Fri. Oct 23rd, 2026

2026

गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2.345 किलो गांजा जब्त

अनूपपुर/बिजुरी। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिजुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को कथित रूप से गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 2 किलो 345 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रान्त मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य के मार्गदर्शन में की गई।

मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ठाकुर बाबा धाम (लोहसरा) के पास बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर एक व्यक्ति काले रंग के बैग में गांजा लेकर बैठा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस टीम साक्षियों के साथ मौके पर पहुंची।
पुलिस का कहना है कि मौके पर एक व्यक्ति काला बैग लेकर बैठा दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह बैग सहित झाड़ियों की ओर भागने लगा, जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

बैग की तलाशी में मिला गांजा

पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम बबलू बेनिया (44 वर्ष), पिता निलंबर बेनिया, मूल निवासी बक्सी तुलसी पाली, थाना जूनागढ़, जिला कालाहांडी, ओडिशा तथा वर्तमान निवासी वार्ड क्रमांक 07, पड़रीपानी, बिजुरी बताया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के पास मौजूद काले बैग की तलाशी लेने पर उसमें हरी सूखी पत्तियां, डंठल एवं बीजयुक्त पदार्थ मिला। आरोपी ने इसे गांजा बताया। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौल करने पर पन्नी एवं टेप सहित कुल वजन 2 किलो 345 ग्राम पाया गया।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने मौके पर पंचनामा तैयार कर बरामद गांजे को विधिवत सील कर अपने कब्जे में लिया। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/20(b) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश करते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में बिजुरी पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ में व्याख्याता भर्ती का रास्ता साफ, 854 पदों पर सीधी भर्ती

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक और अवसर सामने आया है। जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। यह भर्ती मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत घोषित पांच हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया का हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार व्याख्याता के कुल 854 पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें ई-संवर्ग के 424 पद तथा टी-संवर्ग के 430 पद शामिल हैं। विभिन्न विषयों के लिए पद निर्धारित किए गए हैं, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषय में 120-120 पद रखे गए हैं।

नवंबर में हो सकती है परीक्षा

भर्ती प्रक्रिया के तहत परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवंबर 2026 बताई गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा की अंतिम तिथि, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, पाठ्यक्रम एवं अन्य महत्वपूर्ण शर्तों के लिए विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन और आगामी निर्देशों पर नजर रखने की आवश्यकता होगी।
व्याख्याता के इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच उम्मीदें जगी है। लंबे समय से शिक्षकीय पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है ।

ATS की कार्रवाई में मारा गया झारखंड का 30 लाख इनामी बृजेश गंझू।

चतरा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) के सुप्रीमो और झारखंड के चतरा निवासी बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने वाराणसी में हुई मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के अनुसार, रविवार 20 सितंबर 2026 की सुबह रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के पास यह कार्रवाई हुई। बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

बाइक से जा रहा था बृजेश, रोकने पर हुई फायरिंग

सूत्रों के मुताबिक, यूपी ATS को सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ बाइक से टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर ATS और रामनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने लंका मैदान के पास उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में बृजेश को गोली लगी।

घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

दो पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली

मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम पर भी फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है।

झारखंड सरकार ने रखा था 25 लाख का इनाम

मिली जानकारी के अनुसार बृजेश गंझू चतरा जिले का रहने वाला बताया गया है। उस पर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये तथा NIA की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। NIA के कई मामलों में भी उसकी तलाश बताई गई थी।

रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि उस दौरान बृजेश की गतिविधियों और विभिन्न स्तरों पर संपर्क को लेकर जांच एजेंसियों की नजर थी। पिछले कुछ वर्षों से उसके भूमिगत रहने की बात सामने आ रही थी। अब वाराणसी में हुई ATS की कार्रवाई के बाद उसके मारे जाने की पुष्टि पुलिस की ओर से की गई है।

लंबे समय से एजेंसियों के निशाने पर था

बृजेश गंझू के खिलाफ उग्रवादी गतिविधियों और टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा रही थी। उस पर घोषित 30 लाख रुपये का इनाम उसकी तलाश की गंभीरता को दर्शाता था। वाराणसी में हुई मुठभेड़ के बाद अब जांच एजेंसियां उसके फरार साथी और मुठभेड़ से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुटी हैं।

घटिया निर्माण की भेंट चढ़ा चेकडेम क्षतिग्रस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जनपद पंचायत शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कमारी में मनरेगा योजना से करीब 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेकडेम पहली ही बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि निर्माण को अभी महज तीन महीने ही हुए थे। चेकडेम के बड़े हिस्से में दरारें पड़ने के साथ ही पक्का निर्माण कई स्थानों से टूटकर बह गया है।
ग्रामीणों के अनुसार चेकडेम का निर्माण जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा के उद्देश्य से कराया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद इसकी स्थिति खराब होने लगी। मानसून की बारिश के बाद चेकडेम का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल?

