Sat. Oct 24th, 2026

NEWS DESK

परहित चैरिटेबल सोसायटी ने दर्जनों जरूरतमंद परिवारों को उपलब्ध कराई खाद्य सामग्री।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम दहेजवार में परहित चैरिटेबल सोसायटी द्वारा समाजसेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दर्जनों जरूरतमंद एवं विधवा महिलाओं के परिवारों को मासिक राशन सामग्री वितरित की गई। संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को गेहूं, दाल, चीनी, चाय, आलू, प्याज, नमक, खाद्य तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सेवा अभियान प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से संचालित किया जाता है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर राहत और सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि परहित चैरिटेबल सोसायटी का उद्देश्य समाज के गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाओं सहित जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी जनहित एवं समाजसेवा के ऐसे कार्य निरंतर जारी रखेगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

कार्यक्रम में संस्था के सदस्य आशुतोष, विनोद, बृजलाल, राहुल एवं रोशन गुप्ता सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से राशन सामग्री का वितरण किया और सेवा अभियान को सफल बनाया।

राशन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नियमित राशन वितरण से जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के सेवा कार्यों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

परहित चैरिटेबल सोसायटी “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश को आत्मसात करते हुए लगातार मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। संस्था का यह प्रयास जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सहयोग और संवेदनशीलता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।

परहित चैरिटेबल सोसायटी ने दर्जनों विधवा महिलाओं को वितरित किया मासिक राशन, सेवा कार्य बना मिसाल।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ग्राम दहेजवार में परहित चैरिटेबल सोसायटी ने समाजसेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दर्जनों जरूरतमंद विधवा महिलाओं के बीच मासिक राशन सामग्री का वितरण किया। सोसायटी के अध्यक्ष विशाल गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को दैनिक जीवन की आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को गेहूं, दाल, चीनी, चाय, आलू, नमक, प्याज, खाद्य तेल सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। संस्था की ओर से बताया गया कि यह सेवा कार्य प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित रूप से आयोजित किया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष विशाल गुप्ता ने कहा कि परहित चैरिटेबल सोसायटी का उद्देश्य समाज के गरीब, असहाय एवं विधवा महिलाओं को सम्मानपूर्वक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहित एवं समाजसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

राशन वितरण कार्यक्रम में आशुतोष, विनोद, बृजलाल, राहुल एवं रोशन गुप्ता सहित संस्था के अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर लाभार्थियों को राशन वितरित किया और सेवा अभियान को सफल बनाया।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया। “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के संदेश के साथ परहित चैरिटेबल सोसायटी लगातार मानवता की सेवा एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभा रही है।

 

घुमंतू पशुओं से आखिर कब तक मिलेगी नागरिकों को निजात।

बलरामपुर/रामानुजगंज जिले के नगर पालिका परिषद रामानुजगंज क्षेत्र में घुमंतू एवं बेसहारा मवेशियों से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में दिनभर घूमते पशु राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। आए दिन सड़क पर मवेशियों के अचानक आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं कई बार छोटे-बड़े हादसे भी सामने आ चुके हैं।

नगरवासियों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक मवेशी सड़क के बीचों-बीच बैठे या घूमते दिखाई देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बनी रहती है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई गौधाम योजना का उद्देश्य बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाओं का लाभ धरातल पर प्रभावी रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। यदि बेसहारा पशुओं को समय पर गौधाम या गौशालाओं में रखा जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका परिषद एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से आशा की है कि नगर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर घुमंतू पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा तथा पशु मालिकों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, ताकि सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

नगरवासियों का कहना है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक लोगों के मन में दुर्घटना का डर बना रहेगा। अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस और प्रभावी कदम उठाता है।

अभाविप ने की प्रो. पवन सिंह के विरुद्ध निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग।

बलरामपुर/रामानुजगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की रामानुजगंज इकाई ने शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामानुजगंज के वाणिज्य संकाय में कार्यरत अतिथि व्याख्याता प्रो. पवन सिंह के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस संबंध में अभाविप ने उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में अभाविप ने आरोप लगाया है कि प्रो. पवन सिंह के व्यवहार को लेकर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं द्वारा समय-समय पर गंभीर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। परिषद का कहना है कि इस कारण महाविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों में असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है।

