Fri. Oct 23rd, 2026

सड़क निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग पर उठे सवाल,

रामानुजगंज। तामेश्वरनगर–आरागाही हवाई पट्टी मार्ग के डामरीकरण कार्य के लिए रखी गई सरकारी निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। युवा कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रकरण को उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत के लिए डंप की गई चिप्स, गिट्टी और डामर का उपयोग निर्धारित कार्यों में न होकर निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि उक्त सामग्री का उपयोग भवरमाल डीएवी स्कूल मार्ग, आरागाही, केरवाशीला तथा रामानुजगंज मार्ग के गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाएगा, लेकिन इसके विपरीत सामग्री को जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से अन्य स्थानों पर ले जाए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 150 से 200 ट्रैक्टर निर्माण सामग्री विभिन्न गांवों तक पहुंचाई गई तथा प्रत्येक ट्रैक्टर सामग्री 1500 से 2000 रुपये में बेचे जाने की बात कही जा रही है। यह सामग्री भवरमाल, नगरा-धनपुरी, तामेश्वरनगर, केरवाशीला और कंचनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

इधर भवरमाल, नगरा-धनपुरी, तामेश्वरनगर और केरवाशीला मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी स्कूल बस, साइकिल और पैदल विद्यालय पहुंचते हैं। किसानों, मरीजों तथा आम नागरिकों को भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है तो उसका उपयोग तत्काल सड़क की मरम्मत में किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सड़क की हालत लगातार बिगड़ रही है, जबकि निर्माण सामग्री के कथित रूप से अन्यत्र उपयोग और बिक्री की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं।
युवा कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकारी निर्माण सामग्री का दुरुपयोग हुआ है तो यह जनता के धन और विकास कार्यों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रामानुजगंज छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पदभार संभालते ही चोरों के हौसले बुलंद! एक ही रात में कई जगह चोरी, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल।

सूरजपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सोनपुर के यादवपारा में एक ही रात में हुई चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। अज्ञात चोरों ने घरों के सामने लगे मोटर पंपों के विद्युत वायर पर हाथ साफ कर दिया। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार
ग्राम सोनपुर निवासी कौशलेन्द्र यादव ने बताया कि 31 जुलाई की रात उनके घर के सामने लगे मोटर पंप से लगभग 120 मीटर विद्युत वायर चोरी हो गया। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। बाद में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखाई नहीं दे रहा। लोगों का आरोप है कि समय पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई और रात्रिकालीन गश्त नहीं होने से चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जरूरत के समय पुलिस अधिकारियों से संपर्क स्थापित करना आसान नहीं रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में त्वरित संवाद और मौके पर तत्काल पुलिस की उपलब्धता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में यदि सूचना व्यवस्था प्रभावी हो, तो अपराधों पर तेजी से अंकुश लगाया जा सकता है।
हाल ही में नए थाना प्रभारी ने कोतवाली का कार्यभार संभाला है। ऐसे में पदभार ग्रहण करने के शुरुआती दिनों में ही लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त बढ़ाने, सक्रिय चोर गिरोह का शीघ्र खुलासा करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।

कक्षा 6वीं से 11वीं तक विद्यार्थियों के लिए सुनहरा ।

बलरामपुर रामानुजगंज ,विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) के राज्य समन्वयक श्री विवेक पाठक द्वारा कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी तथा जिला शिक्षा अधिकारी से सौजन्य भेंट कर विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा की विवरणिका भेंट की। इस दौरान उन्होंने परीक्षा की रूपरेखा, उद्देश्य एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी साझा की।
श्री पाठक ने बताया कि विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जागरूकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से किया जाता है। परीक्षा चार चरणों में आयोजित होती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ-साथ इसरो, डीआरडीओ जैसी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाओं के भ्रमण का अवसर भी प्रदान किया जाता है।

परीक्षा में कक्षा 6वीं से 11वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। प्रत्येक राज्य से प्रत्येक कक्षा के शीर्ष 25 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय शिविर में सहभागिता के के लिए किया जाएगा।

राज्य स्तरीय शिविर में चयनित विद्यार्थियों में से प्रत्येक कक्षा के शीर्ष दो विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तरीय शिविर में सहभागिता का अवसर मिलेगा। इस प्रकार प्रत्येक राज्य से कुल 12 विद्यार्थी राष्ट्रीय शिविर में सहभागिता का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से परिचित कराना, देश के अग्रणी वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों से संवाद का अवसर उपलब्ध कराना तथा उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा और ज्ञान का समग्र मूल्यांकन करना है। इससे जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि का विकास होगा।

