Fri. Oct 23rd, 2026

July 2026

भाजपा व्यवसाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक बने शैलेश गुप्ता, कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर

बलरामपुर–रामानुजगंज। भारतीय जनता पार्टी व्यवसाय प्रकोष्ठ, जिला बलरामपुर–रामानुजगंज के जिला संयोजक पद पर शैलेश गुप्ता की नियुक्ति के बाद जिलेभर में भाजपा कार्यकर्ताओं, व्यापारिक वर्ग और समर्थकों के बीच खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं की माने तो सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयाँ मिल रही हैं, वहीं विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ता एवं शुभचिंतक उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएँ दे रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस नियुक्ति को संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती देने वाला निर्णय बताया है।
शैलेश गुप्ता लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय एवं समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। वर्तमान में वे नगर पालिका परिषद रामानुजगंज में विधायक प्रतिनिधि के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। संगठनात्मक कार्यों में उनके अनुभव, सक्रियता और कार्यशैली को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें व्यवसाय प्रकोष्ठ के जिला संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

उन्होंने पूर्व में संयुक्त सरगुजा भाजपा के जिला मंत्री, भाजपा जिला बलरामपुर–रामानुजगंज में ओबीसी मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष, जिला महामंत्री, जिला मंत्री तथा नगर पंचायत के उपाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका, कार्यकर्ताओं से बेहतर समन्वय और जनहित के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने के कारण वे जिले के अनुभवी संगठनकर्ताओं में गिने जाते हैं।

राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ शैलेश गुप्ता सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं। क्षेत्र के विकास, सामाजिक समरसता और जनसेवा के कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में उनकी अच्छी पहचान और स्वीकार्यता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विभिन्न मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में व्यवसाय प्रकोष्ठ को नई दिशा मिलेगी। कार्यकर्ताओं का मानना है कि व्यापारी वर्ग की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने, संगठन के विस्तार तथा व्यापारियों को पार्टी से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
अपनी नियुक्ति पर शैलेश गुप्ता ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, प्रदेश एवं जिला संगठन, क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री रामविचार नेताम, वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने एवं व्यापारी वर्ग के हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

खबर का असर: वन भूमि अतिक्रमण मामले में विभाग सक्रिय, अतिक्रमित क्षेत्र में खैर बीज की बुवाई।

रामानुजगंज। जेकेजी न्यूज़ द्वारा वन भूमि अतिक्रमण के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। वन परिक्षेत्र रामानुजगंज के अंतर्गत बिट-नगरा, ग्राम पंचायत तेतरडीह के उत्तर टोला स्थित कक्ष क्रमांक पी-3417 में अतिक्रमण की शिकायतों के बीच विभाग ने अतिक्रमित क्षेत्र में खैर प्रजाति के बीजों की बुवाई कर वन भूमि के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
जानकारी के अनुसार, उक्त वन भूमि लंबे समय से अतिक्रमण को लेकर विवाद और शिकायतों का केंद्र बनी हुई थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और वन भूमि को पुनः हरित बनाने के उद्देश्य से खैर बीज की बुवाई का कार्य प्रारंभ किया। विभाग का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र में वन संपदा के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा भूमि को उसके मूल स्वरूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी।

वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन भूमि के संरक्षण और विकास के लिए वनरोपण जैसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यदि नियमित गश्त, सतत निगरानी और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई जारी रही, तो सरकारी वन भूमि को सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था की भी मांग की।
उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई के दौरान वनपाल सुसना भगत, वन रक्षक मंगल राम सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जेकेजी न्यूज़ द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद शुरू हुई विभागीय कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में वन भूमि के संरक्षण को लेकर नई उम्मीद जगी है।

वन भूमि अतिक्रमण को लेकर दो पक्षों में विवाद, मारपीट की नौबत; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग।

रामानुजगंज। वन भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत तेतरडीह के उत्तर टोला स्थित पी-9 भूमि में दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। जानकारी के अनुसार भूमि पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद के दौरान तीखी कहासुनी हुई और मामला मारपीट की नौबत तक पहुंच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि को लेकर एक पक्ष का कहना है कि राजकुमार सिंह के परिवार वर्ष 1998 से उक्त वन भूमि पर काबिज है। वहीं दूसरे पक्ष में विजय कुमार, संजय कुमार (पिता मेसर), राजेश (पिता केसर) तथा कामेश्वर उर्फ कोमल सिंह (पिता हरखू) सहित अन्य लोगों पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने तथा दबंगई दिखाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा विवादित भूमि पर दावा करते हुए उन्हें धमकाया जा रहा है और विरोध करने पर मारपीट की चेतावनी दी जा रही है। विवाद बढ़ने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने वन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या वन विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी थी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि पर वैधानिक अधिकार किसका है तथा विवाद के लिए कौन जिम्मेदार है।

