Fri. Oct 23rd, 2026

September 2026

सेवा संकल्प कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेंगे सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम

रघुनाथनगर,बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में आयोजित किए जा रहे सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रघुनाथनगर मंडल में सेवा संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं जिले से नियुक्त मंडल प्रभारी एवं भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक शैलेश गुप्ता, सह प्रभारी रामकुमार कुशवाहा सहित भाजपा मंडल के पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिवस केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के संकल्प के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ एवं मंडल स्तर तक सेवा गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर कार्यकर्ता अपने घरों के साथ-साथ क्षेत्र में निवासरत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों के घरों में दीप प्रज्वलित करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की जाएगी।
शैलेश गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से संपर्क कर उनके अनुभवों को सामने लाने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए उनके छोटे-छोटे वीडियो संदेश तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने की अपील की।
उन्होंने मंडल एवं बूथ स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने और प्रत्येक गतिविधि की प्रभावी मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया। साथ ही क्षेत्र में हुए विकास कार्यों एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित लोगों के वीडियो संदेश तैयार करने तथा बेहतर एवं प्रभावी वीडियो बनाने वाले कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने की जानकारी दी।

विधायक के संबोधन से बढ़ा कार्यकर्ताओं का उत्साह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा, जनसंपर्क एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से मनाना भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सेवा एवं जनसंपर्क से जुड़े सभी कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। विधायक के उद्बोधन से कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
बैठक के दौरान आगामी एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा मंडल एवं बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं। स्वच्छता अभियान, जनसंपर्क, लाभार्थी संपर्क, सेवा गतिविधियों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने सहित विभिन्न कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने पर चर्चा हुई।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष शोभारण कुशवाहा, महामंत्री विनोद जायसवाल, महामंत्री नारद मुनि, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अतुल उपाध्याय, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष प्रवीना गुर्जर, संदीप जायसवाल, देवेंद्र साहू, रजनीकांत जायसवाल, अनिता जायसवाल, रामकुमार जायसवाल सहित वरिष्ठ भाजपा नेता रामनारायण साहू, शंकर जायसवाल, चन्द्रकेत जायसवाल, किशुन प्रसाद देवांगन, कांति सिंह, नर्बदा सिंह, राजेंद्र राही उपस्थित रहे।
इसके अलावा पूर्व मंडल अध्यक्ष भगवान दास केशरी, पूर्व महामंत्री राजकिशोर शुक्ला, रविचंद्र कुशवाहा, सोशल मीडिया प्रभारी चन्द्रकांत साहू, देवेंद्र साहू, बेचन कुशवाहा, ललित साहू, राजेंद्र साहू, सुरेश वर्मा सहित भाजपा के विभिन्न मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रामकुमार जायसवाल ने किया, जबकि मीडिया संकलन का दायित्व मीडिया प्रभारी चंद्रकेतु जायसवाल ने निभाया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाने का निर्णय लिया।

रोजगार मेला 610 से अधिक पदों पर निःशुल्क भर्ती, मौके पर ही होगा चयन

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र द्वारा 15 सितंबर, मंगलवार को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम चौक/मिशन चौक के समीप स्थित जनपद पंचायत सभाकक्ष, बलरामपुर में प्रातः 10ः30 से दोपहर 3 बजे तक चलने वाले इस मेले में चार निजी कंपनियां 610 से अधिक पदों के लिए मौके पर ही साक्षात्कार लेकर चयन करेंगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने रोजगार की तलाश कर रहे जिले के युवाओं से इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मेला युवाओं के लिए अपने ही जिले में प्रतिष्ठित निजी कंपनियों से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर है, जहां भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। कलेक्टर ने युवाओं से ऑनलाइन आवेदन पूर्ण कर सभी वांछित दस्तावेजों के साथ समय पर मेला स्थल पहुंचने का आग्रह करते हुए कहा कि पूरी तैयारी के साथ आया हर युवा इस पहल को अपने करियर की नई शुरुआत में बदल सकता है।
जिला रोजगार अधिकारी श्री दिवाकर लाल टांडिया ने बताया कि मेले में श्रमिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन के 20 पदों पर भर्ती करेगी, जिनमें चयनित युवाओं की नियुक्ति बलरामपुर में ही होगी और उन्हें 15,100 से 18,000 रुपये मासिक वेतन के साथ पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा। इसी प्रकार फाइंड दक्ष, भिलाई बैंक असिस्टेंट, मार्केटिंग, सेल्स, फिटर-वेल्डर, सुरक्षा व हाउसकीपिंग सहित 125 पदों पर 10 से 25 हजार रुपये, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर व कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 317 पदों पर 15 से 40 हजार रुपये तथा फायर, सेफ्टी एंड डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, भिलाई फायरमैन, सुरक्षा गार्ड, फूड पैकेजिंग, ड्राइवर व वार्ड बॉय के 155 पदों पर 8 से 18 हजार रुपये मासिक वेतन पर चयन करेंगी। आठवीं से स्नातकोत्तर तक उत्तीर्ण, आईटीआई, डीसीए अथवा फायर सेफ्टी डिप्लोमाधारी युवा अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं, जबकि ड्राइवर पद के लिए भारी वाहन लाइसेंस अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को बलरामपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर और भिलाई सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को erojgar.cg.gov.in पोर्टल अथवा सीजी रोजगार ऐप पर बलरामपुर जिला रोजगार मेले का चयन कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा उसका प्रिंटआउट साक्षात्कार के समय प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त आधार अपडेटेड जीवित रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र, शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल व छायाप्रति, आधार कार्ड, निवास व जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लाना अनिवार्य है।

सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक, कलेक्टर ने दिए युद्धस्तर पर तैयारी के निर्देश

बलरामपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप कैलेंडर आधारित कार्ययोजना तैयार कर सभी गतिविधियों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के लिए नियुक्त नोडल एवं सब-नोडल अधिकारियों को सक्रिय सहभागिता के साथ युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान से संबंधित सभी तैयारियां विभागीय समन्वय के साथ समय से पहले पूर्ण की जाएं, ताकि कार्यक्रमों के आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
कलेक्टर ने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसकी जानकारी जिले के प्रत्येक घर तक पहुंचनी चाहिए, जिससे अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़कर जनभागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए 13 से 15 सितंबर के बीच दीयों का वितरण हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।

12 प्रमुख पहलों के माध्यम से होगी जनभागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को मजबूत करना है। एक माह तक चलने वाले अभियान के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इस दौरान परिवारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर जन-आभार व्यक्त किया जाएगा। इसके लिए राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों और गैस वितरण केंद्रों के माध्यम से दीयों का वितरण किया जाएगा तथा अमृत सरोवर, पंचायत भवन एवं आवास योजना वाले मोहल्लों में सामूहिक दीप प्रज्वलन होगा।

इसी क्रम में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के तहत 18 सितंबर को विद्यालयों में ड्राइंग प्रतियोगिता तथा 19 सितंबर को चित्र प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। विकासखंड स्तर पर 28 सितंबर एवं 1 अक्टूबर तथा जिला स्तर पर 3 अक्टूबर को प्रतियोगिताएं होंगी।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक एवं नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा। वहीं 23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत नागरिक स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, रक्तदान एवं नदी-घाट सफाई जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे।

29 सितंबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ के तहत महाविद्यालयों में रंगोली प्रतियोगिता तथा जिला मुख्यालय में मानव रंगोली का आयोजन किया जाएगा।

गांव-गांव पहुंचकर होगा योजनाओं का लाभ

‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’ पहल के अंतर्गत 10 से 15 ग्रामों का क्लस्टर बनाकर प्रत्येक विकासखंड में न्यूनतम चार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान करने के साथ राजस्व प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।

7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत पदयात्रा, साइकिल एवं बाइक रैलियां विभिन्न दिशाओं से जिला मुख्यालय पहुंचेंगी। वहीं 9 अक्टूबर को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के माध्यम से जिले के युवा नवाचारियों को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

12 अक्टूबर से आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत मातृ संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे अभियान के दौरान ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी। साथ ही ‘जल जन सेवा संकल्प’ के अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां लगातार संचालित होंगी।

अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद-जनसेवक महाकुंभ’ के साथ होगा। प्रशासन ने अभियान की सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मंडी बोर्ड के संचालक की नियुक्ति निरस्त करने की मांग तेज, कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

