Sun. Oct 25th, 2026

NEWS DESK

प्रधान पाठक को बच्चों के हक का अनाज बेचना पड़ा भारी।

बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में शिक्षा विभाग की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव द्वारा एक और प्रधान पाठक को निलंबित किया गया है। मामला विकासखंड रामचन्द्रपुर अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला कन्या आश्रम डिण्डो का है, जहां पदस्थ प्रधान पाठक रामधनी सिंह पर बच्चों के हक का अनाज बाजार में बेचने का गंभीर आरोप सिद्ध हुआ है। दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में “बच्चों के हक का अनाज बाजार में बेच रहे शिक्षक” शीर्षक से एक खबर एवं वायरल वीडियो सामने आया था। उक्त वीडियो में प्रधान पाठक रामधनी सिंह को एक बोरी चावल मोटरसाइकिल में ले जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया, जिसे प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया। जांच में यह सामने आया कि यह चावल शाला के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित था।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रामधनी सिंह द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम (1), (2) एवं (3) के प्रतिकूल है। फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान रामधनी सिंह का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और स्पष्ट संदेश गया है कि बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

15 जनवरी से विकासखण्ड स्तरीय खेल का शुभारंभ।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल क्षेत्र में युवाओं को उनके रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचान कर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने हेतु सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में कुल 12 खेलों के खेल प्रतियोगिताएं विकासखंड जिला एवं संभाग स्तर पर आयोजित किए जायेंगे।

जूनियर एवं सीनियर वर्ग में आयोजित होगी प्रतियोगिताएं

प्रतियोगिता में 12 खेलों में एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, रिले रेस, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए, जिला स्तर पर हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिता की जानी है। ओलंपिक खेल आयु वर्ग अनुसार दो वर्गों में आयोजन किया जाएगा जिसमें जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष एवं सीनियर वर्ग में 17 से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे।

खेल में शामिल होने 12 जनवरी तक कराएं पंजीयन

प्रतिभागी 12 जनवरी 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं। तत्पश्चात 15 जनवरी से 18 जनवरी 2026 के मध्य विकासखंड स्तरीय, 22 जनवरी से 25 जनवरी तक जिला स्तरीय एवं 28 जनवरी से 31 जनवरी के मध्य संभाग स्तरीय खेल का आयोजन किया जाएगा। सरगुजा ओलंपिक में शामिल होने पंजीयन प्रक्रिया ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों पद्धति से किए जाने की सुविधा प्रदान की गई है। ऑनलाईन पंजीयन के लिए https://rymc.cg.gov.in/sargujaOlympic2025  इस लिंक के माध्यम से पंजीयन कर सकते है।

तीनों चरणों में विजेता प्रतिभागियों को किया जाएगा सम्मानित

सरगुजा ओलंपिक में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, मोमेंटो, शील्ड, नगद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेरिट प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत विधा में मोमेंटो, दलीय विधा में शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं निर्धारित नगद राशि एवं मोमेंटो शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। संभाग स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी को प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत विधा में 5000 एवं दलीय विधा में 10000 की राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत विधा में 3000 एवं दलीय विधा में 6000 प्रदान की जाएगी। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को प्रमाण पत्र, व्यक्तिगत विधा में 2000 एवं दलीय विधा में 4000 की राशि प्रदान की जाएगी।

विकासखण्ड स्तरीय आयोजन समिति का गठन

कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा ने सरगुजा ओलंपिक के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजन हेतु विकासखंड स्तरीय आयोजन समिति का गठन किया है। जिसके अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अध्यक्ष, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सदस्य-सचिव, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी, मंडल संयोजक आदिम जाति अनुसूचित जनजाति विकास विभाग, विकासखंड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्कूल शिक्षा, उप अभियंता लोक निर्माण विभाग, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सदस्य होंगे।

10वीं एवं 12वीं को छोड़कर समस्त स्कूलों में 6 जनवरी को अवकाश घोषित।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जारी कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आदेश क्रमांक 20/01/05/2026 के परिपालन में जिले के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में दिनांक 06 जनवरी 2026, मंगलवार को विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगा। हालांकि कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को इस अवकाश से मुक्त रखा गया है, क्योंकि उनकी प्रायोगिक परीक्षाएं वर्तमान में संचालित हैं। अतः इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश के बावजूद शिक्षक एवं अन्य समस्त कर्मचारी अपने-अपने विद्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे और शासकीय कार्यों का संपादन करेंगे। गौरतलब है कि जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को ठंड से राहत मिल सके। जिला शिक्षा विभाग के इस निर्णय से अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को राहत मिली है।

 

