Sat. Oct 24th, 2026

NEWS DESK

शिक्षा विभाग में रिश्वत का खेल उजागर, एसीबी को बड़ी सफलता।

बलरामपुर जिले के शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता मिली है, जहां विशेष न्यायालय ने विकासखंड शिक्षा कार्यालय वाड्रफनगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व माध्यमिक शाला ढढ़िया में भृत्य पद पर कार्यरत नितेश रंजन पटेल का वर्ष 2013 से 2017 तक का लगभग 92 हजार रुपये एरियर्स भुगतान लंबित था। लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने विकासखंड शिक्षा कार्यालय वाड्रफनगर में संपर्क किया। आरोप है कि वहां पदस्थ सहायक ग्रेड-02 गौतम सिंह आयम ने सेवा पुस्तिका सत्यापन एवं बिल प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में पहले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी 12 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ।
प्रार्थी ने मामले की शिकायत एसीबी अम्बिकापुर कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर एसीबी ने 13 अगस्त 2024 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान आरोपी गौतम सिंह आयम को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने 8 अक्टूबर 2024 को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बलरामपुर में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त साक्ष्य एवं गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले को एसीबी की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, अतिथि शिक्षकों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर भी 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों की जांच एवं कार्रवाई में कितनी तत्परता दिखाता है।

जेके निजाम अंसारी सुदर्शन टुडे ब्यूरो चीफ।

अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।

बलरामपुर,रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

बलरामपुर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई,चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर। रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध परिवहन करते चार हाइवा वाहन जब्त।

बलरामपुर। रामानुजगंज जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में लगातार अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग एवं संयुक्त टीम द्वारा बलरामपुर और पस्ता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से गिट्टी परिवहन कर रहे चार हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार खनिज विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग की जा रही थी। अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की गई, जिसमें संबंधित वाहन चालकों द्वारा खनिज परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। दस्तावेजों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जा रही है, ताकि खनिज संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगने से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज परिवहन या उत्खनन की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पेयजल शिकायतों के निराकरण हेतु कंट्रोल रूम और टोल फ्री नंबर जारी।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान और सुचारू जल व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा उपखंड एवं विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेयजल संबंधी किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों अथवा टोल फ्री नंबर पर देकर शीघ्र निराकरण प्राप्त करें।
जारी आदेश के अनुसार विकासखंड कुसमी एवं शंकरगढ़ के लिए सहायक अभियंता उपखंड कुसमी प्रदीप केरकेट्टा को कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी दी गई है। उनसे मोबाइल नंबर 94076-80134 पर संपर्क किया जा सकता है। इसी प्रकार रामचंद्रपुर क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता उपखंड रामानुजगंज गुरुदेव सिंह कंवर का मोबाइल नंबर 93999-37660 जारी किया गया है।
वाड्रफनगर क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता विमलेश कुमार सिंह का मोबाइल नंबर 94060-29939 तथा बलरामपुर क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता सुनील उरांव का मोबाइल नंबर 79871-93334 निर्धारित किया गया है। राजपुर एवं शंकरगढ़ क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता सुश्री मंजु खलखो का मोबाइल नंबर 89594-14808 जारी किया गया है।
इसके अलावा कुसमी एवं शंकरगढ़ क्षेत्र के लिए सहायक अभियंता रमेश खलखो का मोबाइल नंबर 96691-67564, रामचंद्रपुर क्षेत्र के लिए विजय कुमार पावले का मोबाइल नंबर 93997-38186 तथा वाड्रफनगर क्षेत्र के लिए भीम राम का मोबाइल नंबर 62615-88789 निर्धारित किया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि नागरिक पेयजल से जुड़ी शिकायतों के लिए अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 18002330008 पर भी संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य गर्मी के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।

पुनह सामने आए फर्जी वारिस, क्या भू-माफियाओं की गहरी साजिश?