अभाविप ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि शिकायतों में कुछ महिला शिक्षकों एवं छात्राओं के साथ फोन कॉल, व्हाट्सएप तथा महाविद्यालय परिसर में अनुचित व्यवहार किए जाने जैसे आरोप शामिल हैं। परिषद का दावा है कि इन शिकायतों के कारण अनेक लोग खुलकर सामने आने से भी हिचक रहे हैं।

विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि मामले की जांच महाविद्यालय के बाहर के किसी सक्षम, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी अथवा जांच समिति से कराई जाए, ताकि सभी संबंधित पक्ष बिना किसी दबाव के अपने बयान और साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें।

ज्ञापन में सात दिनों के भीतर जांच समिति गठित कर शिकायतों की जांच पूरी करने तथा यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित अतिथि व्याख्याता के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई करने की मांग की गई है।

अभाविप ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो छात्र हित, महिला सुरक्षा और महाविद्यालय में सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण की स्थापना के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन एवं संबंधित शासन-प्रशासन की होगी।
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा मंत्री, विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, उच्च शिक्षा विभाग के अपर संचालक (सरगुजा संभाग) तथा कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज को भी प्रेषित की गई है।

प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की प्रभारी अधीक्षिका पर तत्काल कार्रवाई।

बलरामपुर/रामानुजगंज। आदिवासी विकास विभाग ने प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास कोगवार के संचालन में पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी अधीक्षिका के विरुद्ध तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार छात्रावास में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जांच के दौरान पाया गया कि संस्था में स्वीकृत 50 सीटों की तुलना में विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम थी। इसके अलावा छात्राओं को गुणवत्ताहीन भोजन परोसने तथा छात्रावास से संबंधित आवश्यक पंजियों का समय पर अद्यतन नहीं किए जाने जैसी गंभीर कमियां भी सामने आईं।
मामले में प्रभारी अधीक्षिका श्रीमती काजूरीना पण्डो को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग श्रीमती समीक्षा जैस्वाल ने तत्काल प्रभाव से श्रीमती काजूरीना पण्डो (मूल पद सहायक शिक्षक, प्राथमिक शाला पटेवा, विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर) को प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास कोगवार के अधीक्षिकीय दायित्व से मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं।

छात्रावास की व्यवस्थाएं प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास बलंगी, विकासखंड वाड्रफनगर की अधीक्षिका श्रीमती लक्ष्मी पैकरा को आगामी आदेश तक प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास कोगवार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
आदिवासी विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रावासों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या विद्यार्थियों की सुविधाओं से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राथमिक वनोपज सहकारी संघ में प्रबंधक के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित।

बलरामपुर, रामानुजगंज कार्यालय प्रबंध संचालक, जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, बलरामपुर द्वारा प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति मर्यादित महावीरगंज, कुसमी, बसंतपुर, बासेन एवं डिण्डो में प्रबंधक के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 3 सितंबर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
आवेदन भरने के लिए आवेदक को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना तथा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से कम्प्यूटर एप्लिकेशन में डिप्लोमा प्राप्त होना अनिवार्य है। साथ ही अभ्यर्थी संबंधित प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार से संबंधित हो तथा वर्ष 2022 से 2026 के बीच न्यूनतम 500 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहण किया हो।
भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन प्रारूप एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट इंसतंउचनतण्हवअण्पद का अवलोकन कर सकते हैं।

शालेय शिक्षक संघ ने शिक्षकों को प्रताड़ित करने का लगाया आरोप।

बलरामपुर। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा VSK ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में शालेय शिक्षक संघ बलरामपुर के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार सिंह ने शासन की इस व्यवस्था पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए शिक्षकों के मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

जिलाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक पिछले कुछ समय से लगातार शासन के विभिन्न आदेशों के कारण मानसिक दबाव में कार्य करने को विवश हैं। उनका कहना है कि इससे शिक्षकों का ध्यान अध्यापन से भटक रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि VSK ऐप में अभी भी कई तकनीकी खामियां हैं, इसके बावजूद शासन इसे पूरी तरह विश्वसनीय मानकर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही निजी मोबाइल फोन से उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता के कारण शिक्षकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी हुई है।

उपेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अलावा अन्य विभागीय और गैर-शैक्षणिक कार्य भी कराए जाते हैं। कई शिक्षकों की ड्यूटी उनकी मूल संस्था से अलग स्थानों पर लगाई जाती है। ऐसे में वे अपनी मूल संस्था से ऑनलाइन उपस्थिति कैसे दर्ज कर पाएंगे, यह एक व्यावहारिक समस्या है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शालेय शिक्षक संघ ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि निजी मोबाइल के उपयोग को अनिवार्य बनाए जाने का विरोध कर रहा है। संघ का सुझाव है कि शासन सभी शैक्षणिक संस्थाओं में बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित करे, जिससे पारदर्शी और प्रभावी ढंग से उपस्थिति की निगरानी की जा सके।