रामानुजगंज वन विभाग की बड़ी कार्रवाई लकड़ी से भरा ट्रक जब्त।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से परिवहन की जा रही बहुमूल्य लकड़ी से लदे एक ट्रक को जब्त किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बलरामपुर वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेई के निर्देश एवं वन परिक्षेत्राधिकारी डॉ. दिलरुबा बनो के नेतृत्व में कनहर बैरियर, रामानुजगंज में नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रक क्रमांक CG 15 ED 9966 की जांच की गई।
जांच में पाया गया कि ट्रक में खम्हार, जामुन एवं नीलगिरि प्रजाति की कुल 89 नग लकड़ियां, जिनका कुल आयतन 22.074 सीएमटी था, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परिवहन की जा रही थीं। प्रथम दृष्टया दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लकड़ी सहित ट्रक को जब्त कर लिया।
मामले में वन अपराध क्रमांक 21972/09, दिनांक 9 जुलाई 2026 दर्ज किया गया है। जब्त ट्रक को अग्रिम कार्रवाई के लिए चोरपहारी डिपो में सुरक्षित खड़ा कराया गया है।
इस कार्रवाई में वनपाल दयाशंकर, विजय बर्मन, सुसना भगत, राजनाथ, पिंटू मालाकार, मंगल राम एवं निखिल सहित वन विभाग का अमला उपस्थित रहा।
वन विभाग ने बताया कि अवैध लकड़ी परिवहन एवं वन अपराधों के विरुद्ध आगे भी लगातार सघन जांच अभियान जारी रहेगा

जिला स्तरीय रोजगार मेला,1470 पदों पर होगी सीधी भर्ती।

बलरामपुर, रामानुजगंज कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, बलरामपुर द्वारा 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को प्रातः 10ः30 बजे से जनपद पंचायत बलरामपुर के सभाकक्ष में एक दिवसीय विशाल एवं निःशुल्क जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
रोजगार मेले में चिकित्सा (एस.आर. हॉस्पिटल, दुर्ग), तकनीकी (वेदांता स्किल स्कूल) एवं बैंकिंग (नीट इंटरएक्ट फाइनेंस बैंकिंग) सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। रोजगार मेला में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सीधी भर्ती की जाएगी।
जिसमें टेक्नीशियन के 150, सेल्स एग्जीक्यूटिव के 50, फिटर, वेल्डर, सोलर सिस्टम इंस्टॉलर, प्लंबर एवं टेक्नीशियन के 95, सुपरवाइजर के 75, सिक्योरिटी गार्ड के 620, कंप्यूटर ऑपरेटर के 40, डॉक्टर के 70, मेडिकल टेक्नीशियन के 35, नर्सिंग के 35, मैनेजर के 55, कुल 1,470 पदों पर भर्ती की जाएगी।
जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के पात्र एवं इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर रोजगार मेले में उपस्थित होकर रोजगार के अवसर का लाभ लें।

बलरामपुर डीईओ कार्यालय पर उठे सवाल: अभिभावक ने पूछा– क्या राजनीतिक दबाव या रिश्वत का खेल।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अभिभावक राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत अध्ययनरत उनकी पुत्री के निजी विद्यालय द्वारा वर्षों तक कथित रूप से अवैध शुल्क वसूला गया। इस संबंध में लिखित शिकायत, बैंक भुगतान के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
अभिभावक राकेश कुमार के अनुसार, 23 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए आवेदन में साईं बाबा पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर आरटीई के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। शिकायत में कहा गया है कि शुल्क नहीं देने पर छात्रा के साथ कथित भेदभाव किया गया, पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं तथा विद्यालय के आधिकारिक व्हाट्सएप समूह में भी उसे शामिल नहीं किया गया। आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं, जिनमें विद्यालय से जुड़े खाते में ऑनलाइन भुगतान का दावा किया गया है।
अभिभावक राकेश कुमार का कहना है कि पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई आशंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध आरटीई अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने तथा छात्रा के शिक्षा के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। हालांकि राजनीतिक दबाव या रिश्वत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित विद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आया है। अब लोगों की निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाती है या नहीं।

एनएच-343 पर बरसात में होने वाली परेशानियों को लेकर सक्रिय हुए नपा अध्यक्ष, कलेक्टर ने दिए तत्काल निर्देश।

रामानुजगंज। नगर से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-343) के निर्माण कार्य के कारण बरसात के मौसम में संभावित समस्याओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी से मुलाकात कर नगरवासियों की परेशानियों से अवगत कराया।
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि एनएच-343 के निर्माण कार्य के चलते अग्रसेन चौक, दीनदयाल मांगलिक भवन, चांदनी चौक तथा लरंगसाय चौक सहित कई स्थानों पर सड़क निर्माण और बिजली के खंभों के स्थानांतरण का कार्य बाकी है। यदि नगर में बरसात के दौरान  निर्माण कार्य जारी रहा तो कीचड़, जलभराव और अवरुद्ध मार्ग के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों एवं राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
नगरवासियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं एनएच-343 निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान आमजन की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्माण कार्यों के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान ऐसे निर्माण कार्य, जिनसे नगर में यातायात प्रभावित हो सकता है, उन्हें फिलहाल स्थगित रखा जाए तथा आवश्यक सुरक्षा और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कलेक्टर के त्वरित निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में निर्माण कार्य पर रोक लगने से नगरवासियों को राहत मिलेगी और लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि बरसात समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य सुव्यवस्थित ढंग से कराया जाएगा।