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक-1 में जमीन से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कथित फर्जी वारिसों, संदिग्ध नामांतरण और जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। स्थानीय निवासी प्रकाश मालाकार सहित अन्य लोगों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार मामला रामानुजगंज स्थित खसरा क्रमांक 4/11, रकबा 1.0920 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा हुआ है, जो राजस्व अभिलेखों में गहनी पिता टुक्की के नाम दर्ज बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ लोग स्वयं को गहनी का बेटा और नाती बताकर उक्त भूमि का फर्जी तरीके से नामांतरण कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में प्रकाश मालाकार, दिनेश गुप्ता, कृष्णा गुप्ता, दीपक गुप्ता, संतलाल गुप्ता और अन्य आवेदकों ने तहसीलदार रामानुजगंज को आवेदन सौंपकर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भी 14 अक्टूबर 2022 को इसी भूमि की कथित रूप से फर्जी रजिस्ट्री कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गहनी पिता टुक्की की लगभग 20 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को उनका वारिस बताकर जमीन की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। इस मामले को लेकर पहले भी तहसीलदार न्यायालय रामानुजगंज में नामांतरण संबंधी प्रकरण दर्ज हो चुका है। पूर्व में राजस्व आदेश-पत्र के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार द्वारा ग्राम पंचायत कड़िया के सचिव को आधार कार्ड सत्यापन के निर्देश दिए गए थे तथा संबंधित पक्षों को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया गया था। जांच के दौरान मामला तब और उलझ गया जब ग्रामसभा में प्रस्तुत एक प्रस्ताव में दावा किया गया कि गहनी उर्फ मंगरू नामक व्यक्ति अभी जीवित है और उसका संबंध ग्राम कड़िया से है।
ग्रामसभा में प्रस्तुत कथित वंशवृक्ष में यह भी उल्लेख किया गया कि गहनी उर्फ मंगरू के नाम से पूर्व में भूमि का विक्रय किया गया था। बाद में उस भूमि पर मकान निर्माण कर शेष भूमि को अलग-अलग लोगों को बेचे जाने की बात सामने आई। इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्व रिकॉर्ड की विश्वसनीयता और जमीन के दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रकाश मालाकार के अनुसार, इस मामले में कथित फर्जी भूस्वामी गहनी उर्फ मंगरू के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई करते हुए उसे जेल भी भेजा गया था। इसके बावजूद अब दोबारा नए दावों और कथित वारिसों के सामने आने से विवाद और गहरा गया है।
प्रकाश मालाकार ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी वारिस बनकर उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों की सत्यता की बारीकी से पड़ताल की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी कई निर्दोष लोग जमीन विवादों में फंस सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और क्या कथित फर्जी वारिसों एवं जमीन कारोबार से जुड़े लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई हो पाती है या नहीं।

खबर का असर: अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान हेतु डीईओ ने जारी किया आदेश

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लंबे समय से लंबित मानदेय भुगतान के मुद्दे पर आखिरकार प्रशासन हरकत में आ गया है। हाल ही में अतिथि शिक्षकों द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मानदेय भुगतान में हो रही देरी और परेशानियों को लेकर आवाज उठाई गई थी। इस मामले को मीडिया, विशेषकर जीकेजी न्यूज़ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी एम आर यादव द्वारा जारी आदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान हेतु राशि का पुनर्बंटन किया गया है। आदेश के अनुसार, मांग संख्या 27, स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1 करोड़ 98 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर संबंधित संस्थाओं को आबंटित की गई है। यह राशि प्राथमिक शिक्षा मद के तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी की गई है, जिसका उपयोग केवल अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए किया जाएगा।
डीईओ ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों (आहरण एवं संवितरण) को निर्देशित करते हुए कहा है कि आवंटित राशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाए। साथ ही सभी अभिलेखों का संधारण सही तरीके से किया जाए और ऑडिट के समय प्रस्तुत किया जाए। स्वीकृत राशि से अधिक व्यय या राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो, इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के 24 जून 2019 के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही भुगतान किया जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मानदेय का भुगतान नियमित कर्मचारियों के साथ प्रत्येक माह समय पर किया जाए और किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
इस कार्रवाई से जिले के सैकड़ों अतिथि शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने मानदेय के लिए परेशान थे। वहीं, प्रशासन की इस पहल को शिक्षकों ने सकारात्मक कदम बताते हुए समय पर भुगतान की अपेक्षा जताई है।