रायपुर,मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवई की संविदा नियुक्ति निरस्त करने की मांग अब तेज होती दिखाई दे रही है। उनकी नियुक्ति और कार्यप्रणाली को लेकर मंडी एवं मंडी बोर्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों में असंतोष सामने आया है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन शासन को सौंपकर संविदा नियुक्ति निरस्त करने तथा उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना किए जाने की मांग की है।
आवेदन में श्री सवई की नियुक्ति से लेकर पदोन्नति और विभिन्न पदों पर पदस्थापना तक का उल्लेख करते हुए कई सवाल उठाए गए हैं। आवेदन के अनुसार उनकी पहली नियुक्ति वर्ष 1985-86 में मध्यप्रदेश मंडी बोर्ड, भोपाल में सचिव वर्ग ‘द’ के पद पर हुई थी। इसके बाद भाटगांव, आरंग, बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, कटघोरा, भाटापारा, नेवरा और रायपुर सहित विभिन्न कृषि उपज मंडी समितियों में उन्होंने सेवाएं दीं। बाद में उपसंचालक से लेकर संयुक्त संचालक सहित विभिन्न उच्च पदों पर पदोन्नति मिलने का भी आवेदन में उल्लेख है।

सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति पर सवाल

अधिकारी मलिक रामपूर्त्ते के अनुसार श्री सवई 30 जून 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बाद राज्य शासन द्वारा उन्हें मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक पद पर संविदा नियुक्ति दी गई। इसी नियुक्ति को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों ने सवाल उठाते हुए शासन से पुनर्विचार की मांग की है।

आवेदनकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक मंडी विभाग एवं मंडी बोर्ड में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने के बाद सेवानिवृत्ति के पश्चात पुनः इतने महत्वपूर्ण पद पर संविदा नियुक्ति दिए जाने की प्रक्रिया और आवश्यकता की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही आवेदन में पूर्व की पदोन्नति एवं पदस्थापना से संबंधित शिकायतों की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने की मांग भी की गई है।

कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें

शिकायत में प्रबंध संचालक की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों का आरोप है कि कार्यालय में दबावपूर्ण एवं कथित तानाशाहीपूर्ण वातावरण बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि असहमति जताने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कथित रूप से दबाव बनाया जाता है तथा अभद्र व्यवहार एवं प्रताड़ना जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

क्या मंडी बोर्ड में योग्य अधिकारियों की कमी है?

अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायत में यह सवाल भी प्रमुखता से उठाया गया है कि मंडी बोर्ड में वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता के बावजूद सेवानिवृत्त अधिकारी को ही संविदा आधार पर प्रबंध संचालक के पद पर बनाए रखने की आवश्यकता क्यों पड़ी। शिकायतकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।

वहीं, ‘क्या संविदा नियुक्ति के पीछे कोई अन्य कारण है या राजनीतिक संरक्षण। जैसे सवाल भी शिकायत के बाद चर्चा में हैं। हालांकि, इन सवालों के संबंध में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, इसलिए इनकी पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी।

15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन

मंडी एवं मंडी बोर्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि 15 दिनों के भीतर महेंद्र सिंह सवई की संविदा नियुक्ति पर पुनर्विचार करते हुए उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो अधिकारी-कर्मचारी विरोध प्रदर्शन एवं आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

अब पूरे मामले में निगाहें राज्य शासन और मंडी प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि सामूहिक शिकायत के बाद शासन संविदा नियुक्ति, पदोन्नति एवं पदस्थापना से जुड़े आरोपों की जांच कराता है या नहीं और अधिकारियों-कर्मचारियों की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।

बदहाल सड़क से ग्रामीणों में आक्रोश, मरीजों से लेकर स्कूली बच्चों तक की बढ़ी मुश्किलें ,राजेन्द्र श्रीवास,

बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कालिकापुर में उप-स्वास्थ्य केंद्र, शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला तथा शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान को जोड़ने वाला मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाने की बात ग्रामीणों ने कही है।

सड़क की समस्या को लेकर राजेन्द्र श्रीवास, मंडल अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामचन्द्रपुर, सहित ग्राम पंचायत कालिकापुर के ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन सौंपकर तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसडीएम रामानुजगंज, जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा थाना प्रभारी रामचन्द्रपुर को भी भेजी गई है।

गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों को उप-स्वास्थ्य केंद्र अथवा मुख्य मार्ग तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार मरीजों को डोली या चारपाई के सहारे ले जाने की स्थिति निर्मित हो जाती है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि आपात स्थिति में समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाने से मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

स्कूली बच्चों और राशन हितग्राहियों की भी बढ़ी परेशानी

इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे आवागमन करते हैं। सड़क पर गड्ढों और कीचड़ के कारण बच्चों के फिसलने तथा चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, शासकीय उचित मूल्य दुकान तक खाद्यान्न पहुंचाने वाले वाहनों के साथ-साथ राशन लेने पहुंचने वाले ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत के पत्र और सार्वजनिक कोष को लेकर सवाल