आरटीआई में लापरवाही पड़ी भारी, पंचायत सचिव पर ₹25 हजार का जुर्माना।

सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने ग्राम पंचायत करजी के पंचायत सचिव एवं तत्कालीन जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) जयप्रताप सिंह पर ₹25,000 का अधिकतम अर्थदंड लगाया है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन ने पारित आदेश में जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।
मामला अपील प्रकरण क्रमांक A/5209/2023 से जुड़ा है। पटना परसापारा निवासी प्रिंसु पाण्डेय ने 9 अक्टूबर 2022 को आरटीआई आवेदन प्रस्तुत कर वर्ष 2020 से 2022 के दौरान 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायत करजी को प्राप्त राशि तथा उससे कराए गए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण मांगा था। आवेदन में स्वीकृत कार्यों की सूची, बजट, तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति, भुगतान अभिलेख, मस्टररोल, लेजर रजिस्टर, उपयोगिता प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई थीं।
निर्धारित 30 दिनों की अवधि में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद प्रथम अपील में भी आवेदक के पक्ष में आदेश होने के बावजूद संबंधित अधिकारी ने सूचना देने में लापरवाही बरती। मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचने पर कई अवसर दिए गए, लेकिन आयोग के अनुसार न तो संतोषजनक जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही अंतिम सुनवाई तक पूरी सूचना उपलब्ध कराई गई।
आयोग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत ₹25,000 का अर्थदंड लगाने के साथ निर्देश दिया कि यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूलकर शासन के खाते में जमा कराई जाए। साथ ही धारा 20(2) के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करने तथा जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के सीईओ को 30 दिनों के भीतर आवेदक को समस्त सूचना निःशुल्क उपलब्ध कराकर अनुपालन प्रतिवेदन आयोग में प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
सूचना आयोग के इस फैसले को पारदर्शिता, जवाबदेही और आरटीआई अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

रामानुजगंज सत्र न्यायालय के आदेश से प्रशासन में हड़कंप।

बलरामपुर रामानुजगंज जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) सत्र न्यायालय रामानुजगंज के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है। न्यायालय ने मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में पारित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर पुलिस विभाग के कैदियों के परिवहन में प्रयुक्त डग्गा वाहन को कुर्क करने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी हेमंत सराफ के आदेश पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायण यादव एवं अन्य की ओर से दायर मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एम.ए.सी. क्रमांक 154/2021) में माननीय उच्च न्यायालय ने 3 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को ब्याज सहित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर आवेदकों ने निष्पादन की कार्रवाई शुरू कराई।
आवेदकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-21 नियम-30 के तहत जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में निष्पादन याचिका प्रस्तुत की। याचिका में न्यायालय से शासन की संपत्ति कुर्क कर अधिनिर्णय राशि की वसूली कराने की मांग की गई थी।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रथम चरण में बलरामपुर से रामानुजगंज न्यायालय तक कैदियों के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले पुलिस के डग्गा वाहन को कुर्क करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुपालन में संबंधित वाहन को न्यायालय परिसर में जप्त कर लिया गया। इस कार्रवाई की दिनभर न्यायिक एवं प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार, निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के आठ अन्य वाहनों, जिनमें बोलेरो वाहन एवं पुलिस बस भी शामिल हैं, का उल्लेख किया गया है। यदि शासन द्वारा शीघ्र ही क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं कराई जाती है तो न्यायालय इन वाहनों की भी कुर्की और आवश्यकतानुसार नीलामी की कार्रवाई कर सकता है।
सरकारी विभाग के वाहन की कुर्की जैसी कार्रवाई विरले ही देखने को मिलती है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश न्यायालय के निर्णयों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने तथा पीड़ित पक्ष को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सख्त संदेश माना जा रहा है।

दलहन-तिलहन फसल लेने पर किसानों को मिलेगा 15 हजार रुपये।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संभावित अल-नीनो की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने जिले के किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में मानसून में देरी, सामान्य से कम वर्षा एवं सूखे जैसी परिस्थितियों की संभावना को देखते हुए किसानों को वैज्ञानिक खेती एवं समय पर उचित निर्णय लेने की आवश्यकता है, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
कृषि उपसंचालक रामचंद्र भगत ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को धान की फसल पर अत्यधिक निर्भरता कम करते हुए कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से दलहन, तिलहन, मक्का एवं अन्य फसलें अपनाकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा संचालित कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का अथवा अन्य वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ ही कम वर्षा की स्थिति में खेती के जोखिम को भी कम किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को मौसम पूर्वानुमान के आधार पर फसल की योजना बनाने, उन्नत कृषि तकनीकों का उपयोग करने तथा जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
विभाग ने कहा कि फसल विविधीकरण से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, उत्पादन लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। कृषि संबंधी किसी भी समस्या या तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि कार्यालय अथवा कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने विश्वास जताया है कि समय पर उचित कृषि प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और फसल विविधीकरण को अपनाकर किसान संभावित कम वर्षा की स्थिति में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे।