Fri. Oct 23rd, 2026

August 2026

रामानुजगंज सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति, हो सकता है कभी भी बड़ा हादसा।

रामानुजगंज। नगर के प्रमुख सब्जी मार्केट परिसर की जर्जर स्थिति अब लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। लंबे समय से परिसर में बनी अव्यवस्थाओं और जर्जर हिस्सों के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और आम नागरिक सब्जी खरीदने के लिए यहां पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सब्जी मार्केट शहर के व्यस्ततम स्थानों में शामिल है, जहां सुबह से लेकर शाम तक काफी भीड़ रहती है। परिसर की जर्जर स्थिति के बीच यदि किसी हिस्से का मलबा या निर्माण सामग्री गिरती है अथवा कोई अन्य दुर्घटना होती है, तो इसकी चपेट में व्यापारी और ग्राहक आ सकते हैं। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जर्जर हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
मामले को लेकर नगर पालिका अधिकारी से बात की गई तो। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने संबंधित समस्या का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा जर्जर परिसर की स्थिति सुधारने के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे, ताकि सब्जी मार्केट में आने वाले व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

रामानुजगंज सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति, क्या प्रशासन कर रहा बड़े हादसे का इंतजार ।

रामानुजगंज। नगर के प्रमुख सब्जी मार्केट परिसर की जर्जर स्थिति अब व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। लंबे समय से परिसर में बनी अव्यवस्थाओं और जर्जर हिस्सों के चलते यहां कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है। मार्केट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, ग्राहक और आम नागरिक पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सब्जी मार्केट शहर के व्यस्ततम स्थानों में शामिल है। सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि जर्जर हिस्से का कोई मलबा या निर्माण सामग्री अचानक गिरती है अथवा किसी अन्य कारण से दुर्घटना होती है, तो इसकी चपेट में व्यापारी और ग्राहक आ सकते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से सब्जी मार्केट परिसर का तत्काल निरीक्षण कराने, जर्जर हिस्सों को चिन्हित करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार में रोजाना आने वाले लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

CMO ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन

मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार से बात की गई। उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। CMO ने संबंधित स्थान का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखने वाली बात होगी कि नगर पालिका प्रशासन सब्जी मार्केट की जर्जर स्थिति को लेकर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि किसी अप्रिय घटना के घटित होने का इंतजार न किया जाए और तत्काल आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बाजार में आने वाले व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे।

महावीरगंज में ग्रेफाइट केमिकल प्लांट पर गंभीर आरोप, नदी में जहरीला पानी छोड़ने की शिकायत।

रामानुजगंज। ग्राम पंचायत महावीरगंज स्थित एक ग्रेफाइट केमिकल प्लांट पर कथित रूप से रासायनिकयुक्त गंदा एवं जहरीला पानी बिना उपचार के नदी में बहाए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्रामवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रामानुजगंज को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्लांट से निकलने वाला रासायनिकयुक्त पानी सीधे नजदीकी नदी में पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग आसपास के किसान खेती, पशुपालक अपने मवेशियों तथा ग्रामीण दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। कथित रूप से रसायनयुक्त पानी के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने और पशुओं के प्रभावित होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि नदी के पानी के संपर्क में आने से कुछ लोगों के शरीर पर छाले एवं त्वचा संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पहले भी मौखिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कथित रूप से नदी में रासायनिक पानी का बहाव बंद नहीं हुआ।

फसल और पशुधन को नुकसान का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि नदी के पानी का उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए किए जाने से धान सहित अन्य फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिकायत में किसानों की फसल खराब होने तथा कुछ पशुओं के असमय मरने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी में रासायनिक पानी का प्रवाह नहीं रोका गया तो आने वाले समय में जन-स्वास्थ्य, कृषि और पशुधन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

जांच टीम गठित कर नदी के पानी का सैंपल लेने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम भेजकर नदी के पानी और प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक परीक्षण एवं सैंपलिंग कराई जाए। साथ ही कथित रूप से नदी में रसायन बहाए जाने पर तत्काल रोक लगाने, प्रभावित किसानों एवं पशुपालकों को हुए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने तथा जांच में दोषी पाए जाने पर प्लांट प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज, क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, जिला पंचायत सीईओ, उप संचालक कृषि, उप संचालक पशु चिकित्सा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, थाना प्रभारी रामानुजगंज तथा चौकी प्रभारी विजयनगर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की जांच कब तक कराते हैं और नदी में कथित रासायनिक प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

जिला स्तरीय वृहद रोजगार मेला 301 पदों पर मिलेगा रोजगार का अवसर।

बलरामपुर, रामानुजगंज जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, बलरामपुर द्वारा 17 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से जनपद पंचायत सभाकक्ष, बलरामपुर में जिला स्तरीय वृहद निःशुल्क रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियां शामिल होकर कुल 301 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।
रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। चयन प्रक्रिया सीधे साक्षात्कार के माध्यम से की जाएगी। जिसमें फिटर, इलेक्ट्रिशियन, साइट सुपरवाइजर, सर्विस सुपरवाइजर, सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, फील्ड ऑफिसर, रिपोर्टर, ब्यूरो चीफ, सर्विस इंचार्ज एवं स्टोर इंचार्ज सहित विभिन्न पदों के लिए भर्ती की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार 10 हजार रुपये से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन प्रदान किया जाएगा। जिसमें कार्यस्थल बलरामपुर, सूरजपुर, अंबिकापुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रहेगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के सभी पात्र एवं इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन, बायोडाटा, पासपोर्ट आकार के फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल एवं छायाप्रति के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

रामानुजगंज क्षेत्र में बड़ा हादसा, करंट की चपेट में पशु की मौत, इसका जिम्मेदार कौन?

