Fri. Oct 23rd, 2026

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अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर वन विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान।

बलरामपुर। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा जिले में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वनमण्डलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन में “हमारी जैव विविधता, हमारा भविष्य” एवं “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य” थीम पर किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करना रहा, जिनका सकारात्मक प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे। इस अवसर पर बलरामपुर जिले की समृद्ध जैव विविधता, वन्य जीवों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के संबंध में विद्यार्थियों और आमजन को जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों द्वारा जैव विविधता के महत्व, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वन विभाग द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल बलरामपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए स्लोगन, निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन से जुड़े प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर उप वनमण्डलाधिकारी अनिल सिंह पैकरा, मो. अकीफ, सहायक वन संरक्षक आलोक जायसवाल सहित वन परिक्षेत्राधिकारी बलरामपुर, राजपुर एवं चांदो तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

रामानुजगंज में मिली 96 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि।

बलरामपुर-रामानुजगंज के जिले में पहला पांडुलिपि रामानुजगंज मध्य बाजार निवासी श्री रामेश्वर प्रसाद गुप्ता के घर से 96 वर्ष पुरानी एक अत्यंत दुर्लभ पांडुलिपि प्राप्त हुई है।

ज्ञानभारतम अभियान की जिला स्तरीय समिति के नोडल अधिकारी रामपथ यादव, सहायक नोडल संजय कुमार गुप्ता और जिला ग्रंथपाल राजकुमार शर्मा ने रामेश्वर गुप्ता परिवार के निवास पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक पांडुलिपि का सूक्ष्म अवलोकन किया।

पांडुलिपि के संरक्षक रामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि यह अमूल्य धरोहर उनके दादाजी श्री लक्ष्मी प्रसाद रौनियार द्वारा आज से 96 वर्ष पूर्व हस्तलिखित की गई थी, जिसे परिवार ने आज तक बेहद सहेज कर रखा है। इसमें रामानुजगंज की जीवनदायिनी कन्हर नदी में आई ऐतिहासिक बाढ़ का सजीव वर्णन है। मां शारदा की भक्ति स्तुति, भैरवी, द्रौपदी का विनय, गजल, दोहा, चौगोला और दादरा जैसी विविध विधाओं का समावेश है। पांडुलिपि में अत्यंत कलात्मक ढंग से एक वंश-वृक्ष को भी चित्रित किया गया है।

अवलोकन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पांडुलिपि की हस्तलिपि और लेखन शैली की सुंदरता अत्यंत विशिष्ट और विस्मयकारी है। मौके पर मौजूद एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जगदलपुर) से आए प्रभारी अधिकारी हरनेक सिंह ने इस दुर्लभ पांडुलिपि के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर इसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया।

प्रशासन ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके पास कोई प्राचीन ग्रंथ, पांडुलिपि या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हों, तो वे इसकी सूचना जिला स्तरीय समिति को दें ताकि हमारी समृद्ध लोक-संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जा सके।

अवैध खाद भंडारण पर राजस्व एवं कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई।

बलरामपुर। जिले में अवैध खाद भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 बोरी डीएपी खाद जप्त की है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान के निर्देशन में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम नरसिंहपुर में की गई।

प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने गांव में अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया, जहां भारी मात्रा में डीएपी खाद का अवैध भंडारण पाया गया। जांच के दौरान बसंत जायसवाल, छत्रपाल तथा कमलावती जायसवाल के मकानों में 100-100 बोरी डीएपी खाद सहित कुल 300 बोरी खाद भंडारित मिली। अधिकारियों द्वारा खाद से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

पूछताछ में सभी ने बताया कि उक्त खाद ग्राम खुखरी निवासी खाद विक्रेता संदीप जायसवाल की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे संदीप जायसवाल ने खाद अपना होना स्वीकार किया, लेकिन वे भी खाद भंडारण एवं परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

दस्तावेजों के अभाव में संयुक्त टीम ने समस्त 300 बोरी डीएपी खाद को जप्त कर आवश्यक कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राजपुर नरेंद्र कंवर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आशीष सिंहा राजपुर सहित राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम उपस्थित रही।

सरकार की नीतियों के विरोध में बंद रहीं दवा दुकानें, औषधि विक्रेता संघ ने सौंपा ज्ञापन।

रामानुजगंज। केंद्र सरकार की नीतियों एवं प्रमुख मांगों को लेकर बुधवार को जिलेभर में औषधि विक्रेता संघ के आह्वान पर दवा दुकानें बंद रहीं। देशव्यापी बंद का बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में व्यापक असर देखने को मिला। जिले के अधिकांश केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया। औषधि विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि संघ द्वारा प्रशासन के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर विषयों की ओर आकर्षित किया गया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, एनआरएक्स दवाओं की ऑनलाइन आपूर्ति पर नियंत्रण करने तथा जीएसआर 817(E) एवं जीएसआर 220(E) जैसी अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग की। संघ का कहना है कि ऑनलाइन माध्यमों से नकली दवाओं की आपूर्ति होने की आशंका बढ़ रही है, वहीं छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। औषधि विक्रेताओं ने कहा कि यह केवल व्यापार का विषय नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कोविड महामारी के दौरान दवा व्यापारियों ने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।ज्ञापन सौंपने के दौरान अजय गुप्ता, डॉ. विजय सोनी, उल्लास सोनी, हिमांशु गुप्ता, अश्विनी गुप्ता, दिव्यांशु, कृष्णा ठाकुर, गणेश मिस्त्री, इम्तियाज आलम, अफरोज आलम, मिथलेश गुप्ता, रेयाजुदिन आलम एवं आफताब सहित कई दवा व्यापारी उपस्थित रहे।

