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2026

आकांक्षा टोप्पो के समर्थन में युवक की न्याय पदयात्रा,किसानों व आम जनता से मिला समर्थन आगे की रणनीति पर मंथन।

बलरामपुर। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो द्वारा किसानों और समाज से जुड़े मुद्दों को उठाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में बलरामपुर जिले से एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया है, जहां एक युवक आकांक्षा टोप्पो के समर्थन में पैदल न्याय पदयात्रा पर निकला।

बलरामपुर जिले के युवक अमानत भगत सिंह द्वारा निकाली गई यह पदयात्रा अब तक बलरामपुर से सरगुजा जिले तक पूरी हो चुकी है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों, किसानों और युवाओं से संवाद किया तथा सामाजिक मुद्दों को लेकर जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

अमानत भगत सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि किसानों, जल-जंगल-जमीन, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध, हत्या और आदिवासी समाज से जुड़े मूल सवालों को लेकर निकाली जा रही है। उनका कहना है कि जब कोई आम नागरिक या युवा इन मुद्दों को उठाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को समस्याओं के समाधान की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

यात्रा के दौरान अमानत भगत सिंह ग्रामीण इलाकों में किसानों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े संकट, भूमि अधिग्रहण, वन अधिकार, रोजगार की कमी और कानून-व्यवस्था की स्थिति जैसे विषय लंबे समय से उपेक्षित हैं, जिन पर अब खुलकर चर्चा और कार्रवाई की आवश्यकता है।

अमानत भगत सिंह के अनुसार, सरगुजा तक की न्याय पदयात्रा पूर्ण हो चुकी है, जबकि सरगुजा से बिलासपुर हाईकोर्ट तक की यात्रा को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आगे की यात्रा के दौरान सरगुजा संभाग की मूल समस्याओं को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर ठोस पहल करती है तो यह यात्रा अपने उद्देश्य को सार्थक मानेगी, अन्यथा आगे की रणनीति जनसमर्थन के साथ तय की जाएगी।

फिलहाल यह न्याय पदयात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे किसानों व आम जनता से मिल रहा समर्थन प्रशासन और शासन के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

रामानुजगंज आखिर कब तक मिलेगी आवारा पशुओं से निजात।

रामानुजगंज नगर में आवारा पशुओं की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। नगर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशी और कुत्ते आम नागरिकों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन चुके हैं। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

नगर के मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में आवारा पशुओं का जमावड़ा आम बात हो गई है। सुबह से लेकर देर रात तक सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन दोपहिया वाहन सवार इनके कारण दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे कई लोग घायल भी हो चुके हैं। खासकर रात के समय यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है। वहीं, आवारा कुत्तों का आतंक भी लोगों में भय का कारण बना हुआ है। अब तक कई नागरिक, महिलाएं और बच्चे कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। मोहल्लों में बच्चे बाहर खेलने से डरने लगे हैं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।

नगरवासियों का कहना है कि नगर पालिका केवल आश्वासन तक सीमित रह गई है। न तो पशु पकड़ने की ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल। लोगों ने कहा कि प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि नगर वासियों को आवारा पशुओं से मुक्ति मिल सके और आमजन सुरक्षित रूप से सड़क पर आवागमन कर सकें।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामानुजगंज के नागरिकों को इस समस्या से निजात कब मिलेगी।

डीईओ ने बैठक में परीक्षा सहित अन्य कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों की दिए दिशा-निर्देश।

