Fri. Oct 23rd, 2026

2026

मंत्री नेताम की पहल से जिले में जल्द खुलेगा रेलवे रिजर्वेशन काउंटर,केंद्रीय रेल मंत्री से की मुलाकात।

बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ आदिम जाति और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लोगों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से आज सुबह दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मांग पत्र प्रेषित कर बलरामपुर जिला मुख्यालय में शीघ्र रेलवे रिजर्वेशन काउंटर प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। मंत्री श्री रामविचार नेताम की मांग पर केन्द्रीय रेल मंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए जल्द मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। रेल्वे काउंटर बनने से हजारों यात्रों को राहत मिलेगी।

मंत्री श्री नेताम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा मरीजों सहित हजारों यात्रियों को टिकट आरक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है तथा आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोलने की मांग लगातार की जा रही है। जनसंख्या, बढ़ती यात्रा आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय विकास को देखते हुए अब यह सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

 

श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया है कि जनहिबलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ आदिम जाति और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लोगों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से आज सुबह दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मांग पत्र प्रेषित कर बलरामपुर जिला मुख्यालय में शीघ्र रेलवे रिजर्वेशन काउंटर प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। मंत्री श्री रामविचार नेताम की मांग पर केन्द्रीय रेल मंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए जल्द मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। रेल्वे काउंटर बनने से हजारों यात्रों को राहत मिलेगी।

मंत्री श्री नेताम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा मरीजों सहित हजारों यात्रियों को टिकट आरक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है तथा आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोलने की मांग लगातार की जा रही है। जनसंख्या, बढ़ती यात्रा आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय विकास को देखते हुए अब यह सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिला मुख्यालय में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इससे जिले के हजारों यात्रियों को बेहतर रेलवे सेवाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें आरक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।त एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिला मुख्यालय में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इससे जिले के हजारों यात्रियों को बेहतर रेलवे सेवाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें आरक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

ग्रामीणों की चिंता पर प्रशासन ने दिखाई तत्परता महावीरगंज में प्लांट से निकलने वाले पानी की हो रही वैज्ञानिक जांच।

बलरामपुर, रामानुजगंज जिले में ग्राम महावीरगंज में प्लांट से निकलकर नदी में प्रवाहित हो रहे पानी को लेकर ग्रामीणों द्वारा जताई गई चिंता पर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर जल विशेषज्ञों की टीम ने प्लांट और आसपास के क्षेत्रों से पानी का नमूना लिया हैं, जिसकी वैज्ञानिक जांच जिला जल प्रयोगशाला में की जा रही है।
विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के ग्राम महावीरगंज के
युवा कांग्रेस नेता इंतखाब अंसारी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के व्यास मुनि यादव सहित ग्रामीणों द्वारा गांव में लगे प्लांट से निकलने वाले पानी को लेकर प्रशासन से शिकायत की गई थी। जिसमें ग्रामीणों ने बताया था कि प्लांट से निकलकर नदी में प्रवाहित हो रहे पानी से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने पानी के कारण लोगों के बीमार होने, मवेशियों को नुकसान पहुंचने तथा चर्मरोग जैसी बीमारी होने की आशंका भी व्यक्त की थी।

ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खण्ड बलरामपुर के कार्यपालन अभियंता को आवश्यक निर्देश दिए।
निर्देश के परिपालन में जिले की जल विशेषज्ञ टीम द्वारा संबंधित विभागीय अमले के साथ प्लांट तथा आसपास के क्षेत्रों से पानी के सैंपल एकत्र किया गया। कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी है कि इन नमूनों की जिला जल प्रयोगशाला में सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित जल के सैंपल को राज्य स्तरीय विशेषज्ञ प्रयोगशाला में भी परीक्षण के लिए भेजा जाएगा

सरस्वती साइकिल योजना में क्या बड़ा झोल गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर सख्त,डीईओ, बीईओ एवं प्राचार्य को नोटिस

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले में सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं में प्रवेशित छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकासखंड बलरामपुर के सेजेस जरहाडीह में साइकिल वितरण के दौरान गुणवत्ता संबंधी मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर तथा संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण एवं निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण साइकिलें ही उपलब्ध कराई जाएं।