संघ ने यह भी कहा कि यदि VSK ऐप के उपस्थिति डेटा के आधार पर शिक्षकों के वेतन में कटौती की जाती है, तो इसका प्रदेशभर में व्यापक विरोध हो सकता है। शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर उनका पूरा समय अध्यापन कार्य के लिए सुनिश्चित किया जाए, जिससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।

विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के कक्षा तीसरी से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर उपलब्ध हुआ है। पी.एस.वाय. राष्ट्रीय उत्कृष्टता अवार्ड (प्रतिभा सम्मान योजना)-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय चित्रकला, शोध एवं प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा उनकी शैक्षणिक एवं रचनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना है। जानकारी के अनुसार
योजना के तहत इच्छुक विद्यार्थी 5 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए निर्धारित पोर्टल https://www.psynationalexam.in/ पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि ऑफलाइन आवेदन संबंधित विद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

इस प्रतिभा सम्मान योजना के अंतर्गत जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को तीन प्रकार की वार्षिक स्कॉलरशिप के लिए पात्र माना जाएगा। प्रथम चरण में चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तरीय परीक्षा में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को भोजन, आवास एवं यात्रा-भत्ता की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी एवं अभिभावक योजना समन्वयक (पी.एस.वाय.) के मोबाइल नंबर 9584203094 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह योजना जिले के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को अपनी योग्यता प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में आगे बढ़ने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। अधिकाधिक विद्यार्थियों की भागीदारी से जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों को भी नई पहचान मिलेगी।

रिश्वत मांगने के मामले में पंचायत सचिव निलंबित।

बलरामपुर,रामानुजगंज, जनपद पंचायत बलरामपुर में पदस्थ पंचायत सचिव विष्णुपद मण्डल को ऑनलाइन जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर राशि मांगने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी संस्थित की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार समाचार पत्र एवं सोशल मीडिया में एक ऑडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन जन्म प्रमाण-पत्र बनाए जाने के लिए 200 रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत स्तर पर दो सदस्यीय जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई।
जांच प्रतिवेदन में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। जांच में पाया गया कि पंचायत सचिव का कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम 3(1)(2)(3) का उल्लंघन करते हुए कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके बाद संबंधित पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पंचायत सचिव द्वारा 17 जुलाई 2026 को अपना जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसका परीक्षण करने पर जवाब असंतोषजनक पाया गया।
जिसके आधार पर जिला पंचायत सीईओ के द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम-4 के तहत श्री विष्णुपद मण्डल, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत भेलवाडीह (अतिरिक्त प्रभार ग्राम पंचायत बरदर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बलरामपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

हरित विकास का नया अध्याय एक ही स्थल पर लगाए गए 1717 नाशपाती के पौधे।

बलरामपुर रामानुजगंज, विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत जिले में हरित विकास एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम कोठली में वृहद स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक ही स्थल पर 1717 नाशपाती के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
इस अवसर पर सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा ने नाशपती के पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है।
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने भी पौधरोपण कर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला समूहों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। ऐसे प्रयास हरित विकास और सतत आजीविका को नई दिशा देंगे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में हरित आवरण का विस्तार करने के साथ-साथ फल उत्पादन के माध्यम से ग्रामीणों के लिए आय के नए अवसर सृजित करना है।

पौधरोपण के उपरांत इन पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी। समूह की महिलाएं पौधों की सिंचाई, सुरक्षा एवं आवश्यक देखरेख सुनिश्चित करेंगी, ताकि सभी पौधे स्वस्थ रूप से विकसित होकर भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका सुदृढ़
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक नाशपाती का पौधा रोपित किया।
कक्षा 10 वीं की एक छात्रा गायत्री पैकरा ने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। गायत्री पैकरा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और इसमें सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हिरामुनि निकुंज, जनपद अध्यक्ष श्रीमती चिंतामणि भगत, सरपंच कोठली श्रीमती पुष्पा पैकरा, जनपद सीईओ श्री वेद प्रकाश पांडेय, सहायक संचालक उद्यान कमलेश साहू विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।