बलरामपुर–रामानुजगंज। जिला शिक्षा अधिकारी एम. आर. यादव के निर्देशानुसार शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलरामपुर के सभागार में विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों तथा शैक्षिक समन्वयकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा तथा विभिन्न प्रशासनिक एवं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश देना रहा। बैठक में सर्वप्रथम त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने प्रत्येक संस्था के परीक्षा परिणामों के आधार पर शैक्षणिक गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली। समस्त प्राचार्यों ने अवगत कराया कि पाठ्यक्रम समय से पूर्व पूर्ण करा लिया गया है। “मिशन-40 दिन” कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन रिवीजन, मॉडल प्रश्नपत्र अभ्यास एवं अन्य सहायक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। डीईओ ने बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में उल्लास मेला की पूर्व तैयारियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। समस्त ग्राम प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे डोर-टू-डोर सर्वे कर 25 जनवरी 2026 तक सभी साक्षरों का चिन्हांकन पूर्ण करें तथा 26 जनवरी 2026 को ग्राम स्तर पर आयोजित उल्लास मेला में इसकी घोषणा सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त बीएसके (BSK) एप में सभी शिक्षकों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने तथा प्रतिदिन चेक-इन एवं चेक-आउट के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। छात्रवृत्ति संबंधी समस्त कार्य शीघ्र पूर्ण कराने एवं लंबित ई-केवाईसी के निराकरण हेतु खाद्य विभाग से समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। आपार आईडी जनरेशन में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु तहसीलदार बलरामपुर सुनील कुमार गुप्ता द्वारा जन्म प्रमाण पत्र बनाने की समस्त प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। सभी शैक्षिक समन्वयकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने संकुलों में पात्र छात्र-छात्राओं के जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन संकुल स्तर पर ही पूर्ण कराएं, ताकि एक ही दिन में पालकों को बुलाकर प्रमाण पत्र जारी किया जा सके और आधार सुधार के बाद अधिक से अधिक विद्यार्थियों की आपार आईडी जनरेट हो सके।

इसके साथ ही परीक्षा पूर्व सभी विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था दुरुस्त करने, अनावश्यक व टूटे-फूटे फर्नीचर तथा सामग्री का निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। सरगुजा ओलंपिक के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं का पंजीयन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) हीरालाल पटवा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर संजु कनौजियां, विकासखंड स्रोत समन्वयक (साक्षरता) अनिल तिवारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक बलरामपुर सुरेश सिंह सहित विकासखंड के सभी प्राचार्य, शैक्षिक समन्वयक एवं ग्राम प्रभारी उपस्थित रहे।

शालेय शिक्षक संघ की बड़ी जीत, धरने से पहले ही मानी गईं मांगें।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रखंड रामचंद्रपुर में शालेय शिक्षक संघ के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से ठीक पहले ही शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। एरियर्स राशि के भुगतान का आदेश जारी हुआ, वहीं वर्षों से कार्यालय विकासखंड रामचंद्रपुर में संलग्न लेखापाल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया गया। इस निर्णय से शिक्षकों में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने इसे संघ की बड़ी जीत बताया। धरना स्थल पर एकत्रित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विक्ट्री साइन के साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह सकारात्मक और उत्सवपूर्ण नजर आया। प्रदर्शन से पूर्व एमएस मचवादमर में पदस्थ शिक्षिका बीना मंडावी ने आरोप लगाते हुए बताया कि संलग्न लेखापाल द्वारा उन्हें एक विशेष बैंक में खाता खुलवाने का दबाव बनाया जा रहा था और ऐसा न करने पर वेतन रोकने की धमकी दी जाती थी। साथ ही उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने को विवश किया जा रहा था।

इस गंभीर मुद्दे को छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे ने संज्ञान में लेते हुए मजबूती से शिक्षिका का साथ दिया। महिला कार्यकारिणी ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती सिम्मी गुप्ता एवं कार्यकारी महिला ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती विभा कश्यप ने भी विभाग के समक्ष शिक्षकों की समस्याएं स्पष्ट रूप से रखीं और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों की एकजुटता और दबाव का ही परिणाम रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्यालय से संलग्नीकरण समाप्त कर लेखापाल सूर्य प्रताप कुशवाहा को एकतरफा रिलीव कर दिया। इस निर्णय की सूचना मिलते ही धरना स्थल पर पहुंच रही भीड़ में खुशी की लहर दौड़ गई। आज के कार्यक्रम में विकासखंड की लगभग सभी शालाओं से शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप चौबे, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप सहित बड़ी संख्या में संघ पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। शिक्षकों ने इसे संगठन की एकजुटता और संघर्ष की जीत बताते हुए भविष्य में भी इसी तरह अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

 

