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February 2025

बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत की गई कार्यवाही

बलरामपुर,महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि  विकासखंड रामचंद्रपुर के सनावल थाना क्षेत्र में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रोके जाने का प्रयास किया गया था। किंतु जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नाबालिग वर एवं नाबालिग वधु का विवाह जानबूझकर विधि विरुद्ध संपन्न कराया गया है। समिति द्वारा दोनों पक्षों को बाल विवाह न करने के लिए समझाइश दी गई थी, बावजूद इसके, विवाह में उपस्थित लोगों ने उन्हें बाल विवाह हेतु प्रोत्साहित कर विवाह संपन्न करवाया।

उक्त कृत्य बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इस आधार  पर विवाह में शामिल संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत कठोर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ की गई है।

महिला बाल विकास विभाग अधिकारी ने बताया है कि इस अधिनियम के तहत कोई व्यक्ति बाल-विवाह करवाता है या इसको बढ़ावा देता है और या फिर बाल विवाह करवाने में सहायता करता है ,तो उसे दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से कहा है कि उनके आस-पास किसी नाबालिग का विवाह करवाया जा रहा है तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1098 पर तुरंत सूचना दें। ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

जिला एवं पुलिस प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जिससे बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें  ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।

पहले चरण में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हुआ संपन्न।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के अंतर्गत पहले चरण में राजपुर, शंकरगढ़ व कुसमी में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में बुजुर्गों, महिलाओं, युवा मतदाताओं के साथ नये मतदाताओं में अपने प्रतिनिधि चुनने तथा लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने हेतु भारी उत्साह का माहौल देखा गया। साथ ही मतदान केन्द्रों में दिव्यांग, वयोवृद्ध महिला मतदाताओं द्वारा भी उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया।

भाजपा अध्यक्ष प्रत्याशी रमन अग्रवाल ने भारी मतों से जीत दर्ज की।

रामानुजगंज नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा  प्रत्याशी रमन अग्रवाल ने भारी मतों से जीत दर्ज की।

यह चुनाव परिणाम भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। रमन अग्रवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में शानदार विजय प्राप्त की। उनकी इस जीत से पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है और उन्होंने अपनी मेहनत और कड़ी कोशिशों को सफल बताया।

रमन अग्रवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान नागरिकों से अपील की थी कि वे उनके नेतृत्व में नगर पालिका को और भी सशक्त और विकासशील बनाने में मदद करें। उनके विकास के एजेंडे में शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर, जल आपूर्ति, सफाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे थे, जिनके लिए उन्होंने कई योजनाएं प्रस्तुत की थीं। इन मुद्दों पर ध्यान देने और नागरिकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने का उनके अभियान ने अहम भूमिका निभाई।रमन अग्रवाल की जीत को भाजपा की रणनीतिक सफलता के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी ने इस चुनाव में अच्छे उम्मीदवारों के चयन और सही प्रचार रणनीति के साथ मुकाबला किया। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की और अंततः रमन अग्रवाल को भारी मतों से जीत दिलाई। उनकी इस जीत से यह साफ है कि रामानुजगंज में भाजपा की पकड़ मजबूत हुई है और अगले चुनावों में पार्टी की स्थिति और भी मजबूत हो सकती है।

 

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा 07 लोगों के विरूद्ध की गई

सात लोगों को किया गया बलरामपुर जिला बदर
राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राजेन्द्र कटारा द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर मयंक यादव आत्मज बृजकिशोर यादव उर्फ बीजू वाड्रफनगर, चौकी एवं तहसील वाड्रफनगर, प्रशांत विश्वास उर्फ छोटू बंगाली आत्मज स्व. शांति ग्राम सागरपुर, चौकी गणेशमोड़, तहसील बलरामपुर, कोंदा उर्फ सुंदर आत्मज राजाराम यादव ग्राम खुखरी, चौकी बरियों, तहसील राजपुर, धुलू राम आत्मज स्व. झुनिया राम ग्राम जम्हाटी थाना शंकरगढ़, तुुफानी पासवान आत्मज प्रसिद्ध पासवान रामानुजगंज वार्ड क्रमांक 05, थाना रामानुजगंज, गिरजाशंकर उर्फ पुन्नी आत्मज स्व. बांसदेव कुशवाहा एवं राहुल सिंह उर्फ सोनू आत्मज बृजभूषण सिंह उर्फ सरोज सिंह थाना राजुपर को 06 माह की अवधि के लिए जिले से निष्कासित (जिला बदर) किया गया है। जारी आदेश के अनुसार उक्त व्यक्तियों को जिला बलरामपुर-रामानुजगंज तथा सीमावर्ती राजस्व जिला सरगुजा, कोरिया, जशपुर तथा सूरजपुर, सिंगरौली(म.प्र.), सोनभद्र(उ.प्र.) तथा गढ़वा व लातेहार(झारखण्ड) की सीमा से आदेश दिनांक 13 फरवरी 2025 से 06 माह की अवधि के लिए जिला बदर की कार्यवाही की गई।