ग्रामीणों ने 5 सितंबर 2026 को सरपंच द्वारा जारी किए गए पत्र का हवाला देते हुए बताया कि पंचायत खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कराने में असमर्थता जताई गई है। वहीं, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के कोष में उपलब्ध बताए जा रहे करीब 80 से 90 हजार रुपये के उपयोग को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों ने पंचायत के विकास कार्यों तथा सार्वजनिक कोष से संबंधित खर्चों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, कोष की राशि और उसके उपयोग से संबंधित आरोपों की वास्तविकता संबंधित अभिलेखों एवं जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सात दिन में सड़क सुधार नहीं तो आंदोलन

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अधिकारियों की टीम मौके पर भेजकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही सात दिनों के भीतर गिट्टी-मुरम डालकर मार्ग को कम से कम आपातकालीन आवागमन के योग्य बनाया जाए। ग्रामीणों ने सड़क के स्थायी एवं पक्के निर्माण के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की भी मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सड़क सुधार का कार्य शुरू नहीं किया गया तो तहसील कार्यालय का घेराव, चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

अब देखने वाली बात होगी कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेता है और मौके की स्थिति का निरीक्षण कर कालिकापुर की इस महत्वपूर्ण सड़क के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

एनएच-343 पर नाली निर्माण में नियमों की अनदेखी का आरोप

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रामानुजगंज से अंबिकापुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 के किनारे चल रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण स्थल पर कथित तौर पर निर्धारित तकनीकी मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अपेक्षित प्रक्रिया अपनाने के बजाय जल्दबाजी में काम पूरा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नाली निर्माण के दौरान कंक्रीट को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक वाइब्रेटर मशीन का इस्तेमाल भी नजर नहीं आ रहा है। वहीं निर्माण के बाद क्यूरिंग की प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्यूरिंग नहीं होने की स्थिति में निर्माण की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर होने वाले निर्माण कार्य में गुणवत्ता की नियमित जांच और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी है। इसके बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया जा रहा है तो विभाग को इसकी गुणवत्ता जांच की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
नाली निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौके पर विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी कितनी नियमितता से निरीक्षण कर रहे हैं। क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच मौके पर की जा रही है? क्या निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित मिश्रण अनुपात की जांच की गई है? क्या निर्माण एजेंसी को तकनीकी मानकों के पालन के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के पीछे कहीं ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है। हालांकि रिश्वत या राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग जरूर उठने लगी है।

जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाला निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ होना चाहिए, क्योंकि घटिया निर्माण से भविष्य में सड़क की संरचना और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करते हैं या नहीं।

शिक्षक दिवस पर मंत्री नेताम के नेतृत्व में फिरोज अहमद समेत कई शिक्षकों का सम्मान

शॉल, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया शिक्षकों का मान; मंत्री बोले—शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, पूरी पीढ़ी के चरित्र और संस्कार का करते हैं निर्माण।

रामानुजगंज। शिक्षक दिवस के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय मांगलिक भवन, रामानुजगंज में शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम रहे। समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को शॉल, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र और समाज के भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके चरित्र, संस्कार, सोच और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन उसे शिक्षा, संस्कार और जीवन में सही दिशा देने में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

शिक्षक फिरोज अहमद को मिला विशेष सम्मान

समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षक फिरोज अहमद को भी सम्मानित किया गया। मंत्री रामविचार नेताम ने उनके शिक्षण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि फिरोज अहमद ने विशेष रूप से कॉमर्स विषय के शिक्षण एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

शिक्षण के प्रति उनके समर्पण, मेहनत और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें शॉल, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने पर उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका उत्साहवर्धन किया।

समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम

मंत्री नेताम ने कहा कि एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहता। शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। उनके द्वारा दिए गए संस्कार और मार्गदर्शन का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस ऐसे शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रहे हैं। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की।

समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष आरके पटेल, कन्हैयालाल अग्रवाल, अशोक जायसवाल, ओम प्रकाश जायसवाल, अरुण केसरी, सुभाष केसरी, शीला जायसवाल, एसडीओपी बाजीलाल सिंह, डीईओ एमआर यादव, प्रखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, नगरवासी तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सम्मानित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह न केवल उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा के प्रति समाज में सम्मान की भावना को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।

 