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ कोई निर्माण महज तीन महीने में ही क्षतिग्रस्त हो जाए, तो इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की जांच आवश्यक है।
हालांकि, निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। ऐसे में पूरे मामले में तकनीकी जांच और निर्माण की गुणवत्ता का परीक्षण कराए जाने की मांग उठ रही है।

जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल

इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद चेकडेम के क्षतिग्रस्त होने से संबंधित विभागीय अधिकारियों की निगरानी और निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है।
यदि जांच में निर्माण कार्य में तकनीकी खामी, मानकों की अनदेखी या अन्य अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी राशि की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं।

सास-दामाद की लव स्टोरी: 21 साल के दामाद पर आया सास का दिल,

मैनपुरी। सास और दामाद के कथित प्रेम संबंध का मामला सामने आने के बाद परिवार में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि परिवार के विरोध और समझाइश के बावजूद महिला और युवक एक-दूसरे से अलग होने को तैयार नहीं हैं। दोनों ने साथ रहने और शादी करने की इच्छा जताई है। मामला बढ़ने पर परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस दोनों की काउंसिलिंग कर रही है।
सूत्रों से जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के खरगजीत नगर में महिला की बहन की बेटी की शादी करीब दो वर्ष पहले दूसरे मोहल्ले के 19 वर्षीय युवक से हुई थी। शादी के बाद युवक का अपनी ससुराल के साथ-साथ अपनी मौसिया सास के घर भी आना-जाना था। इसी दौरान महिला और युवक के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात परिवार के सामने आई। परिजनों के अनुसार, करीब छह माह पहले दोनों के बीच कथित रूप से प्रेम संबंध शुरू हुआ।
मामले की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को होने के बाद उन्होंने दोनों को समझाने का प्रयास किया। महिला के पांच बच्चों को भी जब कथित संबंध की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद परिवार में विवाद बढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार और पंचायत स्तर पर समझाइश के बावजूद दोनों अपने फैसले पर कायम रहे।

परिजनों के अनुसार, महिला और युवक दोनों साथ रहने तथा शादी करने की इच्छा पर अड़े हुए हैं। युवक ने पुलिस के समक्ष भी महिला के साथ रहने की बात कही है। बताया जा रहा है कि युवक महिला के पांचों बच्चों को भी साथ रखने के लिए तैयार है।
मामले को लेकर परिजनों द्वारा पुलिस से संपर्क किए जाने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की। कोतवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया के मुताबिक, महिला और उसकी बहन के दामाद के बीच कथित प्रेम संबंध का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा दोनों की काउंसिलिंग की जा रही है और परिवार के सदस्यों को भी समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला पुलिस की काउंसिलिंग और पारिवारिक समझाइश के स्तर पर है।

नामांकन की अंतिम तिथि बढ़ी अब कर सकते हैं ऑनलाइन नामांकन

बलरामपुर, रामानुजगंज स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार इंस्पायर-अवार्ड मानक (INSPIRE-MANAK) योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत नामांकन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि सक्षम प्राधिकारी द्वारा बढ़ाई गई है। अब इच्छुक विद्यालय 10 अक्टूबर 2026 तक विद्यार्थियों के नामांकन प्रस्तुत कर सकेंगे।

इंस्पायर-मानक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर नवाचार की प्रतिभा को पहचानना एवं प्रोत्साहित करना है। योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता तथा नवाचार क्षमता को विकसित किया जाता है, जिससे प्रतिभाओं की पहचान होकर राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सुनिश्चित हो सके।

जिला शिक्षा विभाग ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय प्रमुखों से आग्रह किया है कि वे अपने विद्यालय के विद्यार्थियों के मौलिक विचारों एवं नवाचारी परियोजनाओं का नामांकन निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं, जिससे जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थी इस राष्ट्रीय स्तर की योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। विद्यार्थियों को भी समय पर नामांकन कराकर अपनी नवाचार की सोच को उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया है।

स्वास्थ्य शिक्षा की नई नींव, मंत्री बोले, अब जिले में ही तैयार होंगे स्वास्थ्य सेवा के सिपाही।

बलरामपुर, रामानुजगंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत आज जिला मुख्यालय बलरामपुर में नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन हुआ। प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन की आधारशिला रखी। 60 सीटों वाले इस महाविद्यालय का भवन मरियम पारा में आवंटित 2 एकड़ 80 डिसमिल भूमि पर बनेगा। यह पहल जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय बनने से जिले में चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। अब तक यहां के विद्यार्थियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जबकि अब यह अवसर उन्हें अपने ही जिले में मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित युवा सीधे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ेंगे और ग्रामीण व दूरस्थ अंचलों तक बेहतर उपचार पहुंचाने में सहभागी बनेंगे। मंत्री श्री नेताम ने नर्सिंग को मानवता की सेवा का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय जिले की बेटियों और युवाओं को सम्मानजनक रोजगार के साथ समाज सेवा का अवसर भी देगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरंतर विस्तार का उल्लेख किया और इस पहल को सेवा संकल्प की भावना का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंहदेव और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। श्री गौतम सिंह, श्री गोपाल मिश्रा, श्री अजीत सिंह, श्री विजय प्रताप सिंह, श्रीमती स्वर्णलता प्रीतम, श्री मुकेश गुप्ता और श्री एस.एन. चौबे सहित गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। स्वास्थ्य विभाग सीएमएचओ डॉ. विजय सिंह व अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू हुई यह पहल जिले की बेटियों के स्वावलंबन और सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव बनेगी।