विकासखण्ड कुसमी में विभिन्न विकास कार्याे का लिया जायजा।

बलरामपुर जिला,कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राजेंद्र कटारा एवं पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत सुदूर अंचल पहुंचे। जहां विकासखण्ड कुसमी में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम चरहु से महुआटोली तक बनने वाले पुलिया, सड़क मार्ग का अवलोकन भी किया। साथ ही उन्होंने ग्राम चुनचुना से बन्दरचुआं तक बन रहे सड़क की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक निर्देश देते हुए गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण करने को कहा।

स्कूलों का निरीक्षण कर परखी शिक्षा की गुणवत्ता

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मतदान केंद्रों के निरीक्षण के दौरान शाला संचालन का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति एवं बच्चों की संख्यात्मक जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से उनके विषय संबंधित प्रश्न पूछ शिक्षा की गुणवत्ता को परखा।

विधानसभा सत्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

बलरामपुर,छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा का पंचम सत्र 24 फरवरी से 21 मार्च 2025 तक आहूत किया गया है। सत्र के दौरान प्राप्त होने वाले तारांकित/अतारांकित विधानसभा प्रश्नों, स्थगन, शून्यकाल, आश्वासनों, ध्यानाकर्षण, अशासकीय संकल्प, याचिका आदि की जानकारी निर्धारित समयावधि में शासन को प्रेषित किये जाने हेतु कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा द्वारा

अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल (मो.न.77248-69974) को नोडल अधिकारी तथा प्रभारी अधीक्षक जिला कार्यालय श्री संजय कुमार मरई (मो.न. 79746-61996) को विधानसभा सेल प्रभारी नियुक्त किया गया है।

 

11 फरवरी को हुए नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए मतगणना।

ईवीएम स्ट्रांग रूम में सील फरवरी को होगी मतगणना।
बलरामपुर‌। जिले के 02 नगर पालिका परिषद् एवं 03 नगर पंचायतों में 11 फरवरी 2025 को शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न हुआ। मतदान के पश्चात सभी मतदानकर्मी नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत बनाए गए स्ट्रांग रूम में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सुरक्षित जमा किये। तत्पश्चात रिटर्निंग अधिकारियों एवं प्रत्याशियों व राजनैतिक दलों की उपस्थिति में सभी नगरीय निकायों के स्ट्रांग रूम को सील किया गया। 11 फरवरी 2025 को हुए नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए मतगणना 15 फरवरी 2025 को होगी।

जिले के नगरीय निकाय चुनाव  में 79.85 प्रतिशत मतदान

नगरीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुआ सम्पन्न

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में नगरीय निकाय चुनाव 2025 में नगर पालिक परिषद बलरामपुर एवं नगर पालिका रामानुजगंज तथा नगर पंचायत  वाड्रफनगर, राजपुर व कुसमी में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ। जिले के पांचों नगरीय निकाय चुनाव में कुल 79.85 प्रतिशत् मतदान हुआ जिसमें नगर पालिका परिषद् बलरामपुर में 80.16 प्रतिशत, नगर पालिका परिषद रामानुजगंज में 78.82 व नगर पंचायत वाड्रफनगर में 81.47, राजपुर में 83.95 व कुसमी में 77.72 प्रतिशत् मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।  नगरीय निकाय निर्वाचन में नये युवा मतदाताओं में अपने प्रतिनिधि चुनने तथा लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने हेतु गजब का उत्साह देखा गया। मतदान केन्द्रों में दिव्यांग, वयोवृद्ध एवं महिला मतदाताओं द्वारा भी उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया, साथ ही मतदाताओं ने सेल्फी वोटर जोन में फोटो भी खिंचवाई। सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सेक्टर अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी तैनात थे तथा उन्होंने लगातार अपने क्षेत्रों में घूमकर शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराया।

निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को मिल रहे समर्थन क्या मतदान में तब्दील हो पाएगा?

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राहुल जीत सिंह को मिल रहे समर्थन ने चुनावी माहौल को रोचक बना दिया है। फिर भी सवाल यह है कि क्या यह समर्थन चुनावी परिणामों में तब्दील हो पाएगा।

रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में सत्ताधारी पार्टी और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के मुकाबले निर्दलीय उम्मीदवार की स्थिति काफी अलग होती है। राजनीतिक दलों के पास संसाधन, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी प्रचार-प्रसार की ताकत होती है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को इन सबकी कमी होती है। बावजूद इसके, राहुल जीत सिंह ने अपनी सहजता, पारदर्शिता और जनता से सीधे संवाद के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