कलेक्टर ने अधिकारियों से दो दिवस के भीतर उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा साइकिलों की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में योजना के तहत वितरित होने वाली साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन की सख्ती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब संबंधित अधिकारियों के जवाब और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध लकड़ी से भरा ट्रक जब्त, चालक फरार।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में अवैध लकड़ी के परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत भोदर क्षेत्र से अवैध लकड़ी से भरा एक ट्रक जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक वन विभाग की टीम को देखकर वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। वन अमले ने ट्रक को कब्जे में लेकर लकड़ी की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, वन विभाग को क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र की टीम ने ग्राम पंचायत रूपपुर सहित भोदर क्षेत्र में निगरानी और घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में एक ट्रक वहां पहुंचा। वन विभाग की टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन टीम को देखते ही चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
इसके बाद वन अमले ने ट्रक की तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई। प्रारंभिक तौर पर जब्त लकड़ी चंदन जैसी दिखाई देने वाली कत्थे की लकड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि लकड़ी की वास्तविक प्रजाति और उसकी वैधता की पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही ट्रक के दस्तावेजों और लकड़ी से संबंधित वैध कागजात की भी जांच की जा रही है। फरार चालक की पहचान और तलाश के लिए भी वन विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग का कहना है कि वन संपदा के अवैध कटान और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही जब्त लकड़ी की मात्रा, प्रजाति और पूरे नेटवर्क से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

रामानुजगंज सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति, हो सकता है कभी भी बड़ा हादसा।

रामानुजगंज। नगर के प्रमुख सब्जी मार्केट परिसर की जर्जर स्थिति अब लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। लंबे समय से परिसर में बनी अव्यवस्थाओं और जर्जर हिस्सों के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और आम नागरिक सब्जी खरीदने के लिए यहां पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सब्जी मार्केट शहर के व्यस्ततम स्थानों में शामिल है, जहां सुबह से लेकर शाम तक काफी भीड़ रहती है। परिसर की जर्जर स्थिति के बीच यदि किसी हिस्से का मलबा या निर्माण सामग्री गिरती है अथवा कोई अन्य दुर्घटना होती है, तो इसकी चपेट में व्यापारी और ग्राहक आ सकते हैं। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जर्जर हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
मामले को लेकर नगर पालिका अधिकारी से बात की गई तो। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने संबंधित समस्या का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा जर्जर परिसर की स्थिति सुधारने के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे, ताकि सब्जी मार्केट में आने वाले व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

रामानुजगंज सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति, क्या प्रशासन कर रहा बड़े हादसे का इंतजार ।

रामानुजगंज। नगर के प्रमुख सब्जी मार्केट परिसर की जर्जर स्थिति अब व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। लंबे समय से परिसर में बनी अव्यवस्थाओं और जर्जर हिस्सों के चलते यहां कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। मार्केट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और आम नागरिक पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सब्जी मार्केट शहर के व्यस्ततम स्थानों में शामिल है। सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि जर्जर हिस्से का कोई मलबा या निर्माण सामग्री अचानक गिरती है अथवा किसी अन्य कारण से दुर्घटना होती है, तो इसकी चपेट में व्यापारी और ग्राहक आ सकते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से सब्जी मार्केट परिसर का तत्काल निरीक्षण कराने, जर्जर हिस्सों को चिन्हित करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार में रोजाना आने वाले लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

CMO ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन

मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार से बात की गई। उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। CMO ने संबंधित स्थान का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका प्रशासन सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति को लेकर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि किसी अप्रिय घटना के घटित होने का इंतजार न किया जाए और तत्काल आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बाजार में आने वाले व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे।

महावीरगंज में ग्रेफाइट केमिकल प्लांट पर गंभीर आरोप, नदी में जहरीला पानी छोड़ने की शिकायत।

रामानुजगंज। ग्राम पंचायत महावीरगंज स्थित एक ग्रेफाइट केमिकल प्लांट पर कथित रूप से रासायनिकयुक्त गंदा एवं जहरीला पानी बिना उपचार के नदी में बहाए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्रामवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रामानुजगंज को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्लांट से निकलने वाला रासायनिकयुक्त पानी सीधे नजदीकी नदी में पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग आसपास के किसान खेती, पशुपालक अपने मवेशियों तथा ग्रामीण दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। कथित रूप से रसायनयुक्त पानी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने और पशुओं के प्रभावित होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि नदी के पानी के संपर्क में आने से कुछ लोगों के शरीर पर छाले एवं त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पहले भी मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कथित रूप से नदी में रासायनिक पानी का बहाव बंद नहीं हुआ।

