Fri. Oct 23rd, 2026

ताजा खबरें

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एबीवीपी का हल्ला बोल।

अंबिकापुर में निजी स्कूलों की मनमानी, बढ़ती फीस, अभिभावकों के शोषण और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में कई निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर अभिभावकों और विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मौन बने हुए हैं। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बीच मिलीभगत के कारण स्कूल प्रबंधन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। परिषद ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि, ड्रेस, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। इससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि यदि निजी स्कूलों की मनमानी पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो परिषद आंदोलन को और उग्र करेगी। वहीं नगर मंत्री रोनी मिश्रा, सह मंत्री मयंक और महाविद्यालय अध्यक्ष रितेश ने भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस प्रदर्शन में एबीवीपी के कई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना, अनिवार्य खरीद व्यवस्था और अन्य अनियमितताओं की तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिल सके।

मानवता शर्मसार सड़क किनारे मिली लावारिस नवजात बालिका,

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात नवजात बालिका सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05 अप्रैल 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन बलरामपुर की टीम को सूचना मिली कि वाड्रफनगर क्षेत्र अंतर्गत चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर के बलंगी रोड किनारे एक नवजात शिशु पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बताया गया है कि नवजात बालिका को फिलहाल “रचना” नाम दिया गया है, जो एक काल्पनिक नाम है। प्राथमिक सुरक्षा एवं उपचार के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उसका संरक्षण किया जा रहा है। बालिका की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर-रामानुजगंज ने जानकारी देते हुए जिलेवासियों से अपील की है कि यदि इस नवजात बालिका के संबंध में किसी व्यक्ति, परिवार या अभिभावक को कोई जानकारी हो अथवा किसी प्रकार का दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना हो, तो वे 07 दिवस के भीतर अपना आवेदन कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में दावा-आपत्ति प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक है।

यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी मासूम बच्चों के साथ ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा बालिका की सुरक्षा और भविष्य को लेकर आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

मानवता शर्मसार सड़क किनारे मिली लावारिस नवजात बालिका,

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात नवजात बालिका सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05 अप्रैल 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन बलरामपुर की टीम को सूचना मिली कि वाड्रफनगर क्षेत्र अंतर्गत चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर के बलंगी रोड किनारे एक नवजात शिशु पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
बताया गया है कि नवजात बालिका को फिलहाल “रचना” नाम दिया गया है, जो एक काल्पनिक नाम है। प्राथमिक सुरक्षा एवं उपचार के लिए उसे तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उसका संरक्षण किया जा रहा है। बालिका की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर-रामानुजगंज ने जानकारी देते हुए जिलेवासियों से अपील की है कि यदि इस नवजात बालिका के संबंध में किसी व्यक्ति, परिवार या अभिभावक को कोई जानकारी हो अथवा किसी प्रकार का दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना हो, तो वे 07 दिवस के भीतर अपना आवेदन कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में दावा-आपत्ति प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि नवजात को इस तरह सड़क किनारे छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक है।
यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि आज भी मासूम बच्चों के साथ ऐसी परिस्थितियां क्यों उत्पन्न हो रही हैं। फिलहाल प्रशासन द्वारा बालिका की सुरक्षा और भविष्य को लेकर आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

महुआ चुनने गई बालिका की हाथियों के हमले में मौत।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महावीरगंज में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें महुआ चुनने गई एक बालिका की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महावीरगंज की एक बालिका सुबह जंगल किनारे महुआ चुनने गई थी। इसी दौरान वहां विचरण कर रहे जंगली हाथियों के झुंड से उसका सामना हो गया। अचानक हुए हमले में बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक बालिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता एवं नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज भेज दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार घूम रहे हाथियों पर निगरानी बढ़ाने तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार गांवों और जंगल किनारे के इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों का खेतों, जंगलों और दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे ज्यादा भयभीत हैं। महुआ सीजन के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल की ओर जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

महुआ चुनने गई बालिका की हाथियों के हमले में मौत।

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महावीरगंज में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसमें महुआ चुनने गई एक बालिका की हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत महावीरगंज की एक बालिका सुबह जंगल किनारे महुआ चुनने गई थी। इसी दौरान वहां विचरण कर रहे जंगली हाथियों के झुंड से उसका सामना हो गया। अचानक हुए हमले में बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल फैल गया।घटना की सूचना मिलते ही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक बालिका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विभागीय अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता एवं नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज भेज दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार घूम रहे हाथियों पर निगरानी बढ़ाने तथा गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों का दल लगातार गांवों और जंगल किनारे के इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों का खेतों, जंगलों और दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे ज्यादा भयभीत हैं। महुआ सीजन के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल की ओर जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जिला युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी पर लगी रोक, खुशी पलभर में बदली निराशा में।