रामानुजगंज। नगर पालिका क्षेत्र में भारत माता चौक के समीप एक बड़ा हादसा उस समय हो गया, जब खुले बिजली करंट की चपेट में आने से एक पशु की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उसी समय कोई राहगीर, बच्चा या बुजुर्ग वहां से गुजर रहा होता, तो एक बड़ा मानवीय हादसा भी हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बिजली विभाग और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली संबंधी खामियों की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए। परिणामस्वरूप आज एक बेजुबान पशु को अपनी जान गंवानी पड़ी।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कौन है। साथ ही दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्षेत्रवासियों को कहना है कि नगर के सभी बिजली पोल, खुले तार और अन्य संभावित खतरनाक स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
फिलहाल घटना के बाद लोगों में भारी नाराजगी है और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर कांग्रेस का विरोध तेज।

प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला, ब्लॉक एवं नगर स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में स्मार्ट मीटर के विरोध में जनजागरण अभियान तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

बैठक के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़े अनुभवों एवं बिजली बिलों के संबंध में जानकारी एकत्रित करने के लिए प्रपत्र भी भरवाए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वृद्धि हुई है, जिससे गरीब, श्रमिक, किसान एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

 

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी ब्लॉक, नगर एवं ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दों की जानकारी देंगे तथा उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इसके साथ ही आगामी दिनों में चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की मांगों पर ध्यान नहीं देती और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

 

बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, पूना सिंह, रामनरेश पटेल, रफीक मेमन, ब्लॉक अध्यक्ष सौरव मिश्रा, ओमप्रकाश गुप्ता, बिलाल खान, नासिर खान, शरण सिंह, अकरम मंसूरी, जगदीश मधुकर, मकसूद आलम, भावेश जैन, दीपक श्रीवास्तव, अमोल सिंह, अमर सिंह, अज्जू रवि, पार्षद इमरान खान, आशीष राय, निर्मला चतुर्वेदी, रोमा चटर्जी, निखिल सहित जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

सड़क निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग पर उठे सवाल,

रामानुजगंज। तामेश्वरनगर–आरागाही हवाई पट्टी मार्ग के डामरीकरण कार्य के लिए रखी गई सरकारी निर्माण सामग्री के कथित दुरुपयोग को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। युवा कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे प्रकरण को उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत के लिए डंप की गई चिप्स, गिट्टी और डामर का उपयोग निर्धारित कार्यों में न होकर निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि उक्त सामग्री का उपयोग भवरमाल डीएवी स्कूल मार्ग, आरागाही, केरवाशीला तथा रामानुजगंज मार्ग के गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाएगा, लेकिन इसके विपरीत सामग्री को जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से अन्य स्थानों पर ले जाए जाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 150 से 200 ट्रैक्टर निर्माण सामग्री विभिन्न गांवों तक पहुंचाई गई तथा प्रत्येक ट्रैक्टर सामग्री 1500 से 2000 रुपये में बेचे जाने की बात कही जा रही है। यह सामग्री भवरमाल, नगरा-धनपुरी, तामेश्वरनगर, केरवाशीला और कंचनगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कुछ जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

इधर भवरमाल, नगरा-धनपुरी, तामेश्वरनगर और केरवाशीला मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से आवागमन जोखिमभरा हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी स्कूल बस, साइकिल और पैदल विद्यालय पहुंचते हैं। किसानों, मरीजों तथा आम नागरिकों को भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है तो उसका उपयोग तत्काल सड़क की मरम्मत में किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सड़क की हालत लगातार बिगड़ रही है, जबकि निर्माण सामग्री के कथित रूप से अन्यत्र उपयोग और बिक्री की चर्चाएं लगातार सामने आ रही हैं।
युवा कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकारी निर्माण सामग्री का दुरुपयोग हुआ है तो यह जनता के धन और विकास कार्यों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रामानुजगंज छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

छात्रावास निर्माण की मांग तेज,यूथ सर्कल व छात्रों ने सौंपा ज्ञापन।

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रामानुजगंज आने वाले छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर छात्रावास निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल (सरगुजा विभाग, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज) के युवा कार्यकर्ताओं एवं शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्राचार्य महोदया के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय परिसर में बालक एवं बालिका छात्रावास की स्थापना की मांग की ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर एवं उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जिले का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां प्रतिदिन वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की हानि होती है।

ज्ञापन में विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि परिवहन सुविधाएं सीमित होने के कारण कई छात्राओं को देर शाम तक आवागमन करना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी छात्रावास के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाते हैं।

युवा प्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि महाविद्यालय में शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास, अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।

स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल एवं छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के व्यापक हित, सुरक्षा एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्य, महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।