राहुल जीत सिंह को जो समर्थन मिल रहा है, वह मुख्यतः उन लोगों से आ रहा है जो पारंपरिक पार्टी राजनीति से निराश हैं। इन लोगों के लिए राहुल एक नया विकल्प प्रतीत हो रहे हैं, जिनकी छवि एक ईमानदार और निष्कलंक नेता की बन रही है। इन समर्थकों का कहना है कि राहुल को जनता का सच्चा प्रतिनिधि मानते हुए उन्होंने अपना समर्थन दिया है। साथ ही, वे यह भी मानते हैं कि राहुल जीत सिंह का नगर के विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण और उनकी कार्यशैली उनकी लोकप्रियता में इजाफा कर रही है।

इसके बावजूद, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह समर्थन वोटों में बदल पाएगा। अक्सर चुनावी माहौल में देखा जाता है कि लोग उम्मीदवारों के प्रति अपनी सहमति तो व्यक्त करते हैं, लेकिन मतदान के दिन कई अन्य कारणों से उनका रुख बदल जाता है। राजनीतिक दलों के दबाव, उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार की ताकत और पुराने राजनीतिक समीकरणों के कारण कई बार निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी जीत हासिल नहीं कर पाते।

रामानुजगंज जैसे छोटे शहर में वोटरों की मानसिकता भी अहम भूमिका निभाती है। यहाँ के लोग पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति अपनी निष्ठा रखते हैं, और उनकी सोच में बदलाव लाना सरल नहीं होता। हालांकि, राहुल जीत सिंह की छवि एक युवा, ऊर्जावान और नई सोच वाले नेता के रूप में बन रही है, जो बदलाव की बात करता है, लेकिन यह जानना जरूरी होगा कि क्या यह नया जोश मतदान के दिन वोट में तब्दील हो पाएगा।

जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।

भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल द्वारा निकाले गए जुलूस में भारी जन समर्थन, गुटबाजी छोड़ विरोधी भी हुए शामिल।रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल ने जब अपनी चुनावी गतिविधियों को तेज किया, तो उनका जुलूस स्थानीय जनसमर्थन का केन्द्र बन गया। इस जुलूस में भाजपा के साथ साथ अन्य समर्थक भी शामिल हुए, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देख कर प्रभावित हुए। यह घटना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसे क्षेत्रीय राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।रमन अग्रवाल की चुनावी यात्रा के दौरान, उनका जुलूस पूरे शहर में फैल गया और सड़कों पर भारी संख्या में लोग एकजुट हो गए। उनके समर्थकों की संख्या देखकर यह साफ हो गया कि भाजपा के लिए चुनावी मैदान में जीत की संभावनाएं मजबूत हैं। हालांकि, जुलूस के दौरान एक दिलचस्प स्थिति सामने आई जब कई विरोधी भी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के समर्थन में थे।

राजनीतिक दृष्टिकोण से यह घटना बड़ी अहमियत रखती है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय राजनीति में गुटबाजी और आपसी मतभेद आम बात हो, रमन अग्रवाल की अगुवाई में यह जुलूस एकता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बन गया। सभी भाजपा यों को इस जुलूस में शामिल होना यह संकेत देता है कि वे भी रमन अग्रवाल की नीतियों और उनकी नेतृत्व क्षमता से प्रभावित हैं। इसके अलावा, यह रमन अग्रवाल के पक्ष में एक सशक्त संदेश भी देता है कि उनहों ने स्थानीय मुद्दों को समझते हुए जनहित के लिए कइ ठोस कदम उठाए हैं।

इस जुलूस में असंतुष्ट नेता रमन अग्रवाल के समर्थन में खुलकर सामने आए, जिन्होंने अपनी पार्टी की गुटबाजी और अंतर्कलह को छोड़ दिया। यह संकेत है कि रामानुजगंज में भाजपा की स्थिति अब सिर्फ एक पार्टी के तौर पर नहीं, बल्कि एक व्यापक जन समर्थन के रूप में मजबूत हो रही है।

इस जुलूस ने स्थानीय राजनीति में नए समीकरण स्थापित किए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस समर्थन का कितना असर चुनावी परिणामों पर पड़ेगा। रमन अग्रवाल के समर्थकों और स्थानीय जनता के बीच बढ़ती नजदीकी भाजपा प्रत्याशी रमन अग्रवाल के लिए नगरीय निकाय चुनावों में एक सकारात्मक संकेत है। इस जुलूस के बाद, उनकी जीत की संभावना और भी अधिक मजबूत नजर आ रही है।

इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि भाजपा की बढ़ती ताकत और विरोधी लोगो का उनके समर्थन में आना आगामी दिनों में कई और राजनीतिक घटनाओं को जन्म दे सकता है। रामानुजगंज नगर निकाय चुनाव में अब तक की स्थिति भाजपा के पक्ष में नजर आ रही है, लेकिन अंतिम परिणामों का निर्धारण आगामी जनसंपर्क और रणनीतियों पर निर्भर

करेगा।