महंगाई के विरोध में रामानुजगंज ब्लॉक कांग्रेस का जोरदार धरना प्रदर्शन।

रामानुजगंज- देशभर में लगातार बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं के दामों में हो रही वृद्धि के विरोध में मंगलवार को रामानुजगंज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा जय स्तंभ चौक में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान तथा जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर चरणबद्ध आंदोलन के तहत आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।धरना प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मधु गुप्ता ने पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ने से परिवहन खर्च में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल कमी कर आम जनता को राहत प्रदान की जाए तथा ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

जिला उपाध्यक्ष अजय गुप्ता ने रिफाइंड तेल, सरसों तेल, दाल, चावल सहित किराना सामानों की लगातार बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने ने कहा कि महंगाई के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। जिला महामंत्री अशोक जायसवाल ने शासन से आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर नियंत्रण लगाने और आम लोगों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

धरने में सराफा व्यापार से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेता अजय सोनी,ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सोने की खरीद सालभर बंद रखने की अपील से सोना-चांदी कारोबार प्रभावित हुआ है, जिससे व्यापारियों, कारीगरों और कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने इस निर्णय का विरोध करते हुए सराफा व्यवसाय को राहत देने की मांग की। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, अरुण अग्रवाल, जिला महामंत्री अशोक जायसवाल, अजय सोनी, जिला सचिव व्यासमुनि यादव, ब्लॉक अध्यक्ष मधु गुप्ता, कोषाध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी, सनोज दास, ओमप्रकाश यादव, नरेंद्र सिंह खेरवार, नीरज गुप्ता, प्रेमसागर सिंह, ज्ञानती गुप्ता, चंदेश्वर कुशवाहा, जयलाल यादव, रुपवंती जायसवाल, इंतेखाब अंसारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बलरामपुर 20 मई को जिलेभर की दवा दुकानें रहेंगी बंद।

बलरामपुर। केंद्र सरकार द्वारा जारी जीएसआर अधिसूचनाओं के विरोध में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के औषधि विक्रेताओं ने 20 मई को जिलेभर की दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। यह बंद देशव्यापी आंदोलन के तहत किया जा रहा है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान तथा छत्तीसगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (CCDA) के निर्देश पर जिले के सभी दवा व्यवसायी इस आंदोलन में शामिल होंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान जिला औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि जन स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट की व्यवस्था के कारण नकली दवाओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय दवा दुकानों में पंजीकृत और अनुभवी फार्मासिस्ट मरीजों को सही सलाह और उचित मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जबकि ऑनलाइन दवा खरीद में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से एआई आधारित फर्जी प्रिसक्रिप्शन बनाकर नशे एवं साइकोट्रॉपिक दवाइयों की खरीद की जा रही है, जिससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

संघ के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता ने आरोप लगाया कि GSR 817(E) एवं GSR 220(E) जैसी अधिसूचनाओं का दुरुपयोग कर अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। दवा व्यवसायियों का कहना है कि स्थानीय दुकानों में दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है तथा समय-समय पर ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा निरीक्षण कर दवाओं की गुणवत्ता की जांच की जाती है, जबकि ऑनलाइन बिक्री में इस प्रकार की निगरानी का अभाव है।

संघ के लीगल एडवाइजर देवेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 20 मई को जिले के अंतर्गत आने वाली सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए ब्लॉक मुख्यालयों में कुछ दुकानों को चिन्हित किया गया है, जहां अत्यंत आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

संघ के जनसंपर्क अधिकारी उल्लास सोनी नेआम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यक दवाइयां 19 मई तक खरीद लें तथा 20 मई के बंद को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। प्रेस वार्ता में लीगल एडवाइजर देवेंद्र उपाध्याय, जनसंपर्क अधिकारी उल्लास सोनी एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षा विभाग में रिश्वत का खेल उजागर, एसीबी को बड़ी सफलता।

बलरामपुर जिले के शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता मिली है, जहां विशेष न्यायालय ने विकासखंड शिक्षा कार्यालय वाड्रफनगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व माध्यमिक शाला ढढ़िया में भृत्य पद पर कार्यरत नितेश रंजन पटेल का वर्ष 2013 से 2017 तक का लगभग 92 हजार रुपये एरियर्स भुगतान लंबित था। लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने विकासखंड शिक्षा कार्यालय वाड्रफनगर में संपर्क किया। आरोप है कि वहां पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम ने सेवा पुस्तिका सत्यापन एवं बिल प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में पहले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी 12 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ।
प्रार्थी ने मामले की शिकायत एसीबी अम्बिकापुर कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी ने 13 अगस्त 2024 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान आरोपी गौतम सिंह आयम को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने 8 अक्टूबर 2024 को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त साक्ष्य एवं गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले को एसीबी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, अतिथि शिक्षकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर भी 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों की जांच एवं कार्रवाई में कितनी तत्परता दिखाता है।

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।