सरगुजा ओलंपिक का आयोजन युवाओं और महिलाओं को मिलेगा खेल मंच।

बलरामपुर खेल प्रतिभा को पहचान कर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने सरगुजा ओलंपिक 2025-26 का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन में कुल 12 खेलों के खेल प्रतियोगिताएं विकासखंड जिला एवं संभाग स्तर पर आयोजित किए जायेंगे। प्रतियोगिता में 12 खेलों में एथलेटिक्स 100, 200, 400 मीटर लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, रिले रेस, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो खो, वॉलीबॉल, बास्केटबाल, रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए, जिला स्तर पर हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिता की जानी है। ओलंपिक खेल आयु वर्ग अनुसार दो वर्गों में आयोजन किया जाएगा जिसमें जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष एवं सीनियर वर्ग में 17 से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। खेल में शामिल होने वाले प्रतिभागी 25 जनवरी तक https://rymc.cg.gov.in/sargujaolympicw@wz  दिए गए लिंक में आवेदन कर सकते हैं।

एरियर्स सहित अन्य मांगों को लेकर शालेय शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर का शिक्षा विभाग इन दिनों शिक्षकों के असंतोष को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। शालेय शिक्षक संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एरियर्स सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शिक्षा विभाग के कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 21 जनवरी 2026 को बीईओ कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षक संघ का कहना है कि पिछले दो वर्षों से अधिक समय से पदोन्नत प्रधान पाठक, एलबी संवर्ग के शिक्षक तथा नवीन नियुक्त सहायक शिक्षकों का एरियर्स भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक उन्हें उनके देय राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। संघ ने कहा कि आर्थिक संकट के कारण कई शिक्षक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कार्यालय में संलग्न बाबू को लेकर भी शिक्षकों में भारी रोष है। संघ का आरोप है कि राज्य स्तर से उक्त बाबू को हटाने के आदेश जारी होने के बावजूद वह अब भी कार्यालय में कार्यरत है और अधिकांश समस्याओं की जड़ वही है। संघ का मानना है कि एरियर्स भुगतान सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जानबूझकर देरी की जा रही है। शिक्षक संघ ने पूर्व में दिए गए ज्ञापनों का हवाला देते हुए कहा कि यदि इस बार भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि बीईओ कार्यालय का घेराव एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से प्रदीप चौबे, राज वैभव सिंह, संजय यादव, नंद गुप्ता, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप, नीमा गुप्ता, ममता ठाकुर, माइकेला लकड़ा, साधना एक्का, ममता मिंज, माधुरी साहू, कमल नयनी, सोनिया ओयमा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

आकांक्षा टोप्पो पर एफआईआर की मांग: क्या भाजपा में डर या राजनीतिक का हिस्सा।

रामानुजगंज। सोशल मीडिया पर सक्रिय आकांक्षा टोप्पो द्वारा प्रदेश के मंत्री राम विचार नेताम के खिलाफ कथित विवादित बयान और ऑडियो क्लिप साझा किए जाने के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है, जिसके चलते आज रामानुजगंज थाना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि आकांक्षा टोप्पो जानबूझकर मंत्री राम विचार नेताम की छवि धूमिल करने और राजनीतिक माहौल को खराब करने का प्रयास कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के कथित अपशब्द और विवादित पोस्ट समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं, इसलिए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर, सूत्रों के माने तो आकांक्षा टोप्पो ने अपने बचाव में कहा है कि उन्होंने जो भी साझा किया है, वह जनहित से जुड़ा मामला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल किया है, जिसमें कथित तौर पर एक किसान और मंत्री राम विचार नेताम के बीच फोन पर हुई बातचीत सुनाई दे रही है। आकांक्षा का दावा है कि इस बातचीत में किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है।
इस पूरे मामले पर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है कि क्या भाजपा की यह एफआईआर मांग वास्तव में कानून-व्यवस्था का मामला है या फिर विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश। कई सामाजिक कार्यकर्ता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे मंत्री की प्रतिष्ठा और गरिमा से जोड़कर देख रही है।
फिलहाल पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और मामले की जांच की बात कही है। इस विवाद ने रामानुजगंज की स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