नवोदय के नन्हे आविष्कारकों से मिलीं कलेक्टर: अटल टिंकरिंग लैब के शुभारंभ

बलरामपुर,पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, टांगरमहरी में आज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) और मल्टी-फाउंडेशनल स्किल लैब का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए तकनीकी और वैज्ञानिक मॉडलों का एक-एक कर अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने रेन डिटेक्टर, स्मार्ट डस्टबिन, लेजर सिक्योरिटी सिस्टम, वायरलेस पावर ट्रांसफर, टच सेंसर, क्लैप सर्किट, डिजिटल मल्टीमीटर, आर्डुइनो आधारित ऑब्स्टेकल डिटेक्शन सिस्टम और ऑडिटरी रोबोट जैसे उपयोगी प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से पूछा कि उन्होंने ये मॉडल किस समस्या को ध्यान में रखकर बनाए हैं और ये कैसे काम करते हैं। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और उपयोगिता बताई। जनहित से जुड़े इन नवाचारों से प्रभावित होकर कलेक्टर ने बच्चों को भविष्य का वैज्ञानिक बताया और उनकी खुले मन से सराहना की।

लैब शुभारंभ के बाद कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक हुई। प्राचार्य ने सत्र 2025-26 की प्रगति, शिक्षकों व स्टाफ की स्थिति और परीक्षा परिणाम की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एम आर यादव, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ श्री अजय कुर्रे, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य, पालक प्रतिनिधि, समिति के सदस्य और विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

विद्यालय में125 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा।

बलरामपुर रामानुजगंज,छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर के निर्देशन में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, बलरामपुर में ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व और उसके संरक्षण के उपायों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर निबंध, चित्रकला, भाषण एवं क्विज प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें 125 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

निबंध प्रतियोगिता में मनीषा कुमारी प्रथम, रोशनी द्वितीय और सुमन तृतीय रहीं। चित्रकला में आरती सिंह एवं पायल सिंह ने संयुक्त रूप से प्रथम, प्राजंलि एवं जाहनेआरा ने द्वितीय तथा ज्योति प्रजापति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में अरविंद यादव ने बाजी मारी, जबकि लकी राम दूसरे और प्रमिला तीसरे स्थान पर रहीं। क्विज में भी मनीषा कुमारी ने पहला स्थान हासिल कर दोहरी सफलता अर्जित की। इस स्पर्धा में पूजा सिंह द्वितीय और प्रमिला सिंह तृतीय रहीं।

संस्था के प्राचार्य श्री चंद्रशेखर प्रसाद गुप्ता और प्रभारी श्री रविशंकर श्रीवास ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति सजग रहने और ओजोन परत की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी को गिरफ्तार भेजा गया जेल।

बलरामपुर-रामानुजगंज वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज के परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 15 सितंबर 2026 को वनमंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन एवं उपवनमंडलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में वनपरिक्षेत्र बलरामपुर की टीम ने अवैध रूप से साल चिरान का परिवहन करते हुए एक पिकअप वाहन को पकड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के बलरामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वाहन क्रमांक CG30D1479 की जांच के दौरान उसमें साल प्रजाति के चिरान के 07 नग, जिसकी मात्रा लगभग 0.141 घनमीटर बताई गई, अवैध रूप से परिवहन करते पाया गया। वन विभाग की टीम ने वाहन सहित वनोपज को जब्त कर लिया।
मामले में वन विभाग द्वारा वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22044/11, दिनांक 15.09.2026 दर्ज करते हुए भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41 एवं 52 तथा छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम, 2022 के तहत कार्रवाई की गई। प्रकरण में मदन गुप्ता पिता स्व. रामकेवल गुप्ता एवं आयुष गुप्ता पिता मदन गुप्ता, दोनों निवासी बलरामपुर थाना-रामानुजगंज, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया।
वन-पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
उक्त प्रकरण की जब्ती एवं कार्रवाई के दौरान बलरामपुर पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई में प्रभारी वन परिक्षेत्राधिकारी बलरामपुर निखिल सक्सेना (रा.व.से.), उपवन परिक्षेत्राधिकारी दुर्गाल,  रामकुमार यादव, वनपाल श्री रामलाल यादव, वनरक्षक श्री अजीत कुमार, श्री शिखाराम सिंह, श्री प्रणय चंद्र वनरक्षक, श्री राजेश्वर राम वनरक्षक एवं श्री संजीव सिंह वनरक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनों से अवैध कटाई, वनोपज के अवैध परिवहन एवं वन संपदा के दोहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।