Sat. Oct 24th, 2026

विधानसभा सत्र दौरान अवकाश पर प्रतिबंध

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा का सप्तम सत्र 14 दिसम्बर से 18 दिसम्बर 2025 तक आहूत किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा आज दिनांक से 24 दिसम्बर 2025 तक विधानसभा सत्र के दौरान जिले में पदस्थ समस्त शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है। विधानसभा सत्र अवधि के दौरान समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय/मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करेंगे। आवश्यक कार्य/अपरिहार्य कारणों से अवकाश पर जाने अथवा मुख्यालय छोड़ने की स्थिति में तृतीय/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश की स्वीकृति संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख एवं जिला स्तर के अधिकारियों के अवकाश की स्वीकृति कलेक्टर से लिखित अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही अवकाश पर प्रस्थान करेंगे।

अवैध विदेशी शराब सहित मोटरसायकल जब्त।

बलरामपुर जिला आबकारी अधिकारी एस.एन साहू के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध शराब के भंडारण एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में आबकारी विभाग द्वारा जिले के थाना बसंतपुर के अंतर्गत 01 प्रकरण पर कार्यवाही करते हुए अवैध विदेशी शराब जब्त किया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया है कि थाना बसंतपुर के अंतर्गत ग्राम बाजरा में दशरथ सरूता के द्वारा अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा था। सूचना के आधार पर जांच में उसके पास से 17.64 लीटर अवैध विदेशी शराब (उत्तर प्रदेश राज्य में विक्री हेतु) एवं एक मोटरसायकल जब्त किया गया। उक्त आरोपी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के तहत अपराध प्रकरण कायम कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी श्री साहू ने बताया है अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन तथा सार्वजनिक जगहों पर मदिरापान और राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्गों के किनारे संचालित होटल, ढाबा में शराब रखने, पीने एवं पिलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। साथ ही आबकारी अधिकारी ने बताया है कि अवैध मदिरा के संबंध में आबकारी नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 07831-299241 एवं टोल फ्री नम्बर 14405 पर सूचित किया जा सकता है।

बलरामपुर एमआईएस सहायक की नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित।

बलरामपुर अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 एवं उसके नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में एमआईएस सहायक के पद पर नियुक्तियां की जाएंगी। एमआईएस सहायक (सहायक वन अधिकार अधिनियम) के लिए 01 पद स्वीकृत किए गए हैं।  एमआईएस सहायक के लिए 20,000 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है। उक्त नियुक्ति 01 वर्ष की अवधि के लिए होगी। आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन कार्यालयीन समय में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, बलरामपुर, में प्रस्तुत कर सकते हैं। यह पद पूर्णतः अस्थायी एवं अशासकीय होंगे। उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम द्वितीय श्रेणी में स्नातक उपाधि होना अनिवार्य है। कंप्यूटर संचालन का ज्ञान (एमएस ऑफिस आदि) तथा   सहायक वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित क्षेत्रीय कार्य का अनुभव आवश्यक है। अधिकतम आयु 40 वर्ष (01 जनवरी 2025 की स्थिति में) निर्धारित है।

बलरामपुर 157 रिक्त पदों के लिए प्लेसमेंट कैंप का आयोजन ।

बलरामपुर जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने Genus कंपनी के द्वारा 157 पद स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के लिए केवल पुरूष अभ्यर्थी के लिए रिक्त है। इसके लिए 08 दिसम्बर 2025 को जनपद पंचायत बलरामपुर के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे तक प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। आवेदित पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं इलेक्ट्रीशियन/इलेक्ट्रीकल में आईटीआई उत्तीर्ण हो।
इच्छुक आवेदक निर्धारित स्थल पर अपनी शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रति एक सेट छाया प्रति एवं पासपोर्ट साईज फोटोग्राफ सहित उपस्थित होकर अवसर का लाभ ले सकते है।
Genus कंपनी के द्वारा 157 पद स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के लिए कुसमी में 20 पद, बरियों में 10, चांदो में 10, रघुनाथनगर में 15, राजपुर में 15, रामानुजगंज में 15, रामचन्द्रपुर में 15, डौरा-कोचली में 10, शंकरगढ़ में 10, चलगली में 10, डीपाडीह में 10, सनावल में 12 तथा सलका में 5 पद रिक्त है।
आवेदक इस पद के लिए  erojgar पोर्टल एवं cg rojgar app  के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बलरामपुर एवं मोबाईल नंबर-07831299158, 9685672368 में संपर्क कर सकते है।