विभिन्न तिथियों पर होगा लर्निंग लाईसेंस शिविर का आयोजन।

बलरामपुर सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत् परिवहन एवं पुलिस विभाग के द्वारा लर्निंग लायसेंस शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 7 जनवरी को सबाग में एक दिवसीय शिविर, तहसील कार्यालय कुसमी, शंकरगढ़, राजपुर में 8 एवं 9 जनवरी को दो दिवसीय, तहसील कार्यालय रामानुजगंज में 11 एवं 12 जनवरी, पुराना बस स्टैंड बलरामपुर में 7 एवं 8 जनवरी, तहसील कार्यालय वाड्रफनगर में 11 एवं 12 जनवरी को शिविर आयोजित किया जाएगा। जो भी लाइसेंस बनवाना चाहते हैं आधार कार्ड, पेन कार्ड, दसवीं का मार्कशीट लेकर उपस्थित होंगे। लाइसेंस के लिए (शासकीय शुल्क एवं परिवहन सुविधा केन्द्र शुल्क) एक केटैगरी लाइसेंस 400 रूपये, दो केटैगरी लाइसेंस 500 रूपये, शुल्क निर्धारित है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में शिविर का लाभ उठाकर वैध लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करें एवं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

धान खरीदी केंद्र में अनियमितता से किसानों में आक्रोश।

बलरामपुर जिले के भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। भंवरमाल किसान एवं निगरानी समिति के सदस्यों ने अनुविभागी अधिकारी रामानुजन द्वारा कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंपकर धान खरीदी समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने आरोप लगाया है कि दोनों अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी केंद्र भंवरमाल में प्रत्येक सुतरी बोरी में निर्धारित मात्रा से अधिक, लगभग 41.200 से 41.300 किलोग्राम धान तौला जा रहा है। इससे किसानों को प्रति बोरी 500 से 600 ग्राम धान का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यह खुली लूट है और लंबे समय से यह अवैध प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शासन के नियमों के अनुसार धान खरीदी केंद्र में किसानों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जानी चाहिए, क्योंकि हमाली का भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। इसके बावजूद भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में किसानों से प्रति बोरी 10 रुपये अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि समिति प्रबंधक और धान खरीदी प्रभारी आपसी मिलीभगत से इस राशि को हड़प रहे हैं। किसानों ने यह भी बताया कि धान आवक की दैनिक लिमिट कम होने के कारण किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है। कई किसान दर्जनों दिनों से धान बेचने के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए किसानों ने प्रतिदिन धान आवक की लिमिट बढ़ाकर 2000 क्विंटल किए जाने की मांग की है। इस दौरान पूर्व जिला सदस्य मुमताज अंसारी,नरेंद्र सिंह, संजय बहला, राजा बाबा, महेन्द्र सिंह, रामचंद नगेशिया, सुरेन्द्र गुप्ता, विनोद सिंह, जितेन्द्र सिंह, अशोक सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो दिनांक 8 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे भंवरमाल धान खरीदी केंद्र में एकदिवसीय चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

करोड़ों के घोटाले जल संसाधन विभा में, उठते सवाल पूछते लोग आरोपी को उसी कार्यालय में वापसी।

बलरामपुर जिले में जल संसाधन विभाग से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2023 में करीब 2 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपी सुजीत गुप्ता को विभाग द्वारा प्रमोशन देकर रामानुज गंज उप अभियंता पद पर पदस्थ कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद जिलेभर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और आमजन के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों में भी असंतोष देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार संबंधित आरोपी सुजीत गुप्ता पर डीके सोनी द्वारा थाना रामानुजगंज में लिखित शिकायत की गई थी जिसके आधार पर पुलिस थाना रामानुजगंज के द्वारा 420 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था उक्त विभाग द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के दुरुपयोग के अधिरूपित करते हुए राशि भुगतान के आदेश भी दिए गए थे । मामले की जांच और कार्रवाई की अपेक्षा के बीच अब उसी आरोपी सुजीत गुप्ता को उसी कार्यालय में वापसी किया जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोपी सुजीत गुप्ता पर लगे आरोप सही थे तो उसे पदोन्नति कैसे दी गई, और यदि आरोप गलत थे तो अब तक स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या विभाग में ईमानदार और योग्य अधिकारियों की कमी है, या फिर कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसे फैसले लिए गए हैं। कर्मचारियों के एक वर्ग का आरोप है कि इस तरह के निर्णय से न सिर्फ विभाग की छवि धूमिल होती है, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल भी टूटता है। वहीं, जानकारों का मानना है कि जिस व्यक्ति पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप रहा हो, उसे जिम्मेदार पद सौंपना भविष्य में फिर से अनियमितताओं की आशंका को बढ़ा सकता है। मामले को लेकर अब प्रशासन और शासन स्तर पर भी जवाबदेही की मांग उठने लगी है। आमजन की अपेक्षा है कि इस प्रमोशन के पीछे की सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन-प्रशासन पर लोगों का विश्वास बना रह सके।

डीईओ मनीराम यादव ने किया एक और सहायक शिक्षक को निलंबित।

बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में युक्तियुक्तकरण 2025 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने एक और सहायक शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई निर्धारित पदस्थापना के बावजूद नवीन शाला में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के कारण की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युक्तियुक्तकरण 2025 के अंतर्गत अतिशेष शिक्षकों के चिन्हांकन एवं पदस्थापना हेतु 04 जून 2025 को जिला स्तरीय ओपन काउंसलिंग आयोजित की गई थी। इस काउंसलिंग में शासकीय प्राथमिक शाला अमदरी में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुखदेव राम बेक उपस्थित हुए थे। काउंसलिंग के दौरान शाला चयन सहमति पत्र के आधार पर उनकी सहमति से पदस्थापना आदेश शासकीय प्राथमिक शाला औराझरिया, विकासखंड रामचंद्रपुर में जारी किया गया था।

हालांकि, सहमति पदस्थापना आदेश जारी होने के बावजूद सहायक शिक्षक सुखदेव राम बेक ने निर्धारित समयावधि के भीतर तथा आज दिनांक तक अपनी नवीन पदस्थापित शाला शासकीय प्राथमिक शाला औराझरिया में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उनके इस कृत्य के कारण विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ शाला संचालन में भी गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है।

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, सुखदेव राम बेक द्वारा अपने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बरती गई है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत है और इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1)(क) के तहत जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सहायक शिक्षक (एल.बी.) सुखदेव राम बेक को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कुसमी नियत किया गया है तथा इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।

अवैध क्लिनिकों सहित झाड़ फूक करने वालों पर भी होगी सख्त कार्यवाही ।

बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा की उपस्थिति में संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रोक लगाने तथा संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को प्रतिबंधित दवाओं, एक्सपायर दवाओं और संचालित क्लीनिकों के लाइसेंस की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध या अनुचित दवा का बिक्री न हो और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने अवैध क्लिनिक पर सख्त कार्यवाही करने के साथ ही झोला छाप डॉक्टरों एवं झाड़ फूक करने वाले पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधान पाठक पर सहायिका व महिलाओं से अश्लील हरकत का गंभीर आरोप,

बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला बैरडीह में पदस्थ प्रधान पाठक बीरबल यादव पर विद्यालय की सहायिका एवं ग्रामीण महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि प्रधान पाठक द्वारा लंबे समय से महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार एवं अश्लील हरकतें की जा रही थीं, जिससे पीड़ित महिलाएं मानसिक रूप से प्रताड़ित थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की सहायिका ने बताया कि शिक्षक द्वारा बार-बार उन्हें परेशान किया जाता था। विरोध करने पर भी व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोप यह भी है कि प्रधान पाठक शराब के नशे में स्कूल आता था और महिलाओं के साथ अनुचित हरकतें करता था। महिलाओं का कहना है कि शिक्षक द्वारा गुप्त अंग दिखाने जैसी शर्मनाक हरकतें भी की गईं, जिससे उनका कार्यस्थल असुरक्षित हो गया। लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर सहायिका एवं अन्य महिलाओं ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक रूप से सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों एवं पीड़ित महिलाओं द्वारा सर्व आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें आरोपी शिक्षक के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए शिक्षा विभाग से सख्त कदम उठाने की अपील की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल क्षेत्रवासियों की नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

मित्तल राइस मिल सील कस्टम मिलिंग आदेश का किया गया उल्लंघन।

धान उठाव के बाद चावल जमा नहीं करने पर मित्तल राइस मिल पर कार्रवाई

बलरामपुर खाद्य एवं राजस्व विभाग के संयुक्त टीम के द्वारा विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कोटगगहना स्थित में. मित्तल राईस मिल की जांच की गई। इस दौरान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान सहित टीम मौजूद रही। मौके पर जांच में मित्तल राईस मिल का मुख्म द्वार ताला बंद पाया गया। आस-पास में मिल से संबंधित किसी भी व्यक्ति को उपस्थित नहीं पाया गया। मिल के संचालक से दूरभाष से बात करने का प्रयास किया गया, किन्तु मिल संचालक द्वारा फोन रिसिव नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार खाद्य अधिकारी ने बताया कि मिल द्वारा खरीदी वर्ष 2024-25 में 3320 क्विंटल धान का उठाव किया गया है, जिसकी अनुपातिक चावल 2246.64 क्विंटल होता है, मिल द्वारा आज दिनांक तक जमा चावल की मात्रा निरंक है। इस प्रकार से राईस मिल द्वारा कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन करने के कारण मिल को सील करने की कार्यवाही की गयी।