तनिष्क ज्वेलरी शोरूम से दिनदहाड़े 25 करोड़ की लूट,
हथियारबंद बदमाशों ने 20 मिनट में दिया वारदात को अंजाम
बिहार के आरा शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा घटना में, भोजपुर जिले के गोपाली चौक स्थित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम को निशाना बनाते हुए 6 से 7 हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक के सोने और हीरे के जेवरात लूट लिए। इस दुस्साहसिक वारदात को अपराधियों ने महज 20 मिनट में अंजाम दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह बाइक सवार 6-7 बदमाश शोरूम में घुसे। अंदर जाते ही उन्होंने शोरूम के कर्मचारियों और ग्राहकों को हथियार दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने स्टाफ को एक कमरे में बंद कर दिया और जेवरात लूटने लगे। इस दौरान किसी को भी फोन करने या बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। लूट को अंजाम देने के बाद अपराधी आराम से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही भोजपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शोरूम के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। भोजपुर के एसपी ने बताया कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल टीम गठित की गई है। पुलिस को शक है कि इस वारदात में किसी स्थानीय व्यक्ति की मिलीभगत हो सकती है, क्योंकि लुटेरे सीधे कीमती जेवरात वाली जगह पर पहुंचे थे।
आरा में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में शहर में अपराध की घटनाओं में इजाफा हुआ है। खासकर ज्वेलरी शोरूम और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपराधियों द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना से ज्वेलरी कारोबारियों में गहरा आक्रोश और भय है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और ज्वेलर्स एसोसिएशन ने पुलिस-प्रशासन से जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने की मांग की। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

आरा में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल के दिनों में शहर में अपराध की घटनाओं में इजाफा हुआ है। खासकर ज्वेलरी शोरूम और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपराधियों द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना से ज्वेलरी कारोबारियों में गहरा आक्रोश और भय है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निष्प्रयोज्य सामग्रियों में होमगार्ड जवानों की वर्दी, बूट एंकल, जंगल बूट, डर्वी शू, शर्ट सफेद, फूलपेंट नीला, शर्ट टेरीकॉट, फूलपेंट टेरीकॉट, बरसाती मय टोपी, जर्सी खाखी, अंगोला शर्ट, हाफ पैंट, मोजा नायलोन, कैप बैरेट उल, मोजा जोड़ उनी, कंबल, मच्छरदानी कॉटन, ग्राउण्ड शीट, ब्राउन पी.टी. शू, मच्छरदानी नायलोन, दरी, जर्सी नीली, नीली बड़ी दरी, शर्ट खखी कॉटन, बेल्ट लेदर काला, टोपी बैच, लेनियार्ड, केन, कंधा बैच, तगाड़ी, बेलचा साम्रगी की नीलामी एक ही लॉट में की जाएगी।
इच्छुक खरीददार नीलामी तिथि के एक दिन पूर्व कार्यालयीन समय में आकर सामग्रियों को देख सकेंगे।
बलरामपुर, जिला नगर सेनानी ने जानकारी दी है कि जिला सेनानी, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के निष्प्रयोज्य भण्डारण सामग्रियों को 25 मार्च 2025 दिन मंगलवार को प्रातः 11 बजे नगर सेना कार्यालय बलरामपुर स्थित होमगार्ड परिसर में नीलामी की जाएगी।
निष्प्रयोज्य सामग्रियों में होमगार्ड जवानों की वर्दी, बूट एंकल, जंगल बूट, डर्वी शू, शर्ट सफेद, फूलपेंट नीला, शर्ट टेरीकॉट, फूलपेंट टेरीकॉट, बरसाती मय टोपी, जर्सी खाखी, अंगोला शर्ट, हाफ पैंट, मोजा नायलोन, कैप बैरेट उल, मोजा जोड़ उनी, कंबल, मच्छरदानी कॉटन, ग्राउण्ड शीट, ब्राउन पी.टी. शू, मच्छरदानी नायलोन, दरी, जर्सी नीली, नीली बड़ी दरी, शर्ट खखी कॉटन, बेल्ट लेदर काला, टोपी बैच, लेनियार्ड, केन, कंधा बैच, तगाड़ी, बेलचा साम्रगी की नीलामी एक ही लॉट में की जाएगी। इच्छुक खरीददार नीलामी तिथि के एक दिन पूर्व कार्यालयीन समय में आकर सामग्रियों को देख सकेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार बीत कुछ दिनों से गांव मितानिन समूह की ओर से फाइलेरिया से बचने के लिए दवाई का वितरण किया जा रहा है। परिजनों की मानें तो मितानिनों ने घर पर आकर उनकी तीन साल की बच्ची को फाइलेरिया की दवा खिलाई थी। जबकि इस दौरान परिजन घर पर नहीं थे। बताया गया कि दवाई खाने के बाद बच्ची के सिर में दर्द शुरू हुआ, फिर धीरे धीरे शरीर में फफोले निकलने लगे। साथ ही उल्टी दस्त होने लगा।
बच्ची का हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बच्ची का बिगड़ते हालात को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास की दीवारें गिर गईं और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में दम घुटने से दुकान के मालिक कुश कुमार समेत एक ग्राहक, दो बच्चे और दुकान में काम करने वाली एक महिला की मौत हो गई। वहीं, कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
जानकारी अनुसार, सूरजपुर जिले के ओड़गी क्षेत्र में उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के वक्त वह स्वयं वाहन चला रहे थे। दुर्घटना में उनके हाथ में चोट आई है, हालांकि उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया और आगे के इलाज के लिए अंबिकापुर रवाना कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राम प्रसाद नाग ने अपने छोटे भाई राजाराम नाग की तीन वर्षीय बेटी खुशी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास में इतना अंधा हो गया था कि उसने मासूम बच्ची को बलि चढ़ाने जैसा जघन्य अपराध कर डाला।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चाचा राम प्रसाद नाग को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गांववालों का कहना है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में इस तरह की घटनाएं पहले भी सुनने में आई हैं, लेकिन इतनी निर्दयता से किसी मासूम की बलि चढ़ाने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस व प्रशासन लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने और जागरूक होने की अपील कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
मोहम्मद बख्श पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री राम विचार नेताम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा समर्थकों ने थाना रामानुजगंज में उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, 23 मार्च को हुए पंचायत चुनाव में उनके खिलाफ धांधली के आरोप लगाते हुए। पीठासीन अधिकारी द्वारा भी कई दिनों के बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, सवाल यह उठता है कि पीठासीन महोदय को इतने दिनों बाद याद क्यों आई जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
वहीं गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हथकड़ी लगाकर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल तक पैदल ले जाना क्या मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं है? क्या यह एक जनप्रतिनिधि के साथ न्यायोचित व्यवहार था, या फिर उनके प्रति बदले की भावना से किया गया कृत्य?