रामानुजगंज CMO नदारत, खेल प्रीमियों में आक्रोश।

बलरामपुर ज़िले के रामानुजगंज नगर पालिका परिषद में नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) की अनुपस्थिति को लेकर नगर के युवा खेल प्रेमी नाराज़ दिखे। सोमवार को खेल से जुड़े युवाओं ने नगर पालिका पहुँचकर लेखा पाल को ज्ञापन सौंपते हुए इस अनुपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई।
CMO ने अपनी अनुपस्थिति का कारण जिले में आयोजित बैठक को बताया, जिसके चलते वे कार्यालय में मौजूद नहीं रह सके।
यात्रा फाउंडेशन के आशीष गुप्ता ने कहा कि संस्था लगातार संवैधानिक तरीक़े से शहर के जनहित मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने बताया कि शहर के कई युवा खेल के प्रति गंभीर हैं; आर्थिक रूप से मज़बूत खिलाड़ी तो अन्य राज्यों में प्रशिक्षण लेकर अपनी क्षमता बढ़ा लेते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर युवा इसी शहर की खेल सुविधाओं पर निर्भर हैं। इसलिए उनका भविष्य नगर के जनप्रतिनिधियों की पहल पर ही आधारित है। खेल प्रेमियों ने अपनी मुख्य माँग रखते हुए कहा कि क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए नेट प्रैक्टिस एरिया की बेहद आवश्यकता है। कम लागत में तैयार होने वाली यह सुविधा खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का अवसर देगी, जिससे वे बड़े मैदानों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
युवाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही नेट प्रैक्टिस व्यवस्था के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे अपनी माँग को लेकर नगर पालिका परिषद में धरना देने के लिए बाध्य होंगे।
इस अवसर पर यात्रा फाउंडेशन के अंकित गुप्ता, आशीष गुप्ता, ख़ुशी बैरागी, मंटू कश्यप, नैतिक पांडेय, विद्याकांत पाठक, रुपेश साहू, दीपू सोनी और सुन्नी दास उपस्थित रहे तथा जल्द कार्रवाई की माँग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

छात्रों के साथ शिक्षकों का भी समय-समय पर ज्ञान परीक्षण आवश्यक आशीष गुप्ता।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की माँग को लेकर यात्रा फाउंडेशन ने जिला शिक्षा विभाग को एक ज्ञापन सौंपा। फाउंडेशन के प्रतिनिधि आशीष गुप्ता के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों सहित विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान आधारित पात्रता परीक्षा आयोजित करने की माँग रखी गई।
आशीष गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए लगभग सभी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसके बावजूद कई विद्यालयों का शैक्षिक परिणाम संतोषजनक स्तर पर नहीं पहुँच पा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रगति का सीधा संबंध शिक्षकों की जिम्मेदारी और उनकी तैयारी से है, इसलिए शिक्षकों का भी समय-समय पर ज्ञान परीक्षण आवश्यक है।
फाउंडेशन ने यह भी प्रस्ताव रखा कि सरकार के सहयोग से शहर के सभी प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों को बेहतर तकनीकी और आधुनिक शिक्षा मिल सके। संस्था का उद्देश्य कक्षा पाँचवीं के विद्यार्थियों को नवोदय विद्यालय की तैयारी कराना है, जिससे वे उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए योग्य बन सकें और उनका भविष्य उज्ज्वल हो।
यात्रा फाउंडेशन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि किसी भी सुधार की दिशा में आगे बढ़ने से पहले बच्चों की वर्तमान शिक्षा स्तरीय स्थिति परखना जरूरी है। इससे यह पता चलेगा कि किस विषय पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है और उनकी कमजोरियों को कैसे दूर किया जाए।
इन सभी बिंदुओं के साथ ज्ञापन जिला शिक्षा विभाग के सह-संचालक रामपथ यादव को सौंपा गया। फाउंडेशन की ओर से ओम प्रकाश ठाकुर, आशीष गुप्ता, अंकित गुप्ता और आशीष ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जनहित में उचित कदम उठाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

बलरामपुर डीईओ ने किया सहायक शिक्ष को निलंबित‌‌।

बलरामपुर जिले के विकासखंड वाड्रफनगर के मचानडाड़ शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षक द्वारा अंग्रेजी शब्दों के गलत अर्थ और त्रुटिपूर्ण स्पेलिंग विद्यार्थियों को पढ़ाए जाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने एक सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मीडिया में प्रसारित समाचार के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला मचानडाड़ (कोगवार) में सहायक शिक्षक द्वारा लगातार गलत अध्यापन किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस संबंध में संकुल समन्वयक, संकुल केन्द्र तुगवा द्वारा संस्था में पहुँचकर निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपस्थित विद्यार्थियों से पूछताछ की गई, जिसमें सभी बच्चों ने पुष्टि की कि सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो कक्षा में अंग्रेजी शब्दों के गलत मीनिंग और स्पेलिंग पढ़ा रहे थे। विद्यार्थियों की एकरूप प्रतिक्रिया से आरोपों को तथ्यात्मक पाया गया।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर द्वारा 15.11.2025 को प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि शिक्षक द्वारा गलत अध्यापन से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियाँ न केवल प्रभावित हो रही थीं, बल्कि शिक्षण का वातावरण भी प्रतिकूल हो रहा था। प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि यह कृत्य शिक्षक के पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 1, 2 एवं 3 के उल्लंघन और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(क) के तहत कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने सहायक शिक्षक प्रवीण टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि में शिक्षक का मुख्यालय शासकीय हाईस्कूल डुमरपान, विकासखंड रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है।