जर्जर यात्री प्रतीक्षालय से हादसे का खतरा, शौचालय की हालत भी बदहाल

लरंग साय चौक के समीप वर्षों से क्षतिग्रस्त प्रतीक्षालय, यात्रियों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

रामानुजगंज। नगर के लरंग साय चौक के समीप वाड्रफनगर मार्ग पर स्थित यात्री प्रतीक्षालय इन दिनों जर्जर और बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। प्रतीक्षालय की क्षतिग्रस्त संरचना के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यहां बैठकर बसों और अन्य यात्री वाहनों का इंतजार करते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

प्रतीक्षालय की छत एवं अन्य हिस्सों की हालत बहुत खराब होने के कारण यात्रियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बारिश और तेज हवा के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक इसकी मरम्मत या आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस पहल नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है।
शौचालय की स्थिति भी दयनीय
यात्री प्रतीक्षालय के समीप बने शौचालय की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। साफ-सफाई के अभाव और उचित रखरखाव नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक सुविधा के लिए बनाए गए इस परिसर की बदहाली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि प्रतीक्षालय में रोजाना बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री पहुंचते हैं। यदि जर्जर हिस्से का कोई भाग अचानक गिरता है तो गंभीर जनहानि हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल निरीक्षण कर प्रतीक्षालय की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराया जाए और शौचालय की साफ-सफाई एवं रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों का सवाल यह है कि यदि जर्जर प्रतीक्षालय के कारण कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? प्रशासन को समय रहते इस ओर ध्यान देकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

बलरामपुर,शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री रामविचार नेताम रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता संतान को जन्म देते हैं, लेकिन उसे संस्कार देने, सही दिशा दिखाने और भविष्य गढ़ने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मंत्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में प्रयास विद्यालय एवं नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर शिक्षा और भविष्य के अवसर मिल सकेंगे।

कलेक्टर चन्दन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि विद्यार्थी के जीवन का पहला पथ प्रदर्शक शिक्षक होता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों पर ऐसा सकारात्मक प्रभाव छोड़ें, जिससे वे आगे चलकर समाज के लिए मिसाल बन सकें।

21 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित

समारोह में जिले के विभिन्न विकासखंडों के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को ज्ञानदीप एवं शिक्षादूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार में शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर के शिक्षक श्याम सुन्दर चौरगे को प्रथम, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा की शिक्षिका नीलीमा एक्का को द्वितीय तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़ के प्रधान पाठक जवाहर लाल पैकरा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं शिक्षादूत पुरस्कार से जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

महावीरगंज सर्कल में सैकड़ों एकड़ जंगल साफ, शिकायतों के बावजूद अतिक्रमण जारी

ग्रामीणों का आरोप—रोज कट रहे 20-30 एकड़ जंगल, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल; रेंजर ने कहा- 27 अगस्त को हटाया था अतिक्रमण, दोबारा कब्जा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के वन परिक्षेत्र रामानुजगंज अंतर्गत महावीरगंज सर्कल के गम्हरिया बीट में जंगल की अवैध कटाई और वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर वन भूमि को कृषि योग्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 200 से 300 एकड़ क्षेत्र में जंगल साफ किए जाने की स्थिति सामने आई है।

बताया जा रहा है कि ग्राम गम्हरिया के वन क्षेत्र में नारंगी वन भूमि एवं जंगल मद की जमीन पर साल, तेंदू, महुआ और सीधा सहित अन्य प्रजातियों के हजारों हरे पेड़ों की कटाई की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों को काटने के बाद वन भूमि पर खेती के लिए कब्जा किया जा रहा है और यह सिलसिला लगातार जारी है।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

स्थानीय जागरूक ग्रामीणों का कहना है कि वन कटाई और अतिक्रमण की जानकारी वन विभाग के मैदानी अमले से लेकर वन परिक्षेत्र कार्यालय तक कई बार दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक बीट गार्ड तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी को फोन और मौखिक रूप से शिकायत की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा तो लेती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण रोजाना नए क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर प्रतिदिन 20 से 30 एकड़ तक जंगल साफ किए जाने का दावा किया जा रहा है।

वन विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा

मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि 27 अगस्त को मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमणकारियों द्वारा दोबारा वन भूमि पर कब्जा किया गया है तो उनके विरुद्ध जल्द नोटिस जारी किया जाएगा तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि यदि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई जारी है तो विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। सैकड़ों एकड़ जंगल साफ किए जाने के ग्रामीणों के दावे की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह वन संरक्षण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर अवैध कटाई पर रोक लगाने, अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।