फसल और पशुधन को नुकसान का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए किए जाने से धान सहित अन्य फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिकायत में किसानों की फसल खराब होने तथा कुछ पशुओं के असमय मरने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी में रासायनिक पानी का प्रवाह नहीं रोका गया तो आने वाले समय में जन-स्वास्थ्य, कृषि और पशुधन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

जांच टीम गठित कर नदी के पानी का सैंपल लेने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम भेजकर नदी के पानी और प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक परीक्षण एवं सैंपलिंग कराई जाए। साथ ही कथित रूप से नदी में रसायन बहाए जाने पर तत्काल रोक लगाने, प्रभावित किसानों एवं पशुपालकों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने तथा जांच में दोषी पाए जाने पर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज, क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, जिला पंचायत सीईओ, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, थाना प्रभारी रामानुजगंज तथा चौकी प्रभारी विजयनगर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की जांच कब तक कराते हैं और नदी में कथित रासायनिक प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

जिला स्तरीय वृहद रोजगार मेला 301 पदों पर मिलेगा रोजगार का अवसर।

बलरामपुर, रामानुजगंज जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, बलरामपुर द्वारा 17 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से जनपद पंचायत सभाकक्ष, बलरामपुर में जिला स्तरीय वृहद निःशुल्क रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियां शामिल होकर कुल 301 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।
रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। चयन प्रक्रिया सीधे साक्षात्कार के माध्यम से की जाएगी। जिसमें फिटर, इलेक्ट्रिशियन, साइट सुपरवाइजर, सर्विस सुपरवाइजर, सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, फील्ड ऑफिसर, रिपोर्टर, ब्यूरो चीफ, सर्विस इंचार्ज एवं स्टोर इंचार्ज सहित विभिन्न पदों के लिए भर्ती की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार 10 हजार रुपये से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। जिसमें कार्यस्थल बलरामपुर, सूरजपुर, अंबिकापुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रहेगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के सभी पात्र एवं इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन, बायोडाटा, पासपोर्ट आकार के फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल एवं छायाप्रति के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

रामानुजगंज क्षेत्र में बड़ा हादसा, करंट की चपेट में पशु की मौत, इसका जिम्मेदार कौन?

रामानुजगंज। नगर पालिका क्षेत्र में भारत माता चौक के समीप एक बड़ा हादसा उस समय हो गया, जब खुले बिजली करंट की चपेट में आने से एक पशु की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उसी समय कोई राहगीर, बच्चा या बुजुर्ग वहां से गुजर रहा होता, तो एक बड़ा मानवीय हादसा भी हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बिजली विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली संबंधी खामियों की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए। परिणामस्वरूप आज एक बेजुबान पशु को अपनी जान गंवानी पड़ी।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन है। साथ ही दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्षेत्रवासियों को कहना है कि नगर के सभी बिजली पोल, खुले तार और अन्य संभावित खतरनाक स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
फिलहाल घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर कांग्रेस का विरोध तेज।

प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला, ब्लॉक एवं नगर स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में स्मार्ट मीटर के विरोध में जनजागरण अभियान तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बैठक के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़े अनुभवों एवं बिजली बिलों के संबंध में जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रपत्र भी भरवाए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वृद्धि हुई है, जिससे गरीब, श्रमिक, किसान एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी ब्लॉक, नगर एवं ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दों की जानकारी देंगे तथा उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं देती और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

 

बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, पूना सिंह, रामनरेश पटेल, रफीक मेमन, ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा, ओमप्रकाश गुप्ता, बिलाल खान, नासिर खान, शरण सिंह, अकरम मंसूरी, जगदीश मधुकर, मकसूद आलम, भावेश जैन, दीपक श्रीवास्तव, अमोल सिंह, अमर सिंह, अज्जू रवि, पार्षद इमरान खान, आशीष राय, निर्मला चतुर्वेदी, रोमा चटर्जी, निखिल सहित जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।