बलरामपुर मांगलिक भवन एवं नालंदा परिसर का किया गया भूमिपूजन।

छत्तीसगढ़ मंत्री रामविचार नेताम ने अपने बलरामपुर प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यों का लोकापर्ण एवं भूमिपूजन करते हुए नगरवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नगर पालिका परिसर अंतर्गत हॉस्पिटल चौक के समीत 12.50 लाख रुपये की लागत से स्थापित स्वर्गीय काका लरंगसाय की प्रतिमा का अनावरण किया। तत्पश्चात मंत्री नेताम ने चांदो चौक में 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नालंदा परिसर एवं 1 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मांगलिक भवन का विधिवत भूमिपूजन किया।

मंत्री ने कहा कि ये दोनों परियोजनाएँ क्षेत्र के सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। मंत्री नेताम ने कहा कि शासन द्वारा ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ कर जनजीवन को और अधिक सुगम बनाने का प्रयास जारी है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, आमनागरिकागण , अधिकारी, कर्मचारी मौजुद रहे।

वन विभाग की अवैध साल चिरान भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।

बलरामपुर।वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी अनिल कुमार के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम ने अवैध साल चिरान भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र बलरामपुर के अंतर्गत बीट कपिलदेवपुर में सर्च वारंट के आधार पर दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई, जहाँ से कुल 102 नग साल चिरान बरामद किए गए।
पहली कार्रवाई शिवबरत के घर में की गई, जहाँ टीम को 84 नग साल चिरान मिला, जिसका माप 0.997 घनमीटर पाया गया। इसके बाद दूसरी कार्रवाई हरदयाल के घर की गई, जहाँ से 18 नग साल चिरान बरामद हुआ, जिसका परिमाण 0.267 घनमीटर था। दोनों स्थानों से बरामद कुल 1.264 घनमीटर साल चिरान को विभाग ने जब्त कर लिया।
अवैध रूप से साल चिरान के संग्रहण और संरक्षण को गंभीर अपराध मानते हुए, संबंधित आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1) क तथा धारा 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई जंगलों में बढ़ रहे अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जप्ती एवं समूचे अभियोजन के दौरान वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें वन परिक्षेत्र अधिकारी बलरामपुर निखिल सक्सेना, वनपाल घनश्याम शर्मा, अनिल कुजूर, वनरक्षक देवीलाल, राजेश राम, धनसाय, श्रीमती प्रियंका सिंह, सुरेन्द्र सिंह और अजीत कुजूर प्रमुख रूप से शामिल थे। टीम ने समन्वित प्रयासों से कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
वन विभाग का कहना है कि आगे भी इस तरह की कड़ी निगरानी जारी रहेगी तथा अवैध लकड़ी तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बलरामपुर PHE विभाग की बड़ी कार्रवाई : 21 ठेकेदारों के 62 कार्य रद्द।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही, धीमी प्रगति और घटिया निर्माण गुणवत्ता को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने 21 ठेकेदारों के कुल 62 कार्यों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, जिनकी अनुमानित लागत करीब 137 करोड़ रुपये है।

कार्यपालन अभियंता पंकज जैन ने बताया कि कई ठेकेदारों ने कार्य प्रारंभ ही नहीं किए या अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई। वहीं कई स्थानों पर पानी टंकी और जलापूर्ति से जुड़े निर्माण कार्य भी अधूरे थे। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते विभाग ने यह कार्रवाई की है।

साथ ही, विभाग ने ठेकेदारों की लगभग 10 करोड़ रुपये की अमानत राशि राजसात करने और उन्हें आगामी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। जल जीवन मिशन के तहत कार्यों की धीमी गति और खराब गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई को विभाग की ‘शून्य सहिष्णुता नीति’ की शुरुआत माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से भविष्य में ठेकेदारों की लापरवाही पर अंकुश लगेगा और कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

जिन ठेकेदारों के कार्य निरस्त किए गए हैं, उनमें संजीव गुप्ता, घनश्याम दास अग्रवाल, अभिषेक चौबे, विजय कुमार, ओम श्री इंटरप्राइजेज, जी.पी. बिल्डकॉन, रवि रंजन कुमार राजा, कुलदीप कुमार गुप्ता, बालाजी कंस्ट्रक्शन, सज्जन कुमार अग्रवाल, साक्षी कंस्ट्रक्शन, आस्था कंस्ट्रक्शन, मां कामख्या ट्रेडर्स, सरगुजा ब्रिक्स, विकास इंजीनियरिंग, कृपाल कुशवाहा, उर्मिला कंस्ट्रक्शन, शिवेंद्र कंस्ट्रक्शन, कौशल कुमार, राज कंस्ट्रक्शन और उमा कंस्ट्रक्शन शामिल हैं।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग की इस कठोर कार्रवाई से ठेकेदारों के कामकाज पर कितना असर पड़ता है और क्या यह कदम जल जीवन मिशन की गति और गुणवत्ता को सुधारने में सहायक साबित होता है।