इस अवसर पर श्री विवेक पाठक ने ‘स्पेस ऑन व्हील’ कार्यक्रम के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसरो द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के माध्यम से एक विशेष विज्ञान प्रदर्शनी वाहन विद्यालयों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी आधुनिक जानकारियां उपलब्ध कराता है। इस कार्यक्रम को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित करने की संभावनाओं, इसकी कार्ययोजना तैयार करने तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के विज्ञान विषय के शिक्षकों को इसरो के वैज्ञानिकों से सीधे मार्गदर्शन दिलाने के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई।

विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कर परीक्षा में सहभागिता कर सकते हैं।

राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गौरव बने ग्राम भंवरमाल निवासी बृजेश प्रजापति।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम पंचायत भंवरमाल निवासी राम अवतार प्रजापति के सुपुत्र बृजेश प्रजापति ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सहकारिता उप अंकेक्षक (सब ऑडिटर) भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले, क्षेत्र एवं अपने समाज का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है तथा परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।
बृजेश प्रजापति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई डी.ए.वी. स्कूल, भंवरमाल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने शासकीय लरंग साय महाविद्यालय, रामानुजगंज से वाणिज्य (कॉमर्स) विषय में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही वे अध्ययन के प्रति गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे।
बृजेश की सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर स्व-अध्ययन (सेल्फ स्टडी), नियमित अभ्यास और समयबद्ध तैयारी के माध्यम से परीक्षा की तैयारी की। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने यह शानदार उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बृजेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग के साथ-साथ निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच को दिया है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी से निरंतर प्रयास करें तो बिना महंगी कोचिंग के भी बड़ी से बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने बृजेश प्रजापति को उनकी इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता से जिले के युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।

परहित चैरिटेबल सोसायटी ने दर्जनों जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराई खाद्य सामग्री।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम दहेजवार में परहित चैरिटेबल सोसायटी द्वारा समाजसेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दर्जनों जरूरतमंद एवं विधवा महिलाओं के परिवारों को मासिक राशन सामग्री वितरित की गई। संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।
राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को गेहूं, दाल, चीनी, चाय, आलू, प्याज, नमक, खाद्य तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सेवा अभियान प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से संचालित किया जाता है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर राहत और सहयोग मिल सके।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि परहित चैरिटेबल सोसायटी का उद्देश्य समाज के गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाओं सहित जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी जनहित एवं समाजसेवा के ऐसे कार्य निरंतर जारी रखेगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम में संस्था के सदस्य आशुतोष, विनोद, बृजलाल, राहुल एवं रोशन गुप्ता सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से राशन सामग्री का वितरण किया और सेवा अभियान को सफल बनाया।
राशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नियमित राशन वितरण से जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
परहित चैरिटेबल सोसायटी “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश को आत्मसात करते हुए लगातार मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था का यह प्रयास जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सहयोग और संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।

परहित चैरिटेबल सोसायटी ने दर्जनों जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराई खाद्य सामग्री।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम दहेजवार में परहित चैरिटेबल सोसायटी द्वारा समाजसेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दर्जनों जरूरतमंद एवं विधवा महिलाओं के परिवारों को मासिक राशन सामग्री वितरित की गई। संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को गेहूं, दाल, चीनी, चाय, आलू, प्याज, नमक, खाद्य तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सेवा अभियान प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से संचालित किया जाता है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर राहत और सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि परहित चैरिटेबल सोसायटी का उद्देश्य समाज के गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाओं सहित जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी जनहित एवं समाजसेवा के ऐसे कार्य निरंतर जारी रखेगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

कार्यक्रम में संस्था के सदस्य आशुतोष, विनोद, बृजलाल, राहुल एवं रोशन गुप्ता सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से राशन सामग्री का वितरण किया और सेवा अभियान को सफल बनाया।

राशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नियमित राशन वितरण से जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

परहित चैरिटेबल सोसायटी “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश को आत्मसात करते हुए लगातार मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था का यह प्रयास जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सहयोग और संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।

परहित चैरिटेबल सोसायटी ने दर्जनों विधवा महिलाओं को वितरित किया मासिक राशन, सेवा कार्य बना मिसाल।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम दहेजवार में परहित चैरिटेबल सोसायटी ने समाजसेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दर्जनों जरूरतमंद विधवा महिलाओं के बीच मासिक राशन सामग्री का वितरण किया। सोसायटी के अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को दैनिक जीवन की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को गेहूं, दाल, चीनी, चाय, आलू, नमक, प्याज, खाद्य तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था की ओर से बताया गया कि यह सेवा कार्य प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से आयोजित किया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि परहित चैरिटेबल सोसायटी का उद्देश्य समाज के गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाओं को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहित एवं समाजसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

राशन वितरण कार्यक्रम में आशुतोष, विनोद, बृजलाल, राहुल एवं रोशन गुप्ता सहित संस्था के अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर लाभार्थियों को राशन वितरित किया और सेवा अभियान को सफल बनाया।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया। “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश के साथ परहित चैरिटेबल सोसायटी लगातार मानवता की सेवा एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभा रही है।