बलरामपुर। जिला युवा कांग्रेस बलरामपुर में नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बना ही था कि कुछ ही घंटों में यह खुशी निराशा में बदल गई। जिला अध्यक्ष बृजेश यादव द्वारा 29 मार्च 2026 को जारी की गई जिला कार्यकारिणी सूची पर छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के संगठन प्रभारी महासचिव ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कई पदाधिकारियों और समर्थकों ने इसे संगठन के विस्तार और मजबूती की दिशा में बड़ा कदम माना था। लेकिन सूची जारी होने के कुछ ही समय बाद उस पर रोक लगने से जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम के बाद युवा कांग्रेस के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों और राजनीतिक हलकों में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कार्यकारिणी में आपसी असमंजस, संगठनात्मक तालमेल की कमी तथा कथित रूप से पार्टी विरोधी माने जाने वाले कुछ लोगों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश नेतृत्व ने यह कदम उठाया है। हालांकि, आधिकारिक रूप से रोक के स्पष्ट कारणों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इस पूरे मामले ने बलरामपुर जिला युवा कांग्रेस के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है। जिन कार्यकर्ताओं में नई जिम्मेदारियों को लेकर उत्साह था, वे अब असमंजस की स्थिति में हैं। फिलहाल सभी की नजरें प्रदेश नेतृत्व और जिला संगठन की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी इस विवाद को किस तरह सुलझाती है और आगे संगठनात्मक ढांचे में क्या बदलाव किए जाते हैं।

युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बने रामानुजगंज के अमृत जायसवाल।

बलरामपुर। युवा कांग्रेस संगठन द्वारा रामानुजगंज निवासी अमृत जायसवाल ‘उर्फ़ छोटू’ को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति से क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं युवाओं में हर्ष और उत्साह का माहौल है। संगठन से जुड़े लोगों ने इसे रामानुजगंज क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
अमृत जायसवाल लंबे समय से युवा कांग्रेस के साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार भागीदारी निभाते आए हैं। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान और मजबूत पकड़ मानी जाती है। क्षेत्र में सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

नियुक्ति के बाद अमृत जायसवाल ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, युवाओं को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ना और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाना रहेगा। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने अमृत जायसवाल को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और युवाओं की आवाज को और अधिक मजबूती के साथ मंच मिलेगा। रामानुजगंज सहित पूरे जिले में उनकी नियुक्ति को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

रामजन्म उत्सव पर माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन ने लगाए सेवा शिविर।

रामजन्म उत्सव के पावन अवसर पर माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन के बैनर तले छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में सेवा भाव शिविरों का आयोजन किया गया। फाउंडेशन के डायरेक्टर प्रकाश मालाकार के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत रामभक्तों के लिए विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर शरबत, पानी, फ्रूटी, जूस, चना और गुड़ का वितरण किया गयाफाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की। रामजन्म उत्सव के दौरान लगाए गए इन सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में रामभक्तों ने पहुंचकर प्रसाद एवं पेयजल सेवा का लाभ लिया। इस पहल को लोगों ने काफी सराहा और इसे सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पलामू, रामगढ़, धनबाद, रांची, हजारीबाग, गढ़वा, गुमला, बरही और कोडरमा सहित विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर विनोद भगत, सतीश मालाकार, राजेंद्र, सुरेंद्र, पिंटू मालाकार, शशि मालाकार, सुशांत, बबलू सैनी, निशांत सैनी, उमेश मालाकार, सूरज, संजय मालाकार, मुकेश मालाकार, मंटू मालाकार, शिवनारायण मालाकार, रंजीत मालाकार, वीरेंद्र, जितेंद्र मालाकार, मनु भगत और पंकज मालाकार सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।फाउंडेशन के डायरेक्टर प्रकाश मालाकार ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल सामाजिक एकजुटता ही नहीं, बल्कि धार्मिक और मानवीय अवसरों पर सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा और जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

ट्रक की चपेट में युवक गंभीर रूप से घायल।

बलरामपुर। चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंदरी में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां बॉक्साइट परिवहन कर रहे एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे मौजूद युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल बलरामपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर कर दिया।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही चांदो थाना एवं गणेश मोड़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त कराया, जिसके बाद यातायात पुनः सुचारू हो सका।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंठी घाट मार्ग पर बॉक्साइट परिवहन प्रतिबंधित होने के बावजूद भारी वाहन लगातार गुजर रहे हैं, जिससे इस प्रकार की घटनाएं बढ़ रही हैं। मामले को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने घटना की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में आगामी ग्रीष्ण ऋतु को ध्यान में रखते हुए लोगों को पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के द्वारा छत्तीसगढ़ पयेजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं 1987 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण जिले को 01 मार्च 2026 से 31 जुलाई 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। उक्त अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत जिले में उपरोक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा। लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी।


कलेक्टर श्री कटारा ने कहा है कि संबंधित प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानो के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।