम चार सदस्य, जिनमें माता-पिता एवं लड़का-लड़की शामिल हों, कार्यक्रम में भाग ले सकेंगे।
राष्ट्रीय संयोजक सतीश मालाकार ने बताया कि सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी एवं पंजीयन के लिए 9713423708, 9431103869 एवं 9673155701 पर संपर्क कर सकते हैं।
समाज के वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आयोजित यह सम्मेलन समाज के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

गुड गवर्नेंस की दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत।

बलरामपुर, रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में शासन की विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सेवाओं, खाद-बीज, निर्माण कार्य तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर प्रगति लाने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार गुड गवर्नेंस की दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की गई है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सतत मॉनिटरिंग कर शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजनों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतों के निराकरण हेतु प्रत्येक श्रेणी के लिए विभागवार एल-1 से एल-4 तक अधिकारियों की मैपिंग की गई है। जिसमें शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षा ऋतु के दृष्टिगत विशेष स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को मौसमी बीमारियों, सर्पदंश से बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी दें। उन्होंने विशेष रूप से पीवीटीजी एवं पंडो बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

स्वनिधि महोत्सव का आयोजन,पात्र हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित।

भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के अंतर्गत बलरामपुर जिले में स्वनिधि महोत्सव, लोक कल्याण मेला एवं स्वनिधि कैंप का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले के सभी नगरीय निकायों द्वारा इस विशेष अभियान का व्यापक क्रियान्वयन किया जाएगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक पथ विक्रेताओं, असंगठित श्रमिकों एवं शहरी गरीब परिवारों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। आगामी दिनों में विभिन्न नगरीय निकायों में स्वनिधि मेले आयोजित किए जाएंगे, जहां पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यवसायियों एवं पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। 1 जून से 30 जून तक चलने वाले अभियान के दौरान नए ऋण आवेदन, स्वीकृत लेकिन अप्रदत्त ऋण प्रकरणों का निराकरण, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई एवं क्यूआर कोड ऑनबोर्डिंग, पीएम स्वनिधि मोबाइल एप इंस्टॉलेशन तथा डिजिटल लेनदेन संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। साथ ही बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित होंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पथ विक्रेताओं को वित्तीय समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। इस दौरान हितग्राहियों एवं उनके परिवारों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, आयुष्मान भारत, श्रमिक पंजीयन सहित अन्य केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय कल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। वहीं स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को एफएसएसएआई के सहयोग से खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
स्वनिधि महोत्सव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पथ विक्रेताओं, महिला एवं दिव्यांग विक्रेताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उनके बच्चों की शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों को भी विशेष रूप से सराहा और पुरस्कृत किया जाएगा। यह अभियान जिले के हजारों हितग्राहियों के जीवन स्तर एवं आजीविका में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

जनगणना 2027 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) का कार्य 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया है। कलेक्टर ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य के कुशलतापूर्वक संपन्न होने पर अभूतपूर्व सहयोग के लिए जिले के समस्त नागरिकों को धन्यवाद दिया है। यह राष्ट्रीय अभियान भविष्य के भारत और राज्य के विकास की ठोस नींव तैयार करेगा।
जिले में प्रथम चरण के तहत 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक प्रगणकों ने सभी ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से जानकारी एकत्रित की है। इस दौरान परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के उत्तर संकलित किए गए, जिनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी शामिल थी, जिसे अब भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रख लिया गया है। आम नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। संकलित किए गए इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए ही किया जाएगा तथा संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा यथोचित समय पर इन्हें जारी किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में प्रथम चरण का यह कार्य व्यापक स्तर पर 12 तहसीलों के अंतर्गत 643 ग्रामों और 05 नगरीय निकायों में पूरा किया गया है। इसके लिए 12 ग्रामीण और 05 नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनके अंतर्गत 1305 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक शामिल थे। इस कार्य को संपन्न करने हेतु जिले में कुल 1496 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें 3 जिला स्तरीय अधिकारी, 5 अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, 17 चार्ज अधिकारी, 19 तकनीकी सहायक, 2 मास्टर ट्रेनर, 31 फील्ड ट्रेनर, 1214 प्रगणक तथा 187 पर्यवेक्षक शामिल थे। इस दौरान प्रगणकों द्वारा जिले के सभी क्षेत्रों को पूर्ण रूप से कवर किया गया।
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का कार्य जो कि फरवरी 2027 से संपादित किया जाएगा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने उक्त कार्य के लिए भी नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

1314.53 लाख रुपये की लागत से होगा नहर विस्तार।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पिपरोल में किसानों के लिए बड़ी सौगात के रूप में काशीसोत व्यपवर्तन योजना के नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, जनपद अध्यक्ष बलरामपुर सुश्री सुमित्रा चेरवा, जनपद अध्यक्ष रामचंद्रपुर श्री मुंद्रिका सिंह, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर, जिला पंचायत सदस्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी   आनंद राम नेताम, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन अधिकारी एन पी डहरिया, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे।
इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के लिए शासन द्वारा 1314.53 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत मुख्य नहर का निर्माण एवं विस्तार 5920 मीटर तथा माइनर नहर का विस्तार 9910 मीटर लंबाई में किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को वर्षभर बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
योजना से खरीफ सीजन में 500 हेक्टेयर तथा रबी सीजन में 150 हेक्टेयर सहित कुल 650 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इससे लगभग 150 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नहर विस्तार से पिपरोल एवं सेंदुर क्षेत्र के किसानों को वर्षभर खेती का अवसर मिलेगा। उन्होंने किसानों को धान के साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती अपनाने, मिश्रित खेती को बढ़ावा देने तथा जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि नहर परियोजना से केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि नहर विस्तार कार्य से विशेष रूप से रबी फसलों की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को इसका दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।