तकनीकी सहायक एवं एमटीएस पदों की पूर्ति हेतु निविदा आमंत्रित।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले में होने वाले भारत की जनगणना-2027 कार्य के लिए के समस्त तहसीलों एवं नगरीय निकायों में तकनीकी सहायक हेतु कुल 19 कार्मिकों तथा एम.टी.एस. (चतुर्थ श्रेणी) 01 कार्मिक की माह फरवरी 2026 से जून-2027 तक कुल 17 माह की अवधि के लिए एजेन्सी के माध्यम से नियुक्ति किया जाना है। इस हेतु इच्छुक पंजीकृत फर्मों/प्लेसमेंट एजेंसी/लेबर सप्लायर/कॉन्ट्रैक्टर /रजिस्टर एनजीओ से 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 03.00 बजे तक बन्द लिफाफे में दर कार्यालय कलेक्टर में आमंत्रित किया गया है। प्राप्त निविदा 30 जनवरी 2026 को शाम 4 बजे खोला जायेगा। निविदा की शर्ते, निविदा का प्रारूप आदि विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेबसाईट  www.balrampur.cg.gov.in एवं कार्यालय के सूचना पटल में अवलोकन किया जा सकता है।

तातापानी महोत्सव 2026 में पवन पाण्डेय की शानदार प्रस्तुति,

तातापानी के मेला पिया’ पर झूमे दर्शक।

बलरामपुर/रामानुजगंज। जिले के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव 2026 में क्षेत्रीय लोक कलाकार पवन पाण्डेय ने अपनी धमाकेदार और ऊर्जावान प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जहां उनके लोकप्रिय गीत ‘तातापानी के मेला पिया’ पर हजारों दर्शक झूमते नजर आए। पूरे परिसर में तालियों की गड़गड़ाहट और दर्शकों की उत्साही आवाजें गूंजती रहीं, जिससे माहौल पूरी तरह संगीतमय हो गया।

कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने पवन पाण्डेय की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। कई दर्शकों ने कहा कि उनकी गायकी में क्षेत्र की मिट्टी की खुशबू और स्थानीय संस्कृति की जीवंत झलक साफ दिखाई देती है, जो सीधे लोगों के दिलों को छू जाती है। लोगों ने इसे इस वर्ष के तातापानी महोत्सव की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में से एक बताया।

इस अवसर पर पवन पाण्डेय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यदि उन्हें पर्याप्त समय और मंच मिले, तो वे तातापानी महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में और भी बेहतर, रचनात्मक एवं विशिष्ट प्रस्तुति दे सकते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिले और क्षेत्र के कलाकारों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता सिर्फ उन्हें उचित अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन देने की है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि अक्सर स्थानीय कलाकारों को पर्याप्त समय नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा बाहरी नामचीन ग्रुपों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि क्षेत्रीय कलाकारों को हाशिए पर रखा जाता है। उन्होंने इसे स्थानीय कला और संस्कृति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी इसका कारण बनती है। अंत में पवन पाण्डेय ने जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में तातापानी महोत्सव और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर और प्रोत्साहन मिलेगा, ताकि वे अपनी कला के माध्यम से जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

तातापानी महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 667 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात ।

बलरामपुर रामानुजगंज जिले के प्रसिद्ध तातापानी महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 667 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन/शिलान्यास किया। इसमें 323 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत के 140 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 343 करोड़ 61जज लाख रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास शामिल है।

कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए 25 स्टॉलों का अवलोकन किया। इन स्टॉलों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी आमजन को दी गई। ट्राइबल फूड स्टॉल में आदिवासी व्यंजनों ने सभी को आकर्षित किया, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों ने जनजागरूकता का संदेश दिया।

प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार श्री शिवमंगल के साथ चाक पर मिट्टी डालकर स्वयं चक्की चलाई। इसके साथ ही एकलव्य शंकरगढ़ की छात्राओं द्वारा तैयार “मदर ऑफ नेचर” स्कल्पचर को देखकर उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को उनकी स्केच भी भेंट की । इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत विभिन्न सामग्रियों का भी वितरण किया।

इस अवसर पर समारी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री राम सेवक